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प्रमुख सचिव ने दिए जांच के निर्देश
Updated Sat, 10 Mar 2018 01:24 AM IST
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चंदौली। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर सीएम के कार्यक्रम में सम्मानित होने गईं जनपद की महिलाओं के बैरंग वापस लौटने के मामले में प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास विभाग ने गंभीरता से लिया है। जिले की समीक्षा बैठक करने आए सचिव ने इस लापरवाही पर नाराजगी जताई और जांच के निर्देश दिए हैं। मुख्य विकास अधिकारी खुर्द इसकी जांच-पड़ताल करेंगे। सम्मानित होने वाले कार्यक्रम में महिलाओं के नाम नहीं भेजने की शिकायत मिली तो जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्घ कार्रवाई तय है।
सीडीओ के अनुसार लापरवाही मिलने पर कार्यक्रम में आने-जाने सहित पूरे व्यय की प्रतिपूर्ति जिला पंचायती राज अधिकारी के वेतन से की जाएगी। स्वच्छ भारत मिशन में सहयोग प्रदान करने वाली महिला ग्राम प्रधानों और स्वच्छताग्रहियों को आठ मार्च को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर लखनऊ में सीएम की ओर से सम्मानित किया गया। आयोजन हेतु शासन ने डीपीआरओ कार्यालय से एक प्रधान और स्वच्छताग्रही का नाम मांगा था। जिले से 54 महिलाओं का दल सात मार्च को बस द्वारा लखनऊ रवाना हुआ। इसमें इसमें ग्राम प्रधान गायत्री देव और स्वच्छताग्रही कुमकुम पांडेय को सम्मानित किया जाना था। जिलाधिकारी सहित उच्चाधिकारियों ने बस को हरी झंडी दिखाई थी। लेकिन कार्यक्रम में जिले से किसी भी महिला को सम्मानित नहीं किया गया। मायूस और नाराज महिलाओं ने जब इसका कारण पूछा तो बताया गया कि जिले से उनका नाम प्राप्त नहीं हुआ है। बहरहाल शुक्रवार को यह मामला दो दिवसीय जनपद दौरे पर आए प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास अनुराग श्रीवास्तव तक पहुंच गया। उन्होंने प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए मुख्य विकास अधिकारी को जांच का निर्देश दे डाला। सीडीओ डा. अभय कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि महिलाएं किस कारण सम्मानित नहीं की जा सकीं, डीपीआरओ कार्यालय से नाम भेजा गया था या नहीं आदि मामलों की पड़ताल की जाएगी। यदि खामी मिली को कार्रवाई के साथ-साथ डीपीआरओ से पूरे व्यय की वसूली की जाएगी।
सीडीओ के अनुसार लापरवाही मिलने पर कार्यक्रम में आने-जाने सहित पूरे व्यय की प्रतिपूर्ति जिला पंचायती राज अधिकारी के वेतन से की जाएगी। स्वच्छ भारत मिशन में सहयोग प्रदान करने वाली महिला ग्राम प्रधानों और स्वच्छताग्रहियों को आठ मार्च को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर लखनऊ में सीएम की ओर से सम्मानित किया गया। आयोजन हेतु शासन ने डीपीआरओ कार्यालय से एक प्रधान और स्वच्छताग्रही का नाम मांगा था। जिले से 54 महिलाओं का दल सात मार्च को बस द्वारा लखनऊ रवाना हुआ। इसमें इसमें ग्राम प्रधान गायत्री देव और स्वच्छताग्रही कुमकुम पांडेय को सम्मानित किया जाना था। जिलाधिकारी सहित उच्चाधिकारियों ने बस को हरी झंडी दिखाई थी। लेकिन कार्यक्रम में जिले से किसी भी महिला को सम्मानित नहीं किया गया। मायूस और नाराज महिलाओं ने जब इसका कारण पूछा तो बताया गया कि जिले से उनका नाम प्राप्त नहीं हुआ है। बहरहाल शुक्रवार को यह मामला दो दिवसीय जनपद दौरे पर आए प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास अनुराग श्रीवास्तव तक पहुंच गया। उन्होंने प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए मुख्य विकास अधिकारी को जांच का निर्देश दे डाला। सीडीओ डा. अभय कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि महिलाएं किस कारण सम्मानित नहीं की जा सकीं, डीपीआरओ कार्यालय से नाम भेजा गया था या नहीं आदि मामलों की पड़ताल की जाएगी। यदि खामी मिली को कार्रवाई के साथ-साथ डीपीआरओ से पूरे व्यय की वसूली की जाएगी।
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