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उदयाचल सूर्य के अर्घ्य से हुआ छठ महापर्व का परायण

Tue, 01 Nov 2022 12:09 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 01 Nov 2022 12:09 AM IST
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36 hours of waterless fast completed with Arghya to the rising sun
ीडीडीयू नगर के मानसरोवर तालाब पर व्रती महिला को अर्घ्य दिलाता युवक। संवाद - फोटो : CHANDAULI
पीडीडीयू नगर। लोक आस्था के महापर्व चार दिवसीय छठ व्रत का उदयाचल सूर्य को अर्घ्य देने के साथ पारण किया गया। सोमवार की भोर में अर्घ्य देने के लिए गंगा घाटों, सरोवरों, तालाबों और पोखरों पर जनसैलाब उमड़ पड़ा। इस दौरान छठ घाटों का नजारा अलौकिक था। नदी में बन रहे झालरों की जगमग और दीपक की रोशनी के प्रतिबिंब का दश्य मन मोह रहा था।व्रती महिलाओं ने पानी में खड़े होकर सूर्य की पहली किरण के साथ अर्घ्य दिया और 36 घंटे के निर्जला व्रत को पूरा किया। इस दौरान प्रशासन भी पूरी तरह मुस्तैद दिखा। नगर के दामोदर दास पोखरे और मानसरोवर तालाब सहित अन्य तालाबों और पोखरों पर सुबह से ही व्रतियों, उनके परिजनों के साथ श्रद्धालुओं की भीड़ आनी शुरू हो गई। सोमवार की सुबह सूर्योदय हुआ तो पानी में खड़े श्रद्धालुओं के चेहरों पर भी लालिमा बिखर गई। सूर्य को अर्घ्य दिया गया, फिर कलश और वेदी का विसर्जन कर व्रत पूरा हुआ। आशीर्वाद और प्रसाद का दौर अर्घ्य देने के बाद घाट पर किया गया और बड़ों से आशीर्वाद लेने का सिलसिला शुरू हुआ। महिलाओं ने सूर्य देव और छठी मैया से मनोकामना पूर्ति हेतु प्रार्थना की। छठ व्रतियों ने 36 घंटे का निर्जला अपना व्रत छठ माता का प्रसाद खा कर पूरा किया। पानी से बाहर निकलकर महिलाओं ने एक-दूसरे की मांग में सिंदूर लगाकर सुहाग देने की परंपरा निभाई। छठ का व्रत करने वाली महिलाओं ने बताया कि पति की दीर्घायु के लिए लंबा सिंदूर लगाया जाता है। मान्यता है कि जितना लंबा सिंदूर होगा उतनी ही लंबी पति की आयु होगी। चकिया/शिकारगंज। सूर्य षष्ठी के महापर्व पर दुल्हन की तरह सजे चकिया मां काली के पोखरे पर भोर से ही लोगों की उमड़ पड़ी। बैंड-बाजों, ढोल-नगाड़ों से पूरा इलाका गूंज उठा। जैसे ही भगवान भाष्कर लाल गोला लिए पूर्वी आकाश में उदीयमान हुआ वैसे ही छठ माता के जयकारे के साथ कमर तक पोखरे की पानी में खड़ी व्रती महिलाओं ने पूजन अर्चन कर अर्घ्य दिया। इसके साथ ही छठ महोत्सव का समापन हो गया। इस अवसर पर एसडीएम ज्वाला प्रसाद, कोतवाल मुकेश कुमार, तहसीलदार विकास धर दुबे, चकिया चौकी प्रभारी हरिकेश रामपुर अनिल केशरी, राजकुमार जायसवाल, राजकुमार गुप्ता थे। छठ महापर्व के अंतिम दिन भगवान भास्कर और छठी मइया की उपासना के लिए नौगढ़ इलाके के कई गांवों में सरोवरों तथा पोखरे के घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। कोई दंडवत करते तो कोई सिर पर प्रसाद की टोकरी रखे नंगे पैर घाट पर पहुंचा। विधिविधान से छठी मइया की पूजा की। डुबकी लगाई और ठेकुआ, फलों में केला, नारियल, पपीता, सेब, अनार, सिंघाड़ा, संतरा, नीबू, सब्जियों में अदरक, कद्दू, मूली आदि के साथ पान, सुपारी, मेवा, गाय के दूध से अर्घ्यदान दिया। इस मौके पर प्रमुख रूप से सोनभद्र के पूर्व सांसद कुंवर छोटेलाल खरवार, जितेंद्र कुमार एडवोकेट, बाघी गांव की प्रधान नीलम ओहरी, पूर्व प्रधान प्रभु नारायण जायसवाल, समाजसेवी दीपक गुप्ता रहे।संवाद

बलुआ में छठ व्रती को सिंदूर लगाती महिला। संवाद

बलुआ में छठ व्रती को सिंदूर लगाती महिला। संवाद- फोटो : CHANDAULI

पीडीडीयू नगर के मानसरोवर तालाब पर जुटी श्रद्धालुओं की भीड़। संवाद

पीडीडीयू नगर के मानसरोवर तालाब पर जुटी श्रद्धालुओं की भीड़। संवाद- फोटो : CHANDAULI

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