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भगवान भरोसे है पिकनिक स्पाटों की सुरक्षा व्यवस्था

Wed, 19 Jul 2017 12:42 AM IST
Updated Wed, 19 Jul 2017 12:42 AM IST
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भगवान भरोसे है पिकनिक स्पाटों की सुरक्षा व्यवस्था

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चकिया। पर्वतीय वन क्षेत्र में स्थित मनोरम जल प्रपातों पर सुरक्षा कोई निर्धारित व्यवस्था प्रशासन एवं वन विभाग द्वारा नहीं की गई है। जल प्रपातों में नहाने के दौरान कई पर्यटकों की मौत के बाद भी प्रशासन नही चेता है। लतीफशाह बीयर में हर वर्ष डूबने से पर्यटकों की मौत का सिलसिला लंबे समय से चल रहा है। वहीं राजदरी, देवदरी जलप्रपात सिर्फ बैरिकेटिंग के ही सहारे है। औरवाटाड़ जल प्रपात पर रेलिंग की भी व्यवस्था नही की गई है।
चकिया तहसील के पर्वतीय वन क्षेत्र में लतीफशाह, राजदरी, देवदरी तथा औरवाटाड़ जल प्रपात स्थित है। इन पर हर वर्ष लाखों सैलानियों की भीड़ उमड़ती है। जलप्रपातों में नहाने का लोभ पर्यटक नहीं त्याग पाते हैं। जिससे प्रपातों की तेज धारा में पर्यटकों के बहने का खतरा बना रहता है। लतीफशाह बीयर में बीयर के ऊपर से टंकियों में पानी गिरता है। इसमें नहाने के दौरान टंकियों में डूबकर इस वर्ष ही अब तक दो पर्यटकों की मौत हो चुकी है। बरसात के दिनो में लतीफशाह बीयर पर पर्यटकों की भीड़ के और बढ़ने की उम्मीद है। सुरक्षा व्यवस्था के नाम पर कोतवाली पुलिस के एक दो जवान ही तैनात रहते हैं। यह सैकड़ों सैलानियों के लिए नाकाफी है। हालांकि हाल में ही बीयर में डूबने से युवक की हुई मौत के बाद पुलिस ने बीयर के नीचे नहाने से पर्यटकों को साफ मना कर दिया है तथा बीयर के नीचे से जाने वाले रास्ते को भी प्रतिबंधित कर दिया है, लेकिन सैलानियों के भारी दबाव को रोकना मात्र आदेेश के सहारे कठिन है। वहीं राजदरी, देवदरी जल प्रपात के पास चंद्रप्रभा पुलिस चौकी स्थित है तथा सीआरपीएफ का कैंप भी है, लेकिन प्रपात पर जाने वाले सैलानियों को पुलिस की ओर से किसी भी सुरक्षा मानक की जानकारी देने की कोई व्यवस्था नही है। पुलिस के लोग भी प्रपात पर मटरगश्ती करने ही जाते हैं। सुरक्षा व्यवस्था से उनका कोई लेना-देना नही है। इससे पर्यटन स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था भगवान भरोसे है।
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काशी वन्य जीव प्रभाग के डीएफओ गोपाल ओझा कहते हैं कि पर्यटन केंद्रों पर सुरक्षा के मानकों के बोर्ड लगाए हैं, लेकिन पर्यटक इसकी परवाह नही करते, जिससे बरसात के सीजन में सुरक्षा बंदोबस्त किया जाना जरूरी है।
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