{"_id":"5ab3f8044f1c1bc4758b6ec1","slug":"141521743876-chandauli-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"रोके के बावजूद जलाया जा रहा है कूड़ा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रोके के बावजूद जलाया जा रहा है कूड़ा
Updated Fri, 23 Mar 2018 12:07 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
मुगलसराय। नगर पालिका और नगर पंचायतों से रोजाना निकलने वाले कूड़े के निस्तारण की समुचित व्यवस्था न होने से जहां-तहां फेंक दिया जा रहा है। वहीं बाद में उसे जला दिया जाता है। यह तब है जब कूड़े के जलाने पर पूरी तरह से पाबंदी है। जिले में तीन नगर पंचायतों और मुगलसराय नगर पालिका से हर दिन करीब 42 टन कूड़ा निकलता है। इससे प्रदूषण फैल रहा है और लोग परेशान हैं।
नगर पालिका पंडित दीन दयाल उपाध्याय नगर में कुल 25 वार्ड हैं। तकरीबन दो लाख आबादी वाले इस क्षेत्र से हर दिन 35 टन कूड़ा निकलता है। कूड़ा डंप करने के लिए अब तक नगर पालिका जमीन नहीं तलाश पाई है। निस्तारण का इंतजाम नहीं होने के कारण कई बार सफाई कर्मी उसमें आग लगा देते हैं। वहीं दूसरी तरफ नगर में एक दर्जन से अधिक लान हैं। जहां शादी विवाह के बाद लान से निकलने वाले कूड़ों को सड़क किनारे रखकर लान संचालक जला देते है। पालिका की ओर से इस पर अब तक कोई नकेल नहीं कसी जा सकी। इसके अलावा 25 हजार आबादी और 15 वार्ड वाले नगर पंचायत चंदौली में हर रोज पांच टन कूड़ा निकलता है। वहां भी कूड़ा डंपिंग के लिए जगह नहीं है। उसे मुख्यालय के आसपास वाले गांव किनारे फेंक दिया जाता है। बाद में आग लगा दी जाती है। वहीं नगर पंचायत सैयदराजा में कुल 13 वार्ड हैं। 18 हजार आबादी वाले इस क्षेत्र में रोजाना एक टन कूड़ा निकलता है। कूड़े को बगही कुंभापुर स्थित खाली जमीन पर फेंका जाता है। इसी प्रकार नगर पंचायत चकिया के 12 वार्डों से भी लगभग एक टन कूड़ा हर रोज निकलता है। कूड़े को गरला गांव स्थित एक काफी लंबे व चौड़े गड्ढे में फेंक दिया जाता है। नगर पालिका की अधिशासी अधिकारी रोली गुप्ता का कहना है कि कूड़े के निस्तारण की कोई व्यवस्था नहीं है। जमीन की तलाश की जा रही है। कूड़े में आग लगाने पर पाबंदी है। इसके लिए सफाई कर्मियों को भी सख्त हिदायत दी गई है।
नगर पालिका पंडित दीन दयाल उपाध्याय नगर में कुल 25 वार्ड हैं। तकरीबन दो लाख आबादी वाले इस क्षेत्र से हर दिन 35 टन कूड़ा निकलता है। कूड़ा डंप करने के लिए अब तक नगर पालिका जमीन नहीं तलाश पाई है। निस्तारण का इंतजाम नहीं होने के कारण कई बार सफाई कर्मी उसमें आग लगा देते हैं। वहीं दूसरी तरफ नगर में एक दर्जन से अधिक लान हैं। जहां शादी विवाह के बाद लान से निकलने वाले कूड़ों को सड़क किनारे रखकर लान संचालक जला देते है। पालिका की ओर से इस पर अब तक कोई नकेल नहीं कसी जा सकी। इसके अलावा 25 हजार आबादी और 15 वार्ड वाले नगर पंचायत चंदौली में हर रोज पांच टन कूड़ा निकलता है। वहां भी कूड़ा डंपिंग के लिए जगह नहीं है। उसे मुख्यालय के आसपास वाले गांव किनारे फेंक दिया जाता है। बाद में आग लगा दी जाती है। वहीं नगर पंचायत सैयदराजा में कुल 13 वार्ड हैं। 18 हजार आबादी वाले इस क्षेत्र में रोजाना एक टन कूड़ा निकलता है। कूड़े को बगही कुंभापुर स्थित खाली जमीन पर फेंका जाता है। इसी प्रकार नगर पंचायत चकिया के 12 वार्डों से भी लगभग एक टन कूड़ा हर रोज निकलता है। कूड़े को गरला गांव स्थित एक काफी लंबे व चौड़े गड्ढे में फेंक दिया जाता है। नगर पालिका की अधिशासी अधिकारी रोली गुप्ता का कहना है कि कूड़े के निस्तारण की कोई व्यवस्था नहीं है। जमीन की तलाश की जा रही है। कूड़े में आग लगाने पर पाबंदी है। इसके लिए सफाई कर्मियों को भी सख्त हिदायत दी गई है।
विज्ञापन