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सिंचाई बंधू की बैठक में नहीं पंहुचे अधिकारी
Updated Wed, 09 Aug 2017 01:23 AM IST
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चंदौली। किसानों के आय को भले ही दुगुना करने के लिए सरकार प्रयास कर रही हो। लेकिन सरकार की इस मंशा पर उनके अधिकारी पूरी तरह से पानी फेरने पर लगे हुए हैं। मंगलवार को सिंचाई बंधु की कृषि विभाग में बैठक होनी थी किंतु अधिकारियों के न पहुंचने से बैठक नहीं हुई। इससे दूर से आए किसान नाराज हो अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी करने लगे।
सिंचाई बंधु की बैठक हर माह के पहले बुधवार को होती थी। इसमें जिला स्तरीय अधिकारियों के अलावा लघु डाल, बंधी डिवीजन आदि के अधिकारी उपस्थित रहते थे। इन अधिकारियों के सामने किसान अपनी समस्याओं को रखते थे। यह बात दूसरी है कि उन पर कोई कार्यवाई होने की बजाय केवल उसे रजिस्टर पर ही दर्ज कर लिया जाता था। लेकिन भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद सरकार ने सिंचाई बंधुओं की बैठक को बुधवार की बजाय अब दूसरे मंगलवार को करने के लिए कह दिया है। शासन से दिशा निर्देश आने के बाद अधिकारियों ने इस बैठक को कराने की रणनीति तैयार की। जिसके बाद सोमवार को विभाग द्वारा किसानों को फोन कर इस बैठक की जानकारी दी। जब किसान दूर दराज से यहां आए तो अधिकारियों का पता ही नहीं था। इसके बाद जब इसके विषय में जिला कृषि अधिकारी से जानकारी ली। तो उन्होंने कहा कि इस बैठक में कौन-कौन अधिकारी सम्मिलित होते हैं। इतना सुनने के बाद किसान पूरी तरह से उग्र हो गए। लोग अधिकारियों के विरोध में नारेबाजी करते हुए बाहर निकल गए। जिलाधिकारी हेमंत कुमार ने कहा कि शासन से सिंचाई बंधु की बैठक को मंगलवार को कराने के लिए दिशा निर्देश मिला है। इसकी अध्यक्षता चंद्रप्रभा प्रखंड के अधिकारी करते हैं। किस कारण यह बैठक नहीं हो सकी इसका पता लगाया जाएगा।
सिंचाई बंधु की बैठक हर माह के पहले बुधवार को होती थी। इसमें जिला स्तरीय अधिकारियों के अलावा लघु डाल, बंधी डिवीजन आदि के अधिकारी उपस्थित रहते थे। इन अधिकारियों के सामने किसान अपनी समस्याओं को रखते थे। यह बात दूसरी है कि उन पर कोई कार्यवाई होने की बजाय केवल उसे रजिस्टर पर ही दर्ज कर लिया जाता था। लेकिन भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद सरकार ने सिंचाई बंधुओं की बैठक को बुधवार की बजाय अब दूसरे मंगलवार को करने के लिए कह दिया है। शासन से दिशा निर्देश आने के बाद अधिकारियों ने इस बैठक को कराने की रणनीति तैयार की। जिसके बाद सोमवार को विभाग द्वारा किसानों को फोन कर इस बैठक की जानकारी दी। जब किसान दूर दराज से यहां आए तो अधिकारियों का पता ही नहीं था। इसके बाद जब इसके विषय में जिला कृषि अधिकारी से जानकारी ली। तो उन्होंने कहा कि इस बैठक में कौन-कौन अधिकारी सम्मिलित होते हैं। इतना सुनने के बाद किसान पूरी तरह से उग्र हो गए। लोग अधिकारियों के विरोध में नारेबाजी करते हुए बाहर निकल गए। जिलाधिकारी हेमंत कुमार ने कहा कि शासन से सिंचाई बंधु की बैठक को मंगलवार को कराने के लिए दिशा निर्देश मिला है। इसकी अध्यक्षता चंद्रप्रभा प्रखंड के अधिकारी करते हैं। किस कारण यह बैठक नहीं हो सकी इसका पता लगाया जाएगा।
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