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विवाद के बाद गदही और उल्लू का विवाह स्थगित
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पीडीडीयू नगर। अस्मिता नाट्य संस्थान की ओर से नगर के अलीनगर सकलडीहा रोड स्थित ज्योति कान्वेंट स्कूल में महामुर्ख कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। इसमें गदही दुल्हा और उल्लू दुल्हन की शादी का आयोजन किया गया लेकिन विवाद के बाद शादी को स्थगित कर दिया गया। वहीं कवियों ने अपनी हास्य रचनाओं से लोगों को हंसा कर लोट पोट किया।
उल्लू दुल्हन के पक्ष में हास्य कवि इंद्रजीत निर्भीक ने कहा कि उल्लू नहीं करता उल्लूपने की बात, उल्लूपने की बात करता है आदमी की जाति, इसलिए उल्लू दिन में नहीं देखता देखता है सिर्फ रात। गदही दूल्हा का पक्ष रखते हुए कवि नरेंद्र नाथ दुबे अडिग ने कहा कि पूर्व जन्म में मानव थी अब गधे की कुल में आई हूं, लोक खादी पहनकर भी गांधी जी को अपमान करते हैं, मैं लादी धोकर भूसा चारा खा कर भी अपने कुल का सम्मान करती हूं। गधे ही दूल्हा और उल्लू दुल्हन पक्ष में दोनों का संवाद सुनकर महामूर्ख अध्यक्ष कविश्री और महामूर्ख मुख्य अतिथि कवि विजय मिश्रा बुद्धिहीन ने अग्रिम सूचना तक के लिए गधा ही उल्लू विवाह को विवाद के रूप में परिवर्तित करवा दिया और स्थगित कर दिया। हास्य कवि सम्मेलन में अजीत श्रीवास्तव चकाचक बनारसी,कवि सुख मंगल सिंह मंगल, कमलेश विष्णु जिज्ञासु, विजय मिश्र बुद्धिहीन, सुभाष क्षेत्रपाल, अशोक श्रीवास्तव, भुलक्कड़ बनारसी, सिद्धार्थ नाथ शर्मा, गोपाल केशरी, भुलक्कड़ बनारसी ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं को भाव विभोर कर दिया। इस मौके पर डॉ. अनिल यादव, सुभाषचंद्र, सदानंद दुबे, डॉ. जीके पांडेय, डॉ. उमा शरण, रणजीत यादव, संजय शर्मा, मधु सिंह, निक्की गुप्ता, सार्थक सिंह, सुमन सिंह, रोहित कुमार रहे। संचालन कृष्ण मोहन गुप्ता ने किया जबकि अतिथियों का स्वागत आयोजक विजय कुमार गुप्ता और धन्यवाद ज्ञापन संस्थान के अध्यक्ष डॉ. राजकुमार गुप्ता ने किया।
उल्लू दुल्हन के पक्ष में हास्य कवि इंद्रजीत निर्भीक ने कहा कि उल्लू नहीं करता उल्लूपने की बात, उल्लूपने की बात करता है आदमी की जाति, इसलिए उल्लू दिन में नहीं देखता देखता है सिर्फ रात। गदही दूल्हा का पक्ष रखते हुए कवि नरेंद्र नाथ दुबे अडिग ने कहा कि पूर्व जन्म में मानव थी अब गधे की कुल में आई हूं, लोक खादी पहनकर भी गांधी जी को अपमान करते हैं, मैं लादी धोकर भूसा चारा खा कर भी अपने कुल का सम्मान करती हूं। गधे ही दूल्हा और उल्लू दुल्हन पक्ष में दोनों का संवाद सुनकर महामूर्ख अध्यक्ष कविश्री और महामूर्ख मुख्य अतिथि कवि विजय मिश्रा बुद्धिहीन ने अग्रिम सूचना तक के लिए गधा ही उल्लू विवाह को विवाद के रूप में परिवर्तित करवा दिया और स्थगित कर दिया। हास्य कवि सम्मेलन में अजीत श्रीवास्तव चकाचक बनारसी,कवि सुख मंगल सिंह मंगल, कमलेश विष्णु जिज्ञासु, विजय मिश्र बुद्धिहीन, सुभाष क्षेत्रपाल, अशोक श्रीवास्तव, भुलक्कड़ बनारसी, सिद्धार्थ नाथ शर्मा, गोपाल केशरी, भुलक्कड़ बनारसी ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं को भाव विभोर कर दिया। इस मौके पर डॉ. अनिल यादव, सुभाषचंद्र, सदानंद दुबे, डॉ. जीके पांडेय, डॉ. उमा शरण, रणजीत यादव, संजय शर्मा, मधु सिंह, निक्की गुप्ता, सार्थक सिंह, सुमन सिंह, रोहित कुमार रहे। संचालन कृष्ण मोहन गुप्ता ने किया जबकि अतिथियों का स्वागत आयोजक विजय कुमार गुप्ता और धन्यवाद ज्ञापन संस्थान के अध्यक्ष डॉ. राजकुमार गुप्ता ने किया।
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