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शशिकला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पास
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शहाबगंज। ब्लाक प्रमुख शशिकला उपाध्याय के खिलाफ आया अविश्वास प्रस्ताव गुरुवार को पास हो गया। इसके लिए हुए मतदान में कुल 75 क्षेत्र पंचायत सदस्यों में 49 ने हिस्सा लिया। इसमें 47 सदस्यों ने अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया। जबकि एक मत विरोध में पड़ा। वहीं एक मत अवैध घोषित हुआ। इस तरह प्रमुख शशिकला उपाध्याय को अपनी कुर्सी गंवानी पड़ी। अब एक बार फिर अध्यक्ष पद के लिए चुनाव होगा।
शहाबगंज ब्लाक में कुल 75 बीडीसी हैं। वर्तमान प्रमुख शशिकला उपाध्याय के खिलाफ 30 नवंबर को पूर्व प्रमुख सरोज सिंह ने अविश्वास प्रस्ताव रखा था। कलेक्ट्रेट में डीएम के समक्ष सरोज सिंह के नेतृत्व में 41 क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने परेड किया और 43 सदस्यों का हलफनामा दिया था। तब डीएम ने हलफनामा के आधार पर उनके बयान दर्ज किए और अभिलेखों की जांच पड़ताल के बाद प्रमुख के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा और मतदान के लिए 27 दिसंबर की तिथि निर्धारित की।
गुरुवार की सुबह दस बजे चुनाव अधिकारी एसडीएम चकिया दीप्तिदेव यादव की देख रेख में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा शुरू हुई। चर्चा में पूर्व ब्लाक प्रमुख सरोज सिंह 49 सदस्यों के साथ पहुंची। वहीं वर्तमान प्रमुख शशिकला उपाध्याय नहीं पहुंची। चर्चा के बाद मतदान हुआ। निर्वाचन अधिकारी एसडीएम चकिया दीप्तिदेव यादव ने बताया कि अविश्वास प्रस्ताव पास किया गया। अभिलेखों को जिलाधिकारी को भेजा गया है। इसके पूर्व सुरक्षा के मद्देनजर पांच थानों की फोर्स तैनात रही। अपर पुलिस अधीक्षक नक्सल ने निगरानी रखी। मतदान का कवरेज करने पहुंचे पत्रकारों को पुलिस ने बाहर कर दिया। बाद में प्रशासन ने पत्रकारों को समझाकर मामले को शांत कराया।
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इनसेट-
ट्रक ने बैरियर तोड़ा
शहाबगंज। शहाबगंज ब्लाक प्रमुख के अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के मद्देनजर ब्लाक मुख्यालय की पुख्ता सुरक्षा इंतजाम किए गए थे। ब्लाक जाने वाले मार्ग पर पुलिस ने बैरीकेडिंग की थी। यहां पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया था। दोपहर में कार्रवाई के बीच में ही एक ट्रक अनियंत्रित होकर बैरियर तोड़ते हुए आगे बढ़ गया। हालांकि आगे वह रस्सी में फंस गया और चालक ने ट्रक रोक दी।
इनसेट-
कुर्सी के खेल में शह-मात का खेल
सरोज और शशि एक दूसरे की छीन चुकी हैं कुर्सी
अमर उजाला ब्यूरो
शहाबगंज। शहाबगंज ब्लाक प्रमुख पद पर तीन वर्षों से शह-मात का खेल चल रहा है। सरोज सिंह और शशि उपाध्याय दोनों एक दूसरे को कुर्सी छीन चुकी हैं। फरवरी 2016 में हुए चुनाव में शशिकला उपाध्याय को पराजित कर सरोज सिंह ब्लाक प्रमुख चुनी गईं। लेकिन वे अधिक दिन तक नहीं काबिज रह सकी। चुनाव में हार का सामना करने वाली शशिकला उपाध्याय ने दो जून 2016 को अविश्वास प्रस्ताव ला दिया। 28 जून को बहस और चर्चा के बाद सरोज सिंह ने पद से इस्तीफा दे दिया। 12 अगस्त को दोबारा कराए गए प्रमुख पद के चुनाव में शशिकला उपाध्याय निर्वाचित हुई और प्रमुख बनीं।
