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छात्राओं का शव गांव पहुंचते ही मचा कोहराम
Updated Tue, 04 Sep 2018 01:05 AM IST
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कंदवा। चकिया कोतवाली क्षेत्र के नई बस्ती के पास रविवार की शाम हुए वाहन दुर्घटना में मृत दोनों छात्राओं का शव पोस्टमार्टम के बाद सोमवार की भोर करीब चार बजे चिरईगांव पहुंचा। शवों के पहुंचते ही परिजनों के करुण क्रंदन से पूरा माहौल गमगीन हो गया। दोनों परिवार के सदस्यों के साथ पूरे गांव के लोग इस घटना को लेकर काफी मर्माहत थे।
गौरतलब कि रविवार की शाम राजदरी देवदरी से वापस लौट रही लालमनी देवी बालिका विद्यालय चिरईगांव की छात्राओं से भरी मैजिक चकिया कोतवाली के मोहम्मदाबाद नई बस्ती के पास नहर में पलट गई थी। दुर्घटना में दो छात्राओं की घटनास्थल पर ही दर्दनाक मौत हो गई थी। वहीं विद्यालय की शिक्षिका प्रिया पांडेय सहित सात अन्य घायल हो गई थीं। जिलाधिकारी के निर्देश पर दोनों छात्राओं का जिला अस्पताल स्थित पोस्टमार्टम हाउस पर देर रात पोस्टमार्टम किया गया। घटना की जानकारी के बाद गांव के लोग सोए भी नहीं थे। मानों उन्हें अपनी बेटियों का ही इंतजार था। शवों के पहुंचने की सूचना मिलते दोनों ही घरों के दरवाजे पर ग्रामीणों की भारी भीड़ एकत्र हो गई। सभी घटना से मर्माहत दिख रहे थे। सभी की आंखें आंसुओं से भरी हुई थीं। दोनों छात्राओं को अश्रुपूरित आंखों से सोमवार की सुबह करीब आठ बजे अंतिम संस्कार के लिए वाराणसी ले जाया गया। जहां हिंदू धर्म के रीति रिवाज के अनुसार साक्षी सिंह उर्फ सिया व मुस्कान को उनके पिता जयप्रकाश सिंह मुन्ना व प्रभात सिंह उर्फ डिम्पल ने रुंधे गले से मुखाग्नि दी।
सिया को मौत ने खींचकर बैठाया मैजिक में
कहा जाता है कि मौत लोगों को खींचकर अपने पास ले जाती है । इसका सबूत राजदरी- देवदरी पर्यटन स्थल से वापस लौट रही साक्षी सिंह उर्फ सिया की दर्दनाक मौत दे रहा है। लौटते समय साक्षी विद्यालय की प्रधानाचार्या व अपनी बुआ डॉ. सुनिता सिंह के वाहन में सवार थी। घटना स्थल से चंद कदम दूर साक्षी उर्फ सिया दुर्घटनाग्रस्त हुए मैजिक में सवार हो गए। उसे क्या पता था कि मौत ने खींचकर उसे मैजिक में सवार कर दिया है। बुआ ने रुंधे गले से बताया कि विद्यालय से टूर के लिए 25 छात्राएं और विद्यालय के शिक्षक व कर्मचारी गए हुए थे। वापस आते समय दुर्घटनास्थल से चंद कदम दूर पहले ही वह दुर्घटना ग्रस्त होने वाले वाहन में सवार हो गई। उन्होंने रुंधे गले से बताया कि यदि मालूम होता कि मैजिक में बैठना उसके लिए जानलेवा साबित होगा तो वे उसे उस वाहन में बैठने नहीं देतीं।
गौरतलब कि रविवार की शाम राजदरी देवदरी से वापस लौट रही लालमनी देवी बालिका विद्यालय चिरईगांव की छात्राओं से भरी मैजिक चकिया कोतवाली के मोहम्मदाबाद नई बस्ती के पास नहर में पलट गई थी। दुर्घटना में दो छात्राओं की घटनास्थल पर ही दर्दनाक मौत हो गई थी। वहीं विद्यालय की शिक्षिका प्रिया पांडेय सहित सात अन्य घायल हो गई थीं। जिलाधिकारी के निर्देश पर दोनों छात्राओं का जिला अस्पताल स्थित पोस्टमार्टम हाउस पर देर रात पोस्टमार्टम किया गया। घटना की जानकारी के बाद गांव के लोग सोए भी नहीं थे। मानों उन्हें अपनी बेटियों का ही इंतजार था। शवों के पहुंचने की सूचना मिलते दोनों ही घरों के दरवाजे पर ग्रामीणों की भारी भीड़ एकत्र हो गई। सभी घटना से मर्माहत दिख रहे थे। सभी की आंखें आंसुओं से भरी हुई थीं। दोनों छात्राओं को अश्रुपूरित आंखों से सोमवार की सुबह करीब आठ बजे अंतिम संस्कार के लिए वाराणसी ले जाया गया। जहां हिंदू धर्म के रीति रिवाज के अनुसार साक्षी सिंह उर्फ सिया व मुस्कान को उनके पिता जयप्रकाश सिंह मुन्ना व प्रभात सिंह उर्फ डिम्पल ने रुंधे गले से मुखाग्नि दी।
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सिया को मौत ने खींचकर बैठाया मैजिक में
कहा जाता है कि मौत लोगों को खींचकर अपने पास ले जाती है । इसका सबूत राजदरी- देवदरी पर्यटन स्थल से वापस लौट रही साक्षी सिंह उर्फ सिया की दर्दनाक मौत दे रहा है। लौटते समय साक्षी विद्यालय की प्रधानाचार्या व अपनी बुआ डॉ. सुनिता सिंह के वाहन में सवार थी। घटना स्थल से चंद कदम दूर साक्षी उर्फ सिया दुर्घटनाग्रस्त हुए मैजिक में सवार हो गए। उसे क्या पता था कि मौत ने खींचकर उसे मैजिक में सवार कर दिया है। बुआ ने रुंधे गले से बताया कि विद्यालय से टूर के लिए 25 छात्राएं और विद्यालय के शिक्षक व कर्मचारी गए हुए थे। वापस आते समय दुर्घटनास्थल से चंद कदम दूर पहले ही वह दुर्घटना ग्रस्त होने वाले वाहन में सवार हो गई। उन्होंने रुंधे गले से बताया कि यदि मालूम होता कि मैजिक में बैठना उसके लिए जानलेवा साबित होगा तो वे उसे उस वाहन में बैठने नहीं देतीं।
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