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पहले चांद का किया दीदार फिर पति के चेहरे को निहारा
Updated Mon, 09 Oct 2017 01:25 AM IST
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पूजा
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अमर उजाला ब्यूरो
मुगलसराय। पति के दीर्घायु के लिए विवाहिता महिलाओं ने रविवार को निर्जल उपवास रखा। शाम को व्रती महिलाओं ने प्रथम पूज्य गणेश, भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा अर्चना की और कथा सुनी। इसके बाद चंद्र दर्शन किया। महिलाओं ने छलनी की ओट से पहले चांद को देखा और उसके बाद पति का चेहरा निहारा। पति के हाथों से जल ग्रहण कर व्रत का समापन किया। इस दौरान घरों में भक्ति का माहौल रहा।
रविवार की सुबह से ही पूजन अर्चन की तैयारी शुरू हो गई थी। महिलाओं ने स्नान ध्यान के बाद व्रत का संकल्प लिया। दिन भर निराजल व्रत रहकर शाम को महिलाएं सोलहों शृंगार कर एक जगह एकत्र हुई। गीत गाते हुए विधि विधान से भगवान शिव, गणेश और माता पार्वती की पूजा अर्चना की। रात आठ बजकर दस मिनट पर चंद्रोदय होते ही चंद्र को अर्घ्य दिया और चलनी का दर्शन किया। इसके बाद पति का चेहरा देखकर उनके हाथों से ही जल ग्रहण किया। उत्तर भारत में इस व्रत का चलन अधिक है। पंजाबी परिवारों में अधिक उत्साह देखने को मिला। महिलाओं ने एक जगह एकत्र होकर विधि विधान से पूजा अर्चना की और कथा सुनी। रविनगर, कैलाशपुरी, चतुर्भुजपुर, इस्लामपुर में पूजा की धूम रही। पंडित कुंज बिहारी मिश्र ने बताया कि करवा चौथ पूजा मूलत: भगवान गणेश की पूजा है। इसमें सत्यवती और उनके भाइयों की कथा सुनी जाती है।
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