कोतवाली पुलिस ने बृहस्पतिवार को 30 खाता धारकों के 9.29 करोड़ रुपये भागने वाली कंपनी वेरी वेल म्यूचुअल बेनिफिट निधि लि. पटेल नगर, ज्ञानपुर के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। 29 जून को खाताधारकों ने शिकायत की थी। जांच में कंपनी फर्जी मिलने के बाद एसपी के निर्देश पर कंपनी के 15 निदेशकों पर वित्तीय धोखाधड़ी, गबन का मुकदमा दर्ज किया गया है। शिकायतकर्ता राजेश कुमार मौर्य, महेंद्र गौंड, विजय बिंद ने एसपी को प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया था कि वेरी वेल म्यूचुअल बेनिफिट निधि लि. पटेल नगर, ज्ञानपुर नाम की कंपनी ने पैसा दोगुना करने का झांसा देकर 30 निवेशकों से 9.29 करोड़ रुपये की ठगी की है। एसपी ने मामले की जांच क्राइम ब्रांच को सौंपी। जांच में पता चला कि कंपनी प्रमुख कृपा शंकर की मृत्यु होने के बाद उनकी पत्नी आशा देवी, बेटे रवि आनंद, अक्षय, सूरज और अमन व अन्य निदेशक सुहैल अहमद, आनंद श्रीवास्तव, दया शंकर, विमलेश मौर्य, रमेश मौर्य, वेद प्रकाश, राकेश वर्मा, सूबेदार पाल और सुरेश यादव ने कंपनी के ज्ञानपुर कार्यालय में एफडी, आरडी व अन्य योजनाओं पैसा दोगुना करने का लालच देकर लोगों से पैसा जमा कराए। 25 जून को जिसकी एफडी व आरडी पूरी हो चुकी थी। वह पैसा निकालने गए तो कंपनी के कार्यालय का ताला बंद था। पुलिस की जांच में सामने आया कि कंपनी का कोई बैंक खाता भी नहीं है। कार्यालय में जिन लोगों का पैसा जमा होता था, उसे अपने यहां ही रखा जाता था। इसके निदेशकों ने माइक्रो क्रेडिट फ़ाउंडेशन के नाम से इंडियन बैंक ज्ञानपुर शाखा में खाता खोला था, लेकिन उसमें मात्र 80 हजार रुपये थे। पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक ने बताया कि 30 लोगों ने इसकी शिकायत की थी। इसमें 9.29 करोड़ रुपये के गबन का मामला सामने आया है। लोगों को पांच साल में पैसे दोगुना होने का सपना दिखाया गया था। कंपनी लोगों से फिक्स डिपाजिट (एफडी), रिकरिंग डिपाजिट (आरडी) कराती थी। आरोपित ज्ञानपुर, गोपीगंज व सुरियावां के हैं। इनकी की गिरफ्तारी को तीन सदस्यीय टीम गठित कर दी है।