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पारिवारिक वाद के 131 मामले निस्तारित
ब्यूरो/अमर उजाला, चंदौली
Updated Sun, 13 Dec 2015 01:32 AM IST
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जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से शनिवार को राष्ट्रीय मेगा लोक अदालत
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का आयोजन मुख्यालय स्थित पंडित कमलापति त्रिपाठी राजकीय डिग्री कालेज में
किया गया।
इसका उद्घाटन जनपद न्यायाधीश अनिल कुमार ने किया। इस दौरान मोटर दुर्घटना प्रतिकर दावा, उत्तराधिकार प्रमाणपत्र, फौजदारी के सुलह-समझौते, यातायात चालान, राजस्व व चकबंदी वाद, जनहित गारंटी योजना से संबंधित मामलों का सुलह-समझौते के आधार पर निबटारा किया गया।
साथ ही पारिवारिक वाद के 131 मामलों का निस्तारित करते हुए पांच दंपतियों को एक साथ रहने के लिए राजी किया गया। वहीं सभी स्टालों का अवलोकन जिला जज व जिलाधिकारी संग अधिकारियों ने किया।
जनपद न्यायाधीश अनिल कुमार ने कहा कि लोक अदालत के माध्यम से लोगों को राहत मिल रही है। जिला जज ने 24 वाद निस्तारित करते हुए 3116500 रुपये प्रतिकर के रूप में पीड़ित पक्ष को दिलाया। रेलवे मजिस्ट्रेट ज्ञानेंद्र राव ने कुल 1192 वादों का निस्तारण करते हुए 73130 रुपये अर्थदण्ड के रूप में वसूल किया।
इसके अतिरिक्त जनपद के विभिन्न बैंकों की ओर से 834 ऋण खातों का समझौता कर मौके पर 51934386 रुपये की वसूली की गई।
इस अवसर पर जिलाधिकारी सुरेंद्र विक्रम ने कहा कि राष्ट्रीय मेगा लोक अदालत समाधान का बहुत बड़ा अवसर है। यदि हम सभी आपस में मिलकर समस्या का समाधान कर लें, तो यह भारतीय परम्परा का निर्वहन होगा।
मेगा लोक अदालत के जरिए वादों को सुलह-समझौते के आधार पर निबटाने का प्रयास किया जा रहा है, जो सराहनीय है। कहा कि लोक अदालतों के आयोजन से न्यायालयों में मुकदमों का बोझ कम हुआ है, जो अच्छे संकेत हैं। न्याय पालिका की ओर से आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम से जनता को काफी लाभ मिला है।
ऐसा देखने में आया है कि कोर्ट लम्बे से लम्बित मामले न्यायिक अधिकारियों की पहल और आपसी सूझ-बूझ के चलते सुलह-समझौते के आधार पर ऐसे अवसरों पर निस्तारित हुए हैं, जो इसकी सार्थकता को साबित करता है।
कहा कि जनपद में लम्बे समय से लंबित जिला न्यायालय भवन की समस्या चुनाव के बाद हल कर ली जाएगी।
इस अवसर पर एडीजे कुष्ण यादव, एसपी अमित वर्मा, सीएमओ डा. आरएन सिंह, सीडीओ एमपी सिंह, एआरटीओ आरएस यादव, एलडीएम एसके पाढ़ी, सीजेएम योगेंद्र सिंह, वीरेंद्र प्रताप सिंह, मुरलीधर सिंह, महेंद्र प्रताप सिंह आदि उपस्थित रहे। संचालन दरोगा सिंह ने किया।
इसका उद्घाटन जनपद न्यायाधीश अनिल कुमार ने किया। इस दौरान मोटर दुर्घटना प्रतिकर दावा, उत्तराधिकार प्रमाणपत्र, फौजदारी के सुलह-समझौते, यातायात चालान, राजस्व व चकबंदी वाद, जनहित गारंटी योजना से संबंधित मामलों का सुलह-समझौते के आधार पर निबटारा किया गया।
साथ ही पारिवारिक वाद के 131 मामलों का निस्तारित करते हुए पांच दंपतियों को एक साथ रहने के लिए राजी किया गया। वहीं सभी स्टालों का अवलोकन जिला जज व जिलाधिकारी संग अधिकारियों ने किया।
जनपद न्यायाधीश अनिल कुमार ने कहा कि लोक अदालत के माध्यम से लोगों को राहत मिल रही है। जिला जज ने 24 वाद निस्तारित करते हुए 3116500 रुपये प्रतिकर के रूप में पीड़ित पक्ष को दिलाया। रेलवे मजिस्ट्रेट ज्ञानेंद्र राव ने कुल 1192 वादों का निस्तारण करते हुए 73130 रुपये अर्थदण्ड के रूप में वसूल किया।
इसके अतिरिक्त जनपद के विभिन्न बैंकों की ओर से 834 ऋण खातों का समझौता कर मौके पर 51934386 रुपये की वसूली की गई।
इस अवसर पर जिलाधिकारी सुरेंद्र विक्रम ने कहा कि राष्ट्रीय मेगा लोक अदालत समाधान का बहुत बड़ा अवसर है। यदि हम सभी आपस में मिलकर समस्या का समाधान कर लें, तो यह भारतीय परम्परा का निर्वहन होगा।
मेगा लोक अदालत के जरिए वादों को सुलह-समझौते के आधार पर निबटाने का प्रयास किया जा रहा है, जो सराहनीय है। कहा कि लोक अदालतों के आयोजन से न्यायालयों में मुकदमों का बोझ कम हुआ है, जो अच्छे संकेत हैं। न्याय पालिका की ओर से आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम से जनता को काफी लाभ मिला है।
ऐसा देखने में आया है कि कोर्ट लम्बे से लम्बित मामले न्यायिक अधिकारियों की पहल और आपसी सूझ-बूझ के चलते सुलह-समझौते के आधार पर ऐसे अवसरों पर निस्तारित हुए हैं, जो इसकी सार्थकता को साबित करता है।
कहा कि जनपद में लम्बे समय से लंबित जिला न्यायालय भवन की समस्या चुनाव के बाद हल कर ली जाएगी।
इस अवसर पर एडीजे कुष्ण यादव, एसपी अमित वर्मा, सीएमओ डा. आरएन सिंह, सीडीओ एमपी सिंह, एआरटीओ आरएस यादव, एलडीएम एसके पाढ़ी, सीजेएम योगेंद्र सिंह, वीरेंद्र प्रताप सिंह, मुरलीधर सिंह, महेंद्र प्रताप सिंह आदि उपस्थित रहे। संचालन दरोगा सिंह ने किया।