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ऋण नहीं देने पर बैंक ने जब्त किया मकान
Updated Thu, 05 Apr 2018 01:18 AM IST
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मुगलसराय। अपर जिला मजिस्ट्रेट चंदौली बच्चा लाल के आदेश पर राजस्व टीम ने पुलिस बल के साथ बुधवार को नगर के विकास नगर कालोनी पहुंची। जहां ऋण चुकता न करने के कारण रतन कुमार विश्वकर्मा के बंधक पड़े मकान को इंडियन ओवर सीज बैंक के सुपुर्द किया।
विकास नगर कालोनी निवासी रतन विश्वकर्मा ने इंडियन ओवर सीज बैंक में अपना मकान बंधक कर ऋण लिया था। जिसकी अदायगी नहीं किए जाने से उनपर व्याज सहित करीब 18 लाख रुपये का ऋण बकाया हो गया। काफी जद्दोजहद के बाद भी जब ऋण का भुगतान नहीं हुआ तो बैंक की ओर से न्यायालय अपर जिला मजिस्ट्रेट के यहां प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया। पूरे प्रकरण की सुनवाई के बाद अपर जिला मजिस्ट्रेट चंदौली बच्चा लाल ने 30 दिसंबर 2017 एसडीएम मुगलसराय को आदेशित किया कि बंधकशुदा मकान को ऋण के एवज में बैंक को कब्जा दिलाया जाए। लेकिन पुलिस बल की कमी के चलते यह कार्रवाई अधर में लटकी रही। बाद में बैंक की ओर 13 मार्च को फोर्स के लिए लगभग 51 हजार रुपये शुल्क अदा करनेे के उपरांत बुधवार को तहसीलदार हीरालाल, नायब तहसीलदार नीलम तिवारी, कानूनगो सर्फुद्दीन, लेखपाल विनोद पांडेय के समक्ष पुलिस बल की मौजूदगी में मकान पर बैंक को कब्जा दिलाया गया।
विकास नगर कालोनी निवासी रतन विश्वकर्मा ने इंडियन ओवर सीज बैंक में अपना मकान बंधक कर ऋण लिया था। जिसकी अदायगी नहीं किए जाने से उनपर व्याज सहित करीब 18 लाख रुपये का ऋण बकाया हो गया। काफी जद्दोजहद के बाद भी जब ऋण का भुगतान नहीं हुआ तो बैंक की ओर से न्यायालय अपर जिला मजिस्ट्रेट के यहां प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया। पूरे प्रकरण की सुनवाई के बाद अपर जिला मजिस्ट्रेट चंदौली बच्चा लाल ने 30 दिसंबर 2017 एसडीएम मुगलसराय को आदेशित किया कि बंधकशुदा मकान को ऋण के एवज में बैंक को कब्जा दिलाया जाए। लेकिन पुलिस बल की कमी के चलते यह कार्रवाई अधर में लटकी रही। बाद में बैंक की ओर 13 मार्च को फोर्स के लिए लगभग 51 हजार रुपये शुल्क अदा करनेे के उपरांत बुधवार को तहसीलदार हीरालाल, नायब तहसीलदार नीलम तिवारी, कानूनगो सर्फुद्दीन, लेखपाल विनोद पांडेय के समक्ष पुलिस बल की मौजूदगी में मकान पर बैंक को कब्जा दिलाया गया।
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