{"_id":"5ab2b66c4f1c1bac758b69c5","slug":"31521661548-chandauli-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मुठभेड में मारे गये बदमाश के शव लेने से परिजनों ने किया इंकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मुठभेड में मारे गये बदमाश के शव लेने से परिजनों ने किया इंकार
Updated Thu, 22 Mar 2018 01:15 AM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
चंदौली। अलीनगर थाना क्षेत्र के लौंदा गांव के समीप पुलिस मुठभेड़ में मारे गए बदमाश विरेंद्र वेनवंशी का शव पुलिस ने बुधवार को परिजनों और रिश्तेदारों को सौंप दिया। हालांकि पहले पुुलिस ने जब उसके घर सूचना दी तो कोई शव ले जाने को तैयार नहीं था। पुलिस दिनभर इंतजार करती रही। बुधवार की शाम को आए रिश्तेदारों और परिवार के लोग शव को लेकर चले गए।
फूलपुर थाना क्षेत्र के मानापुर का रहने वाला विरेंद्र वेनवंशी मंगलवार को पुलिस मुठभेड़ में मारा गया था। उसकी पहचान पकड़े गए कमल राजभर के बताए हुलिए और बदमाश की जेब से मिले आधार कार्ड के जरिए की गई थी। पुलिस उसके गांव पहुंची तो वहां घर पर ताला लगा हुआ था। आस पास के लोगों ने बताया कि उसके पिता का निधन हो चुका है। जबकि माता अकेले होने के कारण किसी रेश्तेदार के यहां मुम्बई में रहती है। जब इसकी जानकारी मुम्बई में उसकी मां को दी गई तो उसने बेटे के शव लेने से मना कर दिया। वहीं कुछ देर के बाद पुलिस के पास फोन आया कि किसी नजदीक के रिश्तेदार शव को लेने के लिए जाएंगे। पुलिस अधीक्षक संतोष सिंह ने बताया कि दिनभर इंतजार के बाद शाम को आए परिजनों और रिश्तेदारों को उसके शव को सुपुर्द कर दिया गया।
फूलपुर थाना क्षेत्र के मानापुर का रहने वाला विरेंद्र वेनवंशी मंगलवार को पुलिस मुठभेड़ में मारा गया था। उसकी पहचान पकड़े गए कमल राजभर के बताए हुलिए और बदमाश की जेब से मिले आधार कार्ड के जरिए की गई थी। पुलिस उसके गांव पहुंची तो वहां घर पर ताला लगा हुआ था। आस पास के लोगों ने बताया कि उसके पिता का निधन हो चुका है। जबकि माता अकेले होने के कारण किसी रेश्तेदार के यहां मुम्बई में रहती है। जब इसकी जानकारी मुम्बई में उसकी मां को दी गई तो उसने बेटे के शव लेने से मना कर दिया। वहीं कुछ देर के बाद पुलिस के पास फोन आया कि किसी नजदीक के रिश्तेदार शव को लेने के लिए जाएंगे। पुलिस अधीक्षक संतोष सिंह ने बताया कि दिनभर इंतजार के बाद शाम को आए परिजनों और रिश्तेदारों को उसके शव को सुपुर्द कर दिया गया।
विज्ञापन