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शिक्षकों के स्कूल नहीं पहुंचने से अभिभावकों में आक्रोश
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नौगढ़। कस्बा स्थित प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों के गायब रहने से वहां पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावकों में नाराजगी है। अभिभावकों ने बीएसए और खंड शिक्षाधिकारी से शिक्षकों की उपस्थिति सुनिश्चित कराने की मांग की है।
अभिभावकों का आरोप है कि पांच दिनों की छुट्टी के बाद भी सोमवार को क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय सेमरसाधुपुर पर नियुक्त अध्यापक नहीं पहुंचे तो बच्चे खुद प्रार्थना करके अपने कक्षा कक्षों में बैठे हुए मिले। अभिभावकों का कहना है कि यहां नियुक्त प्रभारी हेडमास्टर सहित कोई शिक्षक 12 बजे तक स्कूल नहीं पहुंचे थे। इसी तरह प्राथमिक स्कूल शाहपुर, औरवाटाड़ और पथरोर में भी शिक्षक नहीं पहुंचे थे। वहीं पूर्व माध्यमिक विद्यालय जमसोत में भी शिक्षक नहीं पहुंचे थे। इससे अभिभावकों में आक्रोश है।
गौरतलब है कि जिलाधिकारी नवनीत सिंह चहल ने विगत फरवरी माह में जिला स्तरीय अधिकारियों से गायब चल रहे अध्यापकों का निरीक्षण कराया था। तब कई स्कूलों पर शिक्षक गायब मिले थे। नियमों के अनुसार अनुपस्थित शिक्षकों को इसकी सूचना संकुल प्रभारी और खंड शिक्षा अधिकारी को देना जरूरी है लेकिन इसका कड़ाई से पालन नहीं हो पा रहा है। खंड शिक्षा अधिकारी अरविंद यादव ने बताया कि अभिभावकों की शिकायत पर गंभीरता से कार्रवाई की जाएगी। अनुपस्थित रहने वाले अध्यापकों की जांच कराकर उनसे जवाब मांगा जाएगा। संतोषजनक जवाब नहीं होने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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दीवार पर अंकित है पूर्व डीएम का नाम
नौगढ़। सेमरसाधुपुर प्राथमिक स्कूल में अभी तत्कालीन जिलाधिकारी हेमंत कुमार का नाम ही दीवार पर अंकित है। तत्कालीन डीएम हेमंत कुमार का स्थानांतरण हुए एक साल हो चुके हैं। उनकी जगह आए डीएम नवनीत सिंह चहल को एक साल हो गए मगर दीवार पर अभी भी पूर्व डीएम का ही नाम अंकित है। बच्चे भी अपने जिले के डीएम का नाम हेमंत कुमार जान रहे हैं। बच्चों से जनपद के जिलाधिकारी का नाम पूछे जाने पर उन्होंने हेमंत कुमार ही बताया। इस संबंध में बीईओ अरविंद यादव का कहना है कि इस मामले में प्रधानाध्यापक से जवाब तलब कर डीएम का नाम अंकित करा दिया जाएगा।
अभिभावकों का आरोप है कि पांच दिनों की छुट्टी के बाद भी सोमवार को क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय सेमरसाधुपुर पर नियुक्त अध्यापक नहीं पहुंचे तो बच्चे खुद प्रार्थना करके अपने कक्षा कक्षों में बैठे हुए मिले। अभिभावकों का कहना है कि यहां नियुक्त प्रभारी हेडमास्टर सहित कोई शिक्षक 12 बजे तक स्कूल नहीं पहुंचे थे। इसी तरह प्राथमिक स्कूल शाहपुर, औरवाटाड़ और पथरोर में भी शिक्षक नहीं पहुंचे थे। वहीं पूर्व माध्यमिक विद्यालय जमसोत में भी शिक्षक नहीं पहुंचे थे। इससे अभिभावकों में आक्रोश है।
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गौरतलब है कि जिलाधिकारी नवनीत सिंह चहल ने विगत फरवरी माह में जिला स्तरीय अधिकारियों से गायब चल रहे अध्यापकों का निरीक्षण कराया था। तब कई स्कूलों पर शिक्षक गायब मिले थे। नियमों के अनुसार अनुपस्थित शिक्षकों को इसकी सूचना संकुल प्रभारी और खंड शिक्षा अधिकारी को देना जरूरी है लेकिन इसका कड़ाई से पालन नहीं हो पा रहा है। खंड शिक्षा अधिकारी अरविंद यादव ने बताया कि अभिभावकों की शिकायत पर गंभीरता से कार्रवाई की जाएगी। अनुपस्थित रहने वाले अध्यापकों की जांच कराकर उनसे जवाब मांगा जाएगा। संतोषजनक जवाब नहीं होने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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दीवार पर अंकित है पूर्व डीएम का नाम
नौगढ़। सेमरसाधुपुर प्राथमिक स्कूल में अभी तत्कालीन जिलाधिकारी हेमंत कुमार का नाम ही दीवार पर अंकित है। तत्कालीन डीएम हेमंत कुमार का स्थानांतरण हुए एक साल हो चुके हैं। उनकी जगह आए डीएम नवनीत सिंह चहल को एक साल हो गए मगर दीवार पर अभी भी पूर्व डीएम का ही नाम अंकित है। बच्चे भी अपने जिले के डीएम का नाम हेमंत कुमार जान रहे हैं। बच्चों से जनपद के जिलाधिकारी का नाम पूछे जाने पर उन्होंने हेमंत कुमार ही बताया। इस संबंध में बीईओ अरविंद यादव का कहना है कि इस मामले में प्रधानाध्यापक से जवाब तलब कर डीएम का नाम अंकित करा दिया जाएगा।