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ग्राम प्रधान व सेक्रेटरी की खींचतान में लटका गांव का विकास कार्य
Updated Fri, 03 Aug 2018 01:08 AM IST
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सकलडीहा। स्थानीय विकास खंड के दिघवट गांव में विकास कार्य नहीं हो पा रहा है। यहां शौचालय निर्माण लक्ष्य से काफी दूर है। पांच हजार आबादी वाले क्षेत्र में सिर्फ तीन प्रधानमंत्री आवास ही बन पाये हैं।
गांव में दलित व पिछड़ी जाति की जनसंख्या सबसे अधिक है। पांच हजार आबादी वाले गांव में 161 शौचालय बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। इसके लिए प्रति शौचालय 12 हजार रुपये की धनराशि भी खाते में पड़ी हुई है लेकिन ग्राम प्रधान व सेक्रेटरी के बीच खींचतान का आलम यह है कि लक्ष्य के सापेक्ष मात्र 45 शौचालय ही बन पाएं है। जहां सकलडीहा विकास खंड के कुल 104 गांवों में कुल 34 हजार शौचालय बनाने का लक्ष्य तय है इसके विपरीत तीस हजार 200 शौचालय अभी तक बन पाये है। वहीं अगर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 2017-18 में मात्र तीन आवास ही बन पाया है। जबकि 2018-19 के लिए नौ लाभार्थियों का ही चयन हो पाया है। इस संबंध में एडीओ पंचायत उपेंद्र तिवारी ने बताया कि दिघवट गांव में जाकर शौचालय बनाने की रफ्तार को तेज किया जाएगा और लापरवाही मिलने पर कार्रवाई भी होगी।
गांव में दलित व पिछड़ी जाति की जनसंख्या सबसे अधिक है। पांच हजार आबादी वाले गांव में 161 शौचालय बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। इसके लिए प्रति शौचालय 12 हजार रुपये की धनराशि भी खाते में पड़ी हुई है लेकिन ग्राम प्रधान व सेक्रेटरी के बीच खींचतान का आलम यह है कि लक्ष्य के सापेक्ष मात्र 45 शौचालय ही बन पाएं है। जहां सकलडीहा विकास खंड के कुल 104 गांवों में कुल 34 हजार शौचालय बनाने का लक्ष्य तय है इसके विपरीत तीस हजार 200 शौचालय अभी तक बन पाये है। वहीं अगर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 2017-18 में मात्र तीन आवास ही बन पाया है। जबकि 2018-19 के लिए नौ लाभार्थियों का ही चयन हो पाया है। इस संबंध में एडीओ पंचायत उपेंद्र तिवारी ने बताया कि दिघवट गांव में जाकर शौचालय बनाने की रफ्तार को तेज किया जाएगा और लापरवाही मिलने पर कार्रवाई भी होगी।
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