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ईंट निर्माताओं के साथ सौतेला व्यवहार कर रही सरकार

Sat, 15 Sep 2018 01:09 AM IST
Updated Sat, 15 Sep 2018 01:09 AM IST
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ईंट निर्माताओं के साथ सौतेला व्यवहार कर रही सरकार
केंद्र व प्रदेश सरकार ईंट-भट्ठा निर्माताओं के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना सहित अन्य सरकारी निर्माणों में लाल ईंट का प्रयोग बंद करने का फैसला कर सरकार ने ईंट उद्योग की कमर तोड़ने का काम किया है। प्रदेश सरकार ने वायदा किया था कि सरकार बनने के बाद सामान्य ईंट मिट्टी पर रायल्टी समाप्त की जाएगी लेकिन ऐसा न कर धोखा दिया है। इससे आक्रोशित ईंट निर्माता 24 सितंबर को लखनऊ के कांशीराम ईको गार्डन में धरना-प्रदर्शन करेंगे। यह बातें चंदौली ईंट निर्माता समिति के अध्यक्ष रामगोपाल सिंह व महामंत्री रतन कुमार श्रीवास्तव ने शुक्रवार को नगर के एक रेस्तरां में आयोजित प्रेसवार्ता में कही।
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अध्यक्ष रामगोपाल सिंह व महामंत्री रतन कुमार श्रीवास्तव ने संयुक्त रूप से कहा कि समाचार पत्रों के हवाले से सूचना मिली है कि पीएम आवास योजना, विकास प्राधिकरण व आवास विकास परिषद के निर्माणों में लाल ईंट का प्रयोग नहीं किया जाएगा। इसके स्थान पर अब फैक्ट्रियों से निकलने वाली राख से बनीं फ्लाई एश ईंटों का प्रयोग किया जाएगा। सरकार का यह निर्णय पूूंजीवाद को बढ़ावा देने और मंझोले उद्योगों को बंद करने वाला है। कहा सरकार फ्लाई एश ईंटों का गुणगान बिना किसी रिसर्च व प्रमाण के कर रही है, जबकि ईंट भट्ठों में बनीं लाल ईंटों की गुणवत्ता को किसी प्रमाण की आवश्यकता नहीं है। सदियों से इन ईंटों का प्रयोग भवनों के निर्माण में किया जा रहा है। इसके अलावा प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि फ्लाई एश ईंटों से बने मकानों में रहने वाले कैंसर, दमा व विभिन्न प्रकार के चर्मरोग से ग्रसित हो सकते हैं। कहा कि सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सरकार के एक वर्ष पूरे होने पर ईंट मिट्टी से रायल्टी समाप्त करने की घोषणा की थी जो बेमानी साबित हुई है। निर्माताओं को रायल्टी पर जीएसटी भी देनी है। इसके अलावा ईंट भट्ठों को सितंबर 2019 तक जिगजैग प्रणाली में परिवर्तित करने का निर्देश दिया गया है। ऐसा न कर पाने वाले ईंट भट्ठों को सरकार बंद कर देगी। सरकार के इन निर्णयों से आक्रोशित ईंट भट्ठा संचालकों के सामने धरना प्रदर्शन व विधानसभा के घेराव के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा है।
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