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शौचालय निर्माण की हकीकत से अनजान है अधिकारी
Updated Thu, 06 Dec 2018 11:29 PM IST
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केस एक
बरहनी विकास खंड के औरैया ग्राम सभा के भदखरी निवासी मनोज कुमार ने बताया कि शौचालय निर्माण के लिए उन्हें चयनित किया गया। प्रथम किस्त मिलने के बाद उन्होंने शौचालय निर्माण शुरू करा दिया। लेकिन द्वितीय किस्त का भुगतान नहीं होने से शौचालय निर्माण अधर में लटक गया।
केस दो
विकास खंड सकलडीहा के दिघवट गांव निवासी सोहन कुमार ने बताया कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय बनाने के लिए उन्हें प्रथम किस्त के रूप में छह हजार रुपये का चेक मिला था। जिसके बाद उन्होंने शौचालय निर्माण का कार्य शुरू करा दिया। लेकिन अभी तक दूसरे किस्त का भुगतान नहीं होने से उनका शौचालय पूर्ण नहीं हो पाया है।
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चंदौली। स्वच्छ भारत मिशन के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में बनने वाले शौचालयों को लेकर भले ही पंचायतीराज विभाग अपनी पीठ थपथपा रहा हो, लेकिन हकीकत इसके उलट है। विभाग का दावा है कि वर्ष 2017-18 में बेस लाइन के अंदर के सभी 1.29 लाख, तीन सौ 92 लाभार्थियों के शौचालयों का निर्माण पूर्ण हो गया है। लेकिन विभागीय अधिकारियों और ग्राम प्रधानों के मनमानी के चलते कई ऐसे भी लाभार्थी हैं, जिन्हें द्वितीय किस्त नहीं मिलने से उनके शौचालय अभी अधूरे हैं।
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शौचालय न बनने की वजह से लोग खुले में शौच करने को बाध्य हैं। कागज पर तो पंचायती राज विभाग ने शौचालय का निर्माण पूरा करा दिया, लेकिन हकीकत में अभी लक्ष्य भी पूरा नहीं हो सका है। बरहनी विकास खंड के भदखरी निवासी बनारसी राम ने बताया कि गांव की खुली बैठक में उन्हें शौचालय निर्माण के लिए चयनित किया, छह हजार का चेक भी मिला। दूसरी किस्त अब तक नहीं मिल सकी है। इसी तरह सदर विकास विकास खंड के जसौली गांव निवासी भवानी ने बताया कि शौचालय निर्माण के लिए पंचायत सचिव के द्वारा छह हजार का चेक मिला था। दूसरी किस्त का भुगतान नहीं होने से उनका शौचालय अभी पूर्ण नहीं हो पाया है। अधूरे निर्माण के चलते अब भी परिवार के सदस्यों को बाहर जाना पड़ता है। वहीं शिकारगंज में रणजीत मौर्य का शौचालय धन के अभाव में अधूरा पड़ा हुआ है। इसके चलते लोग खुले में शौच करने जा रहे हैं।
कोट....
बेस लाइन के अंदर के लाभार्थियों के शौचालय निर्माण के लिए सभी ग्राम पंचायतों को पैसा आवंटित कर दिया गया है। लेकिन कई जगहों पर प्रधानों और सचिवों के द्वारा लाभार्थियों के खाते में भुगतान नहीं करने की शिकायतें मिलीं हैं। लाभार्थी के द्वारा लिखित शिकायत करने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उमाशंकर शंकर मिश्र, जिला पंचायतीराज अधिकारी