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बजट पर बोले लोग महंगाई पर नियंत्रण में रहे, विकास की गति तेज हो
Updated Mon, 29 Jan 2018 01:24 AM IST
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मुगलसराय। वित्त मंत्री एक फरवरी को बजट लोकसभा में प्रस्तुत करेंगे। बजट को लेकर आम लोग काफी आशान्वित हैं। लोग बजट में बढ़ती महंगाई से निजात पाने और विकास की गति तेज चाहते हैं। लोगों की माने तो बजट आम लोगों के हित में होना चाहिए। बजट में लोक लुभावन के बजाए जमीन पर विकास करने वाला होना चाहिए। तभी सही मायने में यह सार्थक बजट होगा।
समाजसेवी व्यवसायी कैलाशपुरी निवासी संजय राय कहते हैं कि सरकार को बजट ऐसा बनाना चाहिए, जिसमें सबका विकास झलके। कोई भी नीति पूरी तैयारी से लागू करने की जरूरत है। कर प्रावधानों को सरल बनाने और जीएसटी को तर्क संगत बनाने की जरूरत है। व्यवसायी वर्ग बड़े पैमाने पर रोजगार देते हैं, ऐसे में व्यापारियों का अहित नहीं होना चाहिए। महंगाई कम करने पर भी पूरा जोर होना चाहिए। तभी बजट सार्थक होगा। शिक्षक शहबाज खान कहते हैं कि बजट को लोक लुभावन के बजाए देश को विकास के रास्ते पर ले जाने वाला होना चाहिए। शिक्षा के क्षेत्र में बजट को बढ़ाने की जरूरत है। देश शिक्षित होगा तो देश को विकसित होते देर नहीं लगेगी। पेट्रोल डीजल और रसोई गैस के साथ आम जरूरत के सामान के दाम आसमान छू रहे हैं। बजट में इस पर प्रभावी अंकुश लगाने के उपाय होने चाहिए। राज्य कर्मचारी शैलेन्द्र श्रीवास्तव कहते हैं कि बजट में सभी वर्गों के हितों का ख्याल रखा जाना चाहिए। महंगाई पर अंकुश लगाने के साथ ही बढ़ती महंगाई को देखते हुए टैक्स स्लैब बढ़ाना जरूरी है। बजट में हवा हवाई बातों की बजाए ठोस विकास करने वाला होना चाहिए। चतुर्भुजपुर निवासी हरेकृष्ण मिश्र कहते हैं कि बजट में बेरोजगारों, गरीबों के विकास के लिए प्रावधान जरूरी है। बजट में महंगाई पर प्रभावी अंकुश लगाने की जरूरत है। बजट में दैनिक श्रमिकों के शोषण से बचाव का उपाय होना चाहिए। तभी सबका साथ सबका विकास का दावा पूरा हो पाएगा।
समाजसेवी व्यवसायी कैलाशपुरी निवासी संजय राय कहते हैं कि सरकार को बजट ऐसा बनाना चाहिए, जिसमें सबका विकास झलके। कोई भी नीति पूरी तैयारी से लागू करने की जरूरत है। कर प्रावधानों को सरल बनाने और जीएसटी को तर्क संगत बनाने की जरूरत है। व्यवसायी वर्ग बड़े पैमाने पर रोजगार देते हैं, ऐसे में व्यापारियों का अहित नहीं होना चाहिए। महंगाई कम करने पर भी पूरा जोर होना चाहिए। तभी बजट सार्थक होगा। शिक्षक शहबाज खान कहते हैं कि बजट को लोक लुभावन के बजाए देश को विकास के रास्ते पर ले जाने वाला होना चाहिए। शिक्षा के क्षेत्र में बजट को बढ़ाने की जरूरत है। देश शिक्षित होगा तो देश को विकसित होते देर नहीं लगेगी। पेट्रोल डीजल और रसोई गैस के साथ आम जरूरत के सामान के दाम आसमान छू रहे हैं। बजट में इस पर प्रभावी अंकुश लगाने के उपाय होने चाहिए। राज्य कर्मचारी शैलेन्द्र श्रीवास्तव कहते हैं कि बजट में सभी वर्गों के हितों का ख्याल रखा जाना चाहिए। महंगाई पर अंकुश लगाने के साथ ही बढ़ती महंगाई को देखते हुए टैक्स स्लैब बढ़ाना जरूरी है। बजट में हवा हवाई बातों की बजाए ठोस विकास करने वाला होना चाहिए। चतुर्भुजपुर निवासी हरेकृष्ण मिश्र कहते हैं कि बजट में बेरोजगारों, गरीबों के विकास के लिए प्रावधान जरूरी है। बजट में महंगाई पर प्रभावी अंकुश लगाने की जरूरत है। बजट में दैनिक श्रमिकों के शोषण से बचाव का उपाय होना चाहिए। तभी सबका साथ सबका विकास का दावा पूरा हो पाएगा।
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