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आलू किसानों को नहीं मरिल रहा है फसल का उचित मूल्य ए
Updated Sun, 07 Jan 2018 01:21 AM IST
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कंदवा। आलू की खेती करने वाले किसान बदहाल स्थिति में हैं। जनपद में आलू की खेती करने वाले किसान इतने परेशान हैं कि उन्हें इसकी उचित कीमत भी नहीं मिल रही है। इसके चलते उनको घर का रोजमर्रा का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है। कर्ज लेकर किसानों ने खेती की थी। अब कीमत न मिलने पर बेहद परेशान हैं। वहीं जिन किसानों ने उत्पादन के बाद आलू को कोल्ड स्टोरेज में डाल दिया था जिससे भविष्य में अधिक कीमत मिले। लेकिन उसका उलटा हो गया। अब वे कम कीमत पर बेचने को मजबूर हैं। ऐसे में उन पर कर्ज का बोझ बढ़ गया है।
रामपुर गांव के किसान महेश्वर सिंह का कहना है कि दो माह पूर्व किसानों ने आलू की अगैती फसल तैयार की थी और इसे कोल्ड स्टोरेज में रख दिया था ताकि फसल की अच्छी कीमत मिल सके और मुनाफा हो। इस बार कीमतें बढ़ने की बजाए घटने लगी हैं। एक माह पूर्व जो आलू फुटकर में आठ से दस रुपये किलो मिल रहा था इस समय घटकर चार रुपये किलो बिक रहा है। वहीं बुआई के समय यही आलू 1200 रुपये कुंतल खरीदा गया था। सरकार अगर इसके निर्यात के लिए कुछ करती तो कीमत बेहतर मिलती। इमिलिया गांव के किसान हरीश सिंह का कहना है कि कीमत इतनी कम मिल रही है कि कोल्ड स्टोरेज वालों का शुल्क अदा करने के लिए पैसा नहीं दे पा रहे हैं। पई गांव के किसान देवेंद्र राय का कहना है कि आलू का दाम इतना कम है कि लागत तक नहीं निकल रही है। इसके चलते आलू किसान मुसीबत में हैं। सरकार का सब्सिडी का वादा अब तक पूरा नहीं हुआ है। आलू के उत्पादन की लागत तक नहीं निकल रही थी। कीमत ज्यादा नहीं मिली जिसके चलते 200 बोरे आलू कोल्ड स्टोरेज में रखवा दिए थे। अब स्थिति यह है कि आलू की कीमत और कम हो गई जिससे वे काफी परेशान हैं। नूरी गांव के किसान मनीष सिंह का कहना है कि किसान आलू की उचित कीमत न मिलने से परेशान हैं। आज कल आलू की कीमत 375 से 380 रुपये प्रति कुंतल हो गई है जबकि फुटकर में विक्रेता चार रुपये किलो बेच रहे हैं। कीमत इतनी कम मिल रही है कि आलू की पैदावार करने वाले किसान काफी परेशान हैं।
रामपुर गांव के किसान महेश्वर सिंह का कहना है कि दो माह पूर्व किसानों ने आलू की अगैती फसल तैयार की थी और इसे कोल्ड स्टोरेज में रख दिया था ताकि फसल की अच्छी कीमत मिल सके और मुनाफा हो। इस बार कीमतें बढ़ने की बजाए घटने लगी हैं। एक माह पूर्व जो आलू फुटकर में आठ से दस रुपये किलो मिल रहा था इस समय घटकर चार रुपये किलो बिक रहा है। वहीं बुआई के समय यही आलू 1200 रुपये कुंतल खरीदा गया था। सरकार अगर इसके निर्यात के लिए कुछ करती तो कीमत बेहतर मिलती। इमिलिया गांव के किसान हरीश सिंह का कहना है कि कीमत इतनी कम मिल रही है कि कोल्ड स्टोरेज वालों का शुल्क अदा करने के लिए पैसा नहीं दे पा रहे हैं। पई गांव के किसान देवेंद्र राय का कहना है कि आलू का दाम इतना कम है कि लागत तक नहीं निकल रही है। इसके चलते आलू किसान मुसीबत में हैं। सरकार का सब्सिडी का वादा अब तक पूरा नहीं हुआ है। आलू के उत्पादन की लागत तक नहीं निकल रही थी। कीमत ज्यादा नहीं मिली जिसके चलते 200 बोरे आलू कोल्ड स्टोरेज में रखवा दिए थे। अब स्थिति यह है कि आलू की कीमत और कम हो गई जिससे वे काफी परेशान हैं। नूरी गांव के किसान मनीष सिंह का कहना है कि किसान आलू की उचित कीमत न मिलने से परेशान हैं। आज कल आलू की कीमत 375 से 380 रुपये प्रति कुंतल हो गई है जबकि फुटकर में विक्रेता चार रुपये किलो बेच रहे हैं। कीमत इतनी कम मिल रही है कि आलू की पैदावार करने वाले किसान काफी परेशान हैं।
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