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नहरें बेपानी, सूखने की कगार पर धान की फसल

Tue, 25 Sep 2018 12:58 AM IST
Updated Tue, 25 Sep 2018 12:58 AM IST
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नहरें बेपानी, सूखने की कगार पर धान की फसल

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कंदवा। नहरों में पानी न आने, मौसम की खराब स्थिति से किसानों की चिंता बढ़ गई है। धान की फसल को इस समय पानी की जरूरत है लेकिन सिंचाई विभाग की लापरवाही से कई नहरों में पानी नहीं आ रहा है और न ही बारिश हो रही जिससे सिंचाई की दिक्कत हो गई।
जिले में 2.53 लाख हेक्टेयर खेती योग्य भूमि है। जनपद में करीब 85 प्रतिशत खेतों की सिंचाई नहरों के भरोसे है। किसानों ने नहरों में पानी के लिए अधिकारियों के साथ साथ सिंचाई बंधु की बैठक में भी गुहार लगाई लेकिन आज तक नहरों में पानी नहीं पहुंचा। किसान महंगा डीजल फूंककर किसी तरह फसल बचाने के प्रयास में हैं। नारायनपुर पंप कैनाल से निकली गंगा नहर, सकलडीहा रजवाहा, अगहर वीर बहुरिया नाला, धीना रजवाहा आदि सैकड़ों माइनरों के भरोसे सिंचाई होती है। वहीं अमड़ा बड़ी नहर में पानी न होने से नरवन के टेल के खेतों में पानी पहुंचना काफी मुश्किल दिख रहा है। असना गांव के किसान प्रभुनारायण सिंह, रामइकबाल सिंह, सिकठा के रतन सिंह, कम्हरिया के अनिल सिंह झुन्ना, पिपरदहा के केदार सिंह, पई के रमेश राय, देवेंद्र राय आदि का कहना है कि नहरों के बेपानी रहने और डीजल के भाव में लगातार हो रही वृद्धि से खेती की लागत बढ़ती जा रही है। बताया कि बीते दिनों सिंचाई बंधु की बैठक में नहरों में पानी छोड़ने की मांग की गई थी लेकिन अब तक ऐसा नहीं हुआ है।
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नलकूप खराब होने से किसानों में गुस्सा
नई बाजार। सकलडीहा विकासखंड के पीथापुर गांव में सरकारी नलकूप के एक माह से खराब होने से आक्रोशित किसानों ने सोमवार को प्रदर्शन किया। गांव में लगे नलकूप संख्या 144 का मोटर व स्टार्टर जल गया है। इस समस्या के समाधान के लिए किसान एसडीएम सहित सिंचाई विभाग के अधिकारियों से शिकायत कर थक चुके हैं। नलकूप के खराब होने से लगभग 120 एकड़ फसल की सिंचाई प्रभावित हो रही है।
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किसानों का कहना था कि धान के फसल को इस समय पानी की सख्त आवश्यकता है। नलकूप के खराब हो जाने से उनके सामने सिंचाई का संकट गहरा गया है। बारिश का न होना परेशानी का बड़ा कारण बना है। नहरों में भी पानी पर्याप्त मात्रा में नहीं आ रहा है। इससे धान की फसल झुलसा रोग की चपेट में आकर सूखने की कगार पर पहुंच गई है। ग्राम प्रधान राधेश्याम सिंह ने कहा कि प्रशासनिक लापरवाही से किसानों को परेशानी उठानी पड़ रही है। सूचित किए जाने के बाद भी विभागीय अधिकारी खामोश हैं। प्रदर्शन करने वालों में संजय सिंह, मुराहू राम, साधू सिंह अवधूत, अकलू पाठक, ज्यूत राम, सुदर्शन शामिल थे।
उमसभरी गर्मी से जनजीवन बेहाल
पीडीडीयू नगर। भयंकर गर्मी पड़ने और बारिश के रुक जाने से आम जनजीवन बेहाल है। सुबह से शाम तक तीखी धूप बर्दाश्त के बाहर हो जा रही है। सितंबर माह चलने के बावजूद दोपहर में सड़कों पर सन्नाटा छा जा रहा है। लोग बारिश के कम होने को इसका कारण मान रहे हैं।

इस माह में भी पंखे व कूलर तेज गति से चल रहे हैं। लोगों का कहना है कि अब तक मौसम में बदलाव न होना जेठ का एहसास करा रहा है। पंखे के नीचे बैठने के बाद भी शरीर का पसीना सूखने का नाम नहीं ले रहा है। उमसभरी गर्मी से लोग बेहाल हैं। रात को मौसम में कुछ ठंड का अनुभव अवश्य हो रहा है। मौसम में उतार- चढ़ाव से लोग वायरल फीवर सहित अन्य बीमारियों का शिकार भी हो रहे हैं। वैसे लोगों को उम्मीद है कि आने वाले कुछ दिनों से मौसम अनुकूल हो जाएगा।
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