चंदौली। पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर आंदोलन तेज होता जा रहा है। मंगलवार को शिक्षकों के साथ विभिन्न विभागों के कर्मचारियों ने सदर ब्लाक परिसर में एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद की। कर्मचारी नेताओं और शिक्षकों ने कहा कि जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी उनका आंदोलन जारी रहेगा। चेताया कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर अमल नहीं किया गया तो सड़क पर उतरकर बड़े पैमाने पर आंदोलन किया जाएगा। इसके बाद सभी ने गिरफ्तारी भी दी। हालांकि पुलिस ने मौके से ही सभी को निजी मुचलके पर छोड़ दिया। पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर शिक्षक, शिक्षामित्र, सफाईकर्मी सहित विभिन्न विभागों के कर्मचारी काफी संख्या में सदर ब्लाक में पहले से निर्धारित धरने स्थल पर पहुंचे। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि सरकार के उपेक्षात्मक रवैया के कारण पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल नहीं की जा रही है। कई बार सरकार से वार्ता भी हुई लेकिन सिर्फ आश्वासन दिया गया। शिक्षकों, कर्मचारियों का उत्पीड़न किया जा रहा है। प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन व कार्य बहिष्कार और लखनऊ में विशाल रैली के माध्यम से सरकार का ध्यानाकर्षित कराया गया कि अप्रैल 2005 के बाद राजकीय सेवा में आए कर्मचारियों, शिक्षकों, अधिकारियों के लिए पुरानी सुनिश्चित पेंशन योजना बहाली करने की मांग की थी। उस दौरान प्रदेश के उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा की अध्यक्षता में मंच के पदाधिकारियों की बैठक के माध्यम से वार्ता भी हुई, लेकिन अभी तक भी कोई सार्थक परिणाम नहीं आया। संयोजक रामनगीना सिंह ने कहा कि पेंशन बहाली नहीं होने से संगठन के लोग सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिए है। अब कर्मचारियों की लड़ाई आर पार की होगी। इस दौरान मनोज कुमार, रमेश सिंह, अभय सिंह, संजीव सिंह, अजय सिंह, विमल, नियाज अहमद, वीरेंद्र मोहन, राजेश पांडेय, आनंद नारायन मिश्र, अनिल कुमार, अखिलेश, संतोष तिवारी रहे।