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आकांक्षा समिति के स्वैच्छिक रक्तदान शिविर में
Updated Sun, 19 Nov 2017 01:21 AM IST
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शिविर
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चंदौली। आकांक्षा ग्रुप की ओर से रक्तदान शिविर का आयोजन महेंद्र टेक्निकल इंटर कालेज में किया गया। जिसमें शनिवार को बड़े ही उत्साह के साथ युवाओं ने रक्तदान किया किया। कुल 200 लोगों ने रक्तदान के लिए अपना नामांकन कराया। जिसमें 87 लोगों का ही रक्त निकाला गया। गणेश वंदना के साथ इस कार्यक्रम की शुुरुआत हुई।
आकांक्षा ग्रुप की अध्यक्ष जिलाधिकारी की पत्नी व पुलिस अधीक्षक की पत्नी इस ग्रुप की सचिव होती हैं। जबकि प्रदेश अध्यक्ष के रूप में प्रमुख सचिव की पत्नी होती हैं। इस ग्रुप के तत्वावधान में स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन कराया गया। शनिवार को 87 लोगों ने रक्तदान किया। वहीं जिलाधिकारी हेमंत कुमार ने कहा कि हर व्यक्ति के शरीर में उसके वजन का 10 प्रतिशन खून होता है। इसमें से मात्र 300 ग्राम खून निकाला जाता है। जिससे कोई नुकसान नहीं होता है। इस एक यूनिट के दान से किसी भी व्यक्ति की जान बचाई जा सकती है। आकांक्षा ग्रुप की सचिव प्रार्थना सिंह ने कहा कि रक्तदान के प्रति किसी भी प्रकार की भ्रांति नहीं रखनी चाहिए। जबकि मेडिकल में यह प्रामाणिक है कि शरीर एक क्षमता के बाद ब्लड बनाने का कार्य बंद कर देता है। इससे किसी भी व्यक्ति को ब्लड डोनेट करने के बाद खून की कमी नहीं होती है। शरीर उसी रफ्तार से खून बना लेता है। इस दौरान डा. श्रेया सिंह, डा. एसके सिंह, संजय, डा. प्रशांत, सहित तमाम लोग उपस्थित रहे।
आकांक्षा ग्रुप की अध्यक्ष जिलाधिकारी की पत्नी व पुलिस अधीक्षक की पत्नी इस ग्रुप की सचिव होती हैं। जबकि प्रदेश अध्यक्ष के रूप में प्रमुख सचिव की पत्नी होती हैं। इस ग्रुप के तत्वावधान में स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन कराया गया। शनिवार को 87 लोगों ने रक्तदान किया। वहीं जिलाधिकारी हेमंत कुमार ने कहा कि हर व्यक्ति के शरीर में उसके वजन का 10 प्रतिशन खून होता है। इसमें से मात्र 300 ग्राम खून निकाला जाता है। जिससे कोई नुकसान नहीं होता है। इस एक यूनिट के दान से किसी भी व्यक्ति की जान बचाई जा सकती है। आकांक्षा ग्रुप की सचिव प्रार्थना सिंह ने कहा कि रक्तदान के प्रति किसी भी प्रकार की भ्रांति नहीं रखनी चाहिए। जबकि मेडिकल में यह प्रामाणिक है कि शरीर एक क्षमता के बाद ब्लड बनाने का कार्य बंद कर देता है। इससे किसी भी व्यक्ति को ब्लड डोनेट करने के बाद खून की कमी नहीं होती है। शरीर उसी रफ्तार से खून बना लेता है। इस दौरान डा. श्रेया सिंह, डा. एसके सिंह, संजय, डा. प्रशांत, सहित तमाम लोग उपस्थित रहे।
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