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बदहाल है मॉडल स्कूल
Updated Thu, 12 Jul 2018 12:28 AM IST
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पीडीडीयू नगर। बेसिक स्कूलों की व्यवस्था सुधारने के लिए शासन से लेकर बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से तमाम उपाए किए जा रहे हैैँ। चालू सत्र में जिले के 50 प्राइमरी स्कूलों को मॉडल स्कूल के रूप में अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई शुरू हो गई लेकिन सुविधाएं बदहाल है। हालात यह है कि स्कूलों में न तो बच्चों के बैठने के लिए मेज कुर्सी है और न ही पीने के लिए साफ पानी है। गंदगी फैली हुई है। बिजली के कनेेक्शन तक नहीं कराए गए हैं। बेसिक शिक्षा विभाग ने कागज पर तो मॉडल स्कूल बना दिया लेकिन पढ़ाई और सुविधाएं अब भी पुराने ढर्रे पर हो रही है। नियामताबाद ब्लाक के प्राइमरी स्कूल तारनपुर को अंग्रेजी माध्यम का विद्यालय बना दिया गया। लेकिन वहां न तो बिजली कनेक्शन है और न ही बच्चों को साफ पानी पीने की सुविधाएं। बच्चे अब भी टाट पट्टी पर बैठकर पढ़ाई कर रहे हैं। बिजली न होने से इस भीषण गर्मी में पसीना बहा रहे हैं। यही हाल प्राथमिक विद्यालय नौबतपुर में है। वहां भी बिजली का कनेक्शन नहीं है। अदसड़ स्थित माडल स्कूल में चार कमरे जर्जर हो चुके हैं। यहां बिजली का कनेक्शन तो है मगर वायरिंग ही अब तक नहीं कराई गई है। माडल स्कूूल सोनहुला में भी बच्चे टाट पट्टी पर बैठ कर पढ़ रहे हैं। अलीनगर माडल स्कूल में भी यही हालात है। हालात यह है कि जिले में बने 50 अंग्रेजी माध्यम के मॉडल स्कूलों में अब तक बच्चों को किताब, बैग और जूते तक नहीं मिल पाए हैं। कहने को तो शिक्षा विभाग ने अंग्रेजी माध्यम का स्कूल घोषित कर दिया लेकिन पढ़ाई अभी पुराने ढर्रे पर ही हो रही है। शिक्षक भी समय से नहीं पहुंच रहे हैं।
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