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मौसम के उतार-चढ़ाव से किसानों की बढ़ी मुश्किलें
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मौसम के उतार-चढ़ाव से किसानों की बढ़ी मुश्किलें
बारिश के साथ हवा चलने से ठंड और गलन भी बढ़ी
अधिकतम और न्यूनतम तापमान भी लुढ़का
सचित्र
अमर उजाला ब्यूरो
पीडीडीयू नगर। तकरीबन एक महीने से मौसम के उतार-चढ़ाव और बेमौसम बारिश अब किसानों को भारी पड़ने लगी है। बुधवार को दोपहर में अचानक मौसम फिर करवट ले लिया। आसमान में बादल के साथ हल्की बूंदाबांदी हुई। बारिश के साथ तेज हवा चलने से ठंड और गलन भी बढ़ गई है। वहीं गेहूं को छोड़कर दलहनी और तिलहनी फसलें तैयार होने लगी हैं। इससे उनके नुकसान होने का भय किसानों को सताने लगा है। बारिश और हवा चलने से तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है।
फरवरी के शुरूआती दौर की बारिश से तो किसानों में खुशी थी। तब गेहूं सहित दलहनी-तिलहनी और सब्जी की फसलों के लिए बारिश फायदेमंद साबित हुई थी। लेकिन अब गेहूं को छोड़कर बाकी फसलों के लिए बारिश अब नुकसान पहुंचाने लगी है। सरसों, तीसी, अरहर, मसूर, मटर की फसल अब पकनी शुरू हो गई है। वहीं आलू भी बारिश से सड़ने लगेगा। इससे किसान चिंतित होने लगे हैं। वहीं कभी तेज धूप तो कभी मौसम ठंडा होने से बीमारी भी होने लगी है। डॉ. राजीव का कहना है कि इस मौसम से सबसे अधिक परेशानी बच्चों और सांस तथा दमा के मरीजों को हो रही है। ज्यादातर लोग सर्दी और जुकाम से पीड़ित हो रहे हैं। बुधवार को दोपहर बाद जिले में जगह-जगह तेज हवा के साथ कहीं तेज तो कहीं बूंदाबांदी हुई। बुधवार को अधिकतम 26 और न्यूनतम 13 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। जो भी दो-दो डिग्री नीचे गिर गया। जो मंगलवार की तुलना में दो-दो डिग्री नीचे दर्ज किया गया। बीएचयू के मौसम विज्ञानी प्रो एसएन पांडेय के अनुसार पुरवा और पछुआ हवाएं चलने और उसके मिलन से मौसम में बदलाव हो रहा है। गर्म और ठंड हवाओं के मिश्रण से मौसम बदल रहा है। फिलहाल एक से दो दिन तक इसी तरह मौसम रहने की संभावना है।
बारिश के साथ हवा चलने से ठंड और गलन भी बढ़ी
अधिकतम और न्यूनतम तापमान भी लुढ़का
सचित्र
अमर उजाला ब्यूरो
पीडीडीयू नगर। तकरीबन एक महीने से मौसम के उतार-चढ़ाव और बेमौसम बारिश अब किसानों को भारी पड़ने लगी है। बुधवार को दोपहर में अचानक मौसम फिर करवट ले लिया। आसमान में बादल के साथ हल्की बूंदाबांदी हुई। बारिश के साथ तेज हवा चलने से ठंड और गलन भी बढ़ गई है। वहीं गेहूं को छोड़कर दलहनी और तिलहनी फसलें तैयार होने लगी हैं। इससे उनके नुकसान होने का भय किसानों को सताने लगा है। बारिश और हवा चलने से तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है।
फरवरी के शुरूआती दौर की बारिश से तो किसानों में खुशी थी। तब गेहूं सहित दलहनी-तिलहनी और सब्जी की फसलों के लिए बारिश फायदेमंद साबित हुई थी। लेकिन अब गेहूं को छोड़कर बाकी फसलों के लिए बारिश अब नुकसान पहुंचाने लगी है। सरसों, तीसी, अरहर, मसूर, मटर की फसल अब पकनी शुरू हो गई है। वहीं आलू भी बारिश से सड़ने लगेगा। इससे किसान चिंतित होने लगे हैं। वहीं कभी तेज धूप तो कभी मौसम ठंडा होने से बीमारी भी होने लगी है। डॉ. राजीव का कहना है कि इस मौसम से सबसे अधिक परेशानी बच्चों और सांस तथा दमा के मरीजों को हो रही है। ज्यादातर लोग सर्दी और जुकाम से पीड़ित हो रहे हैं। बुधवार को दोपहर बाद जिले में जगह-जगह तेज हवा के साथ कहीं तेज तो कहीं बूंदाबांदी हुई। बुधवार को अधिकतम 26 और न्यूनतम 13 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। जो भी दो-दो डिग्री नीचे गिर गया। जो मंगलवार की तुलना में दो-दो डिग्री नीचे दर्ज किया गया। बीएचयू के मौसम विज्ञानी प्रो एसएन पांडेय के अनुसार पुरवा और पछुआ हवाएं चलने और उसके मिलन से मौसम में बदलाव हो रहा है। गर्म और ठंड हवाओं के मिश्रण से मौसम बदल रहा है। फिलहाल एक से दो दिन तक इसी तरह मौसम रहने की संभावना है।
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