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चकबंदी में मालियत लगा बेच दी शमशान की जमीन 19-04-54
Updated Mon, 17 Dec 2018 12:27 AM IST
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चंदौली/धानापुर। भू माफियाओं और चकबंदी विभाग के अधिकारी की सांठ-गांठ के चलते धानापुर ग्रामसभा में सरकारी जमीनों के सौदे का खेल चल रहा है। सबसे ताज्जुब की बात यह है कि अधिकारी सरकारी जमीनों के अलावा शमशान की भी जमीन की मालियत लगाकर अपने चहेतों में नाम से दर्ज कर लिया है। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बाद गुहार लगाने के बाद भी अभी तक उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई है।
धानापुर ग्राम सभा में धारा 52 के तहत चकबंदी का कार्य चल रहा है। यहां चकबंदी विभाग के अधिकारी जमीनों की मालियत लगाने के बाद नये सिरे से चक का निर्धारण कर रहे हैं। लेकिन भू माफियाओं और अधिकारियों की पेशबंदी के चलते ग्राम समाज, शमशान, कब्रिस्तान, तालाब, पोखरे के अलावा कई प्रकार की सरकारी जमीनों का मालियत लगाने की बात सामने आई है। नमामि गंगे योजना के तहत नरौली स्थित गंगा घाट के किनारे कागजों में हेरफेर में कर ग्रामसभा की जमीन पर मालियत लगा दी गई और वहां शमशान बना दिया गया जहां तक जाने का रास्ता ही नहीं है। उस जमीन को दिखाकर दूसरे व्यक्ति को दूसरी जगह जमीन आवंटित कर ली। जिससे शमशान गृह तक जाने का कोई रास्ता नहीं होने के कारण यह विरान पड़ा है। जबकि क़ुछ वर्ष पहले करीब 14 लाख की लागत से ग्राम पंचायत की ओर से इसका निर्माण कराया गया था। लेकिन अधिकारियों और भू माफियाओं की करतूत के चलते ग्रामीण दूसरी जगहों पर शवों का अंतिम संस्कार करने को विवश है। क्षेत्र के मृत्युंजय सिंह, रामशरन यादव, नियामुल खान, गोपाल राय, साधू प्रजापति, सत्यदेव और पप्पू वसीम ने जिला प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराते हुए पूरी चकबंदी प्रक्रिया की जांच कराने की मांग की है।
कोट...
धानापुर में चकबंदी के दौरान ग्रामीणों ने अनियमिता और सरकारी जमीन पर मालियत लगाने की शिकायत की है। चकबंदी में किसी भी सरकारी जमीन की मालियत नहीं लगाई जा सकती है। इसकी जांच कराई जाएगी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। रामअवध यादव, सीओ चकबंदी।
धानापुर ग्राम सभा में धारा 52 के तहत चकबंदी का कार्य चल रहा है। यहां चकबंदी विभाग के अधिकारी जमीनों की मालियत लगाने के बाद नये सिरे से चक का निर्धारण कर रहे हैं। लेकिन भू माफियाओं और अधिकारियों की पेशबंदी के चलते ग्राम समाज, शमशान, कब्रिस्तान, तालाब, पोखरे के अलावा कई प्रकार की सरकारी जमीनों का मालियत लगाने की बात सामने आई है। नमामि गंगे योजना के तहत नरौली स्थित गंगा घाट के किनारे कागजों में हेरफेर में कर ग्रामसभा की जमीन पर मालियत लगा दी गई और वहां शमशान बना दिया गया जहां तक जाने का रास्ता ही नहीं है। उस जमीन को दिखाकर दूसरे व्यक्ति को दूसरी जगह जमीन आवंटित कर ली। जिससे शमशान गृह तक जाने का कोई रास्ता नहीं होने के कारण यह विरान पड़ा है। जबकि क़ुछ वर्ष पहले करीब 14 लाख की लागत से ग्राम पंचायत की ओर से इसका निर्माण कराया गया था। लेकिन अधिकारियों और भू माफियाओं की करतूत के चलते ग्रामीण दूसरी जगहों पर शवों का अंतिम संस्कार करने को विवश है। क्षेत्र के मृत्युंजय सिंह, रामशरन यादव, नियामुल खान, गोपाल राय, साधू प्रजापति, सत्यदेव और पप्पू वसीम ने जिला प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराते हुए पूरी चकबंदी प्रक्रिया की जांच कराने की मांग की है।
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कोट...
धानापुर में चकबंदी के दौरान ग्रामीणों ने अनियमिता और सरकारी जमीन पर मालियत लगाने की शिकायत की है। चकबंदी में किसी भी सरकारी जमीन की मालियत नहीं लगाई जा सकती है। इसकी जांच कराई जाएगी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। रामअवध यादव, सीओ चकबंदी।
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