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अनुदेशकों के नवीनीकरण में फंसा पेच
Updated Thu, 06 Jul 2017 12:11 AM IST
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चंदौली। जनपद के जूनियर हाईस्कूलों में तैनात 635 शिक्षा अनुदेशकों के नवीनीकरण प्रक्रिया में पेंच फंस गया है। बेसिक शिक्षा विभाग उन विद्यालयों की छात्र संख्या जुटा रहा है जहां अनुदेशकों की तैनाती की गई है। जिस विद्यालय में छात्र संख्या सौ से कम होगी वहां नियुक्त अनुदेशक का नवीनीकरण नहीं किया जाएगा। वहीं अनुदेशकों का कहना है कि छात्र संख्या के बाबत कोई शासनादेश नहीं आया है। यदि नवीनीकरण नहीं किया गया तो वह न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे।
नया शैक्षिक सत्र शुरू लगभग एक सप्ताह हो चुका है लेकिन जूनियर हाईस्कूलों में तैनात अनुदेशकों का नवीनीकरण नहीं हो पाया है। नवीनीकरण को लेकर अनुदेशकों में उहापोह की स्थिति बनी हुई है। बेसिक शिक्षा विभाग छात्र संख्या के आधार पर अनुदेशकों का नवीनीकरण करने की बात कह रहा है जबकि अनुदेशकों का कहना है कि छात्र संख्या के बाबत कोई शासनादेश नहीं है। बेसिक शिक्षा अधिकारी संतोष कुमार सिंह का कहना है कि मुख्य विकास अधिकारी के निर्देश पर उन जूनियर हाईस्कूलों की छात्र संख्या मांगी गई है जहां अनुदेशक तैनात है। सभी खंड शिक्षाधिकारियों को दो दिन के भीतर छात्र संख्या उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। बताया कि अनुदेशकों की तैनाती ही उन विद्यालयों में की गई है जहां छात्रों की संख्या कम से कम सौ है। यदि छात्रों की संख्या सौ से कम है तो अनुदेशकों का नवीनीकरण करने का प्रश्न की नहीं उठता है। बताया कि अनुदेशकों के पुन: अनुबंध की कार्यवाही 100 रुपये के स्टेंप पर कराई जानी है इससे पूर्व अनुदेशक के कार्य व्यवहार और उपस्थिति के संबंध में संबंधित विद्यालय के प्रधानाचार्य से आख्या भी मांगी जाएगी। पूर्व माध्यमिक अनुदेशक कल्याण समिति के जिलाध्यक्ष आशीष रघुवंशी का कहना है कि छात्र संख्या कम होने की जिम्मेदारी केवल अनुदेशकों पर ही मढ़ी जा रही है जबकि इसके लिए विद्यालय के अन्य अध्यापकों की भी जवाबदेही होनी चाहिए। नवीनीकरण नहीं होने पर न्यायालय में जाएंगे।
नया शैक्षिक सत्र शुरू लगभग एक सप्ताह हो चुका है लेकिन जूनियर हाईस्कूलों में तैनात अनुदेशकों का नवीनीकरण नहीं हो पाया है। नवीनीकरण को लेकर अनुदेशकों में उहापोह की स्थिति बनी हुई है। बेसिक शिक्षा विभाग छात्र संख्या के आधार पर अनुदेशकों का नवीनीकरण करने की बात कह रहा है जबकि अनुदेशकों का कहना है कि छात्र संख्या के बाबत कोई शासनादेश नहीं है। बेसिक शिक्षा अधिकारी संतोष कुमार सिंह का कहना है कि मुख्य विकास अधिकारी के निर्देश पर उन जूनियर हाईस्कूलों की छात्र संख्या मांगी गई है जहां अनुदेशक तैनात है। सभी खंड शिक्षाधिकारियों को दो दिन के भीतर छात्र संख्या उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। बताया कि अनुदेशकों की तैनाती ही उन विद्यालयों में की गई है जहां छात्रों की संख्या कम से कम सौ है। यदि छात्रों की संख्या सौ से कम है तो अनुदेशकों का नवीनीकरण करने का प्रश्न की नहीं उठता है। बताया कि अनुदेशकों के पुन: अनुबंध की कार्यवाही 100 रुपये के स्टेंप पर कराई जानी है इससे पूर्व अनुदेशक के कार्य व्यवहार और उपस्थिति के संबंध में संबंधित विद्यालय के प्रधानाचार्य से आख्या भी मांगी जाएगी। पूर्व माध्यमिक अनुदेशक कल्याण समिति के जिलाध्यक्ष आशीष रघुवंशी का कहना है कि छात्र संख्या कम होने की जिम्मेदारी केवल अनुदेशकों पर ही मढ़ी जा रही है जबकि इसके लिए विद्यालय के अन्य अध्यापकों की भी जवाबदेही होनी चाहिए। नवीनीकरण नहीं होने पर न्यायालय में जाएंगे।
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