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पीड़िता के लिए संजिवनी बनेगी आशा ज्योति
Updated Wed, 28 Jun 2017 01:07 AM IST
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मुगलसराय। जनपद में हिंसा की शिकार महिलाओं को जल्द ही एक फोन पर सहायता मिलेगी। इसके लिए प्रदेश सरकार द्वारा नई योजना आशा ज्योति के तहत जिले में कंट्रोल रूम स्थापित कर इसे विधिवत क्रियान्वयन किया जाएगा। जिसके लिए लखनऊ से एक चार पहिया वाहन जनपद को मिल गया है। इसमें तैनात काउंसलर और महिला आरक्षी पीड़िता के घर तक समस्या का समाधान करने जाएंगी।
प्रदेश सरकार ने 108 और 102 की तर्ज पर हिंसा की शिकार महिलाओं को सहायता देने के लिए डायल 181 चालू किया है। जो पीड़ित महिला को सहायता उपलब्ध कराने के लिए संबंधित स्थल पर दस मिनट से आधा घंटे के अंदर पहुंचेगी। इन्हें बुलाने के लिए संबंधित महिला द्वारा 181 को डायल करके अपनी समस्या बतानी होगी। प्रदेश सरकार ने महिलाओं को हिंसा से बचाने के लिए 181 महिला आशा ज्योति लाइन योजना शुरू की है। इस योजना के क्रियान्वयन के लिए मंगलवार को लखनऊ से एक बोलेरो भी आ गई है। जिला प्रोबेशन अधिकारी एसके सोनी ने बताया कि महिला आशा ज्योति लाइन 108 और 102 की तर्ज पर काम करेगी। इसके लिए मुख्यालय पर एक केन्द्र बनेगा। आशा ज्योति लाइन के लाभ के लिए हिंसा की शिकार महिला को 181 नंबर डायल करना होगा। इसके बाद पीड़ित महिला द्वारा बताए गए स्थान पर यह गाड़ी पहुंच कर सहायता करेगी। इस गाड़ी में एक महिला आरक्षी और एक महिला काउंसलर रहेंगी जो पीड़ित महिला को सहायता के साथ साथ विधि परामर्श भी देंगी। जिला प्रोबेशन अधिकारी ने बताया कि महिला हेल्पलाइन के तहत यह गाड़ी रेस्क्यू वैन की तरह काम करेगी। आशा ज्योति टीम द्वारा समस्या का समाधान न होने पर संबंधित थानों को सूचित करके हिंसा की शिकार महिला को कानूनी सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी। बताया कि शीघ्र ही समारोह पूर्वक कार्यक्रम में जिलाधिकारी हेमंत कुमार इस वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। योजना के मुताबिक जिलाधिकारी द्वारा हरी झंडी दिखाने के पश्चात यह विधिवत काम करने लगेगी और महिलाओं को इसका लाभ मिलना शुरू हो जाएगा।
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प्रदेश सरकार ने 108 और 102 की तर्ज पर हिंसा की शिकार महिलाओं को सहायता देने के लिए डायल 181 चालू किया है। जो पीड़ित महिला को सहायता उपलब्ध कराने के लिए संबंधित स्थल पर दस मिनट से आधा घंटे के अंदर पहुंचेगी। इन्हें बुलाने के लिए संबंधित महिला द्वारा 181 को डायल करके अपनी समस्या बतानी होगी। प्रदेश सरकार ने महिलाओं को हिंसा से बचाने के लिए 181 महिला आशा ज्योति लाइन योजना शुरू की है। इस योजना के क्रियान्वयन के लिए मंगलवार को लखनऊ से एक बोलेरो भी आ गई है। जिला प्रोबेशन अधिकारी एसके सोनी ने बताया कि महिला आशा ज्योति लाइन 108 और 102 की तर्ज पर काम करेगी। इसके लिए मुख्यालय पर एक केन्द्र बनेगा। आशा ज्योति लाइन के लाभ के लिए हिंसा की शिकार महिला को 181 नंबर डायल करना होगा। इसके बाद पीड़ित महिला द्वारा बताए गए स्थान पर यह गाड़ी पहुंच कर सहायता करेगी। इस गाड़ी में एक महिला आरक्षी और एक महिला काउंसलर रहेंगी जो पीड़ित महिला को सहायता के साथ साथ विधि परामर्श भी देंगी। जिला प्रोबेशन अधिकारी ने बताया कि महिला हेल्पलाइन के तहत यह गाड़ी रेस्क्यू वैन की तरह काम करेगी। आशा ज्योति टीम द्वारा समस्या का समाधान न होने पर संबंधित थानों को सूचित करके हिंसा की शिकार महिला को कानूनी सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी। बताया कि शीघ्र ही समारोह पूर्वक कार्यक्रम में जिलाधिकारी हेमंत कुमार इस वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। योजना के मुताबिक जिलाधिकारी द्वारा हरी झंडी दिखाने के पश्चात यह विधिवत काम करने लगेगी और महिलाओं को इसका लाभ मिलना शुरू हो जाएगा।
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