उपचुनाव में हार मिलने के बाद सरोज सिंह के पति अनुग्रह नरायन सिंह उर्फ बंटी सिंह शशिकला के विरोध में बीडीसी सदस्यों को एकजुट करने में जुट गए। पूरी तैयारी के बाद 30 नवंबर को 41 सदस्यों ने वर्तमान डीएम नवनीत सिंह चहल के समक्ष सरोज सिंह ने अविश्वास प्रस्ताव पेश किया। निवर्तमान प्रमुख सरोज सिंह ने 43 सदस्यों का हलफनामा पेश किया। गुटबंदी इतनी मजबूत रही कि सरोज सिंह के पक्ष में 47 सदस्य पहुंचे जबकि चर्चा में वर्तमान प्रमुख शशिकला उपाध्याय और न ही समर्थक शामिल हुए।
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शहाबगंज ब्लाक में कुल 75 बीडीसी हैं। वर्तमान प्रमुख शशिकला उपाध्याय के खिलाफ 30 नवंबर को पूर्व प्रमुख सरोज सिंह ने अविश्वास प्रस्ताव रखा था। कलेक्ट्रेट में डीएम के समक्ष सरोज सिंह के नेतृत्व में 41 क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने परेड किया और 43 सदस्यों का हलफनामा दिया था। तब डीएम ने हलफनामा के आधार पर उनके बयान दर्ज किए और अभिलेखों की जांच पड़ताल के बाद प्रमुख के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा और मतदान के लिए 27 दिसंबर की तिथि निर्धारित की।
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गुरुवार की सुबह दस बजे चुनाव अधिकारी एसडीएम चकिया दीप्तिदेव यादव की देख रेख में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा शुरू हुई। चर्चा में पूर्व ब्लाक प्रमुख सरोज सिंह 49 सदस्यों के साथ पहुंची। वहीं वर्तमान प्रमुख शशिकला उपाध्याय नहीं पहुंची। चर्चा के बाद मतदान हुआ। निर्वाचन अधिकारी एसडीएम चकिया दीप्तिदेव यादव ने बताया कि अविश्वास प्रस्ताव पास किया गया। अभिलेखों को जिलाधिकारी को भेजा गया है। इसके पूर्व सुरक्षा के मद्देनजर पांच थानों की फोर्स तैनात रही। अपर पुलिस अधीक्षक नक्सल ने निगरानी रखी। मतदान का कवरेज करने पहुंचे पत्रकारों को पुलिस ने बाहर कर दिया। बाद में प्रशासन ने पत्रकारों को समझाकर मामले को शांत कराया।
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ट्रक ने बैरियर तोड़ा
शहाबगंज। शहाबगंज ब्लाक प्रमुख के अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के मद्देनजर ब्लाक मुख्यालय की पुख्ता सुरक्षा इंतजाम किए गए थे। ब्लाक जाने वाले मार्ग पर पुलिस ने बैरीकेडिंग की थी। यहां पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया था। दोपहर में कार्रवाई के बीच में ही एक ट्रक अनियंत्रित होकर बैरियर तोड़ते हुए आगे बढ़ गया। हालांकि आगे वह रस्सी में फंस गया और चालक ने ट्रक रोक दी।
इनसेट-
कुर्सी के खेल में शह-मात का खेल
सरोज और शशि एक दूसरे की छीन चुकी हैं कुर्सी
अमर उजाला ब्यूरो
शहाबगंज। शहाबगंज ब्लाक प्रमुख पद पर तीन वर्षों से शह-मात का खेल चल रहा है। सरोज सिंह और शशि उपाध्याय दोनों एक दूसरे को कुर्सी छीन चुकी हैं। फरवरी 2016 में हुए चुनाव में शशिकला उपाध्याय को पराजित कर सरोज सिंह ब्लाक प्रमुख चुनी गईं। लेकिन वे अधिक दिन तक नहीं काबिज रह सकी। चुनाव में हार का सामना करने वाली शशिकला उपाध्याय ने दो जून 2016 को अविश्वास प्रस्ताव ला दिया। 28 जून को बहस और चर्चा के बाद सरोज सिंह ने पद से इस्तीफा दे दिया। 12 अगस्त को दोबारा कराए गए प्रमुख पद के चुनाव में शशिकला उपाध्याय निर्वाचित हुई और प्रमुख बनीं।
उपचुनाव में हार मिलने के बाद सरोज सिंह के पति अनुग्रह नरायन सिंह उर्फ बंटी सिंह शशिकला के विरोध में बीडीसी सदस्यों को एकजुट करने में जुट गए। पूरी तैयारी के बाद 30 नवंबर को 41 सदस्यों ने वर्तमान डीएम नवनीत सिंह चहल के समक्ष सरोज सिंह ने अविश्वास प्रस्ताव पेश किया। निवर्तमान प्रमुख सरोज सिंह ने 43 सदस्यों का हलफनामा पेश किया। गुटबंदी इतनी मजबूत रही कि सरोज सिंह के पक्ष में 47 सदस्य पहुंचे जबकि चर्चा में वर्तमान प्रमुख शशिकला उपाध्याय और न ही समर्थक शामिल हुए।