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अरंगी में मुकुट पूजा, रामजन्म के साथ रामलीला की हुई शुरूआत
Updated Fri, 22 Sep 2017 12:47 AM IST
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कंदवा। क्षेत्र के अरंगी गांव में रामलीला समिति के तत्वाधान में प्राचीन रामलीला का शुभारंभ बुधवार की रात हुआ। रामलीला की पहली निशा में मुकुट पूजा और राम जन्म की लीला हुई। लीला में श्री राम जन्म होते ही जयकारे लगने लगे। रामलीला देखने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी।
रामलीला में राक्षसों के अत्याचार से देव व मनुष्य सभी परेशानी हो जाते हैं। परेशान हो देवता ब्रह्मा के पास जाते हैं । ब्रह्माजी देवताओं को बताते हैं कि अत्याचारों से मुक्ति के लिए अयोध्या के राजा दशरथ के घर भगवान राम का अवतार होगा।
वहीं दूसरी राजा दशरथ अपने कुल गुरु वशिष्ठ के पास जा पुत्र न होने की बात कहते हैं। गुरु वशिष्ठ उन्हें बहुत प्रकार से समझाते हैं और कहते हैं कि हे राजन आप धैर्य रखें आपको चार पुत्र होंगे । लेकिन राजा दशरथ को फिर भी संतोष नहीं होता । तब गुरू वशिष्ठ ने श्रृंगी ऋषि को बुलवाया और उनसे शुभ पुत्र कामेष्ठी यज्ञ करवाया ।त ब अग्नि देव हाथ में खीर लेकर प्रकट होते हैं । इसके बाद अग्नि देव के कहे अनुसार राजा दशरथ ने रानियों को बुलाकर खीर रानियों को ग्रहण करने के लिए दिया। बाद में रानियों को चार पुत्र की प्राप्ति होती है। पुत्र जन्म की सूचना मिलते ही पूरे अयोध्या में उल्लास छा जाता है और लोग उत्सव मनाने लगते हैं । इस दौरान समिति के अध्यक्ष दिवाकर पांडेय , मुन्ना सिंह ,जिला पंचायत सदस्य कमलाकांत ,धनवंतरी पांडेय, गुलाब सिंह आदि रहे।
रामलीला में राक्षसों के अत्याचार से देव व मनुष्य सभी परेशानी हो जाते हैं। परेशान हो देवता ब्रह्मा के पास जाते हैं । ब्रह्माजी देवताओं को बताते हैं कि अत्याचारों से मुक्ति के लिए अयोध्या के राजा दशरथ के घर भगवान राम का अवतार होगा।
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वहीं दूसरी राजा दशरथ अपने कुल गुरु वशिष्ठ के पास जा पुत्र न होने की बात कहते हैं। गुरु वशिष्ठ उन्हें बहुत प्रकार से समझाते हैं और कहते हैं कि हे राजन आप धैर्य रखें आपको चार पुत्र होंगे । लेकिन राजा दशरथ को फिर भी संतोष नहीं होता । तब गुरू वशिष्ठ ने श्रृंगी ऋषि को बुलवाया और उनसे शुभ पुत्र कामेष्ठी यज्ञ करवाया ।त ब अग्नि देव हाथ में खीर लेकर प्रकट होते हैं । इसके बाद अग्नि देव के कहे अनुसार राजा दशरथ ने रानियों को बुलाकर खीर रानियों को ग्रहण करने के लिए दिया। बाद में रानियों को चार पुत्र की प्राप्ति होती है। पुत्र जन्म की सूचना मिलते ही पूरे अयोध्या में उल्लास छा जाता है और लोग उत्सव मनाने लगते हैं । इस दौरान समिति के अध्यक्ष दिवाकर पांडेय , मुन्ना सिंह ,जिला पंचायत सदस्य कमलाकांत ,धनवंतरी पांडेय, गुलाब सिंह आदि रहे।
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