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शिक्षा मित्रों ने मांगा बोनस और एरियर
Updated Wed, 23 May 2018 12:28 AM IST
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चंदौली। उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ का प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को बेसिक शिक्षा अधिकारी भोलेंद्र प्रताप सिंह और वित्त एवं लेखाधिकारी से मिला। शिक्षा मित्रों ने सहायक अध्यापक पद से समायोजन रद्द होने से पहले का बकाया बोनस और एरियर भुगतान की मांग की। बीएसए ने उचित कार्रवाई का आश्वासन देकर शिक्षामित्रों को वापस लौटाया। शिक्षामित्रों ने कहा कि 25 जुलाई 2017 को समायोजन रद्द होने से पहले शिक्षामित्र सहायक अध्यापक के पद पर कार्यरत थे। शासन ने प्रदेश के सभी शिक्षकों और राज्य कर्मचारियों को जनवरी 2016 से सातवां वेतन आयोग के अनुसार देयकों को प्रदान करने की अनुशंसा की थी। लेकिन प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद सभी अवशेष देयकों पर रोक लगा दी गई। हाल ही में वित्त विभाग के सचिव ने अवशेष देयकों को लेकर एक आदेश जारी किया है। शिक्षामित्रों ने आदेश का हवाला देते हुए अवशेष देयकों के भुगतान की मांग की। कहा कि वर्तमान में शिक्षामित्र आर्थिक संकट के दौर से गुजर रहे हैं। इस समस्या का शीघ्र निदान किया जाना चाहिए जिससे थोड़ी राहत मिल सके। शिक्षा मित्रों ने लंबित मानदेय के भुगतान की भी मांग की। कहा कि सर्व शिक्षा अभियान के तहत नियुक्त शिक्षामित्रों को जनवरी माह से मानदेय नहीं दिया गया है। बीएसए भोलेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि शिक्षामित्रों की समस्याओं को उच्चाधिकारियों तक पहुंचा दिया गया है। शिक्षामित्रों की मूल विद्यालयों में वापसी की बात भी रखी गई है। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष इंद्रजीत यादव, भूपेंद्र सिंह, जेपी सिंह, राजेश कुमार, जेपी पांडेय, बृजेश आदि रहे।
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