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बोर्ड परीक्षा कापियों का मूल्यांकन करेंगे डिग्री कालेज के शिक्षक
Updated Fri, 23 Mar 2018 12:23 AM IST
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चंदौली। वित्तविहीन शिक्षकों के मूल्यांकन कार्य बहिष्कार को देखते हुए माध्यमिक शिक्षा परिषद ने डिग्री कालेज के शिक्षकों को मूल्यांकन में लगाने का निर्णय लिया है। प्रपत्र-नौ के जरिए शिक्षकों की परीक्षक के रूप में नियुक्ति की जाएगी। वहीं राजकीय और शासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों में अध्यापकों के लिए मूल्यांकन कार्य अनिवार्य रूप से करना होगा। गुरुवार को तीनों मूल्यांकन केंद्रों पर हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की लगभग 18 हजार 500 कापियां जांची गईं।
बोर्ड परीक्षा की कापियों के मूल्यांकन का काम 31 मार्च तक पूरा करना है। जबकि वित्तविहीन शिक्षकों के कार्य बहिष्कार के चलते मूल्यांकन कार्य प्रभावित हो रहा है। बोर्ड की ओर से परीक्षक के रूप में अधिकांश वित्तविहीन शिक्षक ही लगाए गए हैं। ऐसे में मूल्यांकन रफ्तार नहीं पकड़ पा रहा है। अब शासन ने अपना रुख कड़ा करते हुए डिग्री कालेज के शिक्षकों को परीक्षक के रूप में लगाए जाने की छूट दे दी है। सचिव माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से निर्देश जारी किया गया है कि राजकीय और शासकीय अध्यापकों को अनिवार्य रूप से मूल्यांकन के कार्य में लगाया जाए। उपनियंत्रक डा. रामचंद्र शुक्ल ने बताया कि प्रपत्र-नौ के जरिए परीक्षकों की नियुक्ति की जा रही है। डिग्री कालेज के शिक्षकों को भी परीक्षक के रूप में लगाया जाएगा ताकि समय से मूल्यांकन का काम पूरा हो सके।
बोर्ड परीक्षा की कापियों के मूल्यांकन का काम 31 मार्च तक पूरा करना है। जबकि वित्तविहीन शिक्षकों के कार्य बहिष्कार के चलते मूल्यांकन कार्य प्रभावित हो रहा है। बोर्ड की ओर से परीक्षक के रूप में अधिकांश वित्तविहीन शिक्षक ही लगाए गए हैं। ऐसे में मूल्यांकन रफ्तार नहीं पकड़ पा रहा है। अब शासन ने अपना रुख कड़ा करते हुए डिग्री कालेज के शिक्षकों को परीक्षक के रूप में लगाए जाने की छूट दे दी है। सचिव माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से निर्देश जारी किया गया है कि राजकीय और शासकीय अध्यापकों को अनिवार्य रूप से मूल्यांकन के कार्य में लगाया जाए। उपनियंत्रक डा. रामचंद्र शुक्ल ने बताया कि प्रपत्र-नौ के जरिए परीक्षकों की नियुक्ति की जा रही है। डिग्री कालेज के शिक्षकों को भी परीक्षक के रूप में लगाया जाएगा ताकि समय से मूल्यांकन का काम पूरा हो सके।
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