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इवे बिल लागू होने के बाद नौबतपुर में सन्नाटा
Updated Wed, 09 May 2018 01:08 AM IST
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सैयदराजा। देश में इवे बिल लागू होने के बाद प्रदेश की सीमाओं पर वर्षों से कारोबार कर रहे व्यापारियों का पलायन शुरू हो गया है। सर्वाधिक असर नौबतपुर चेकपोस्ट पर पड़ा है। इवे बिल लागू होने के बाद नौबतपुर में वाहनों के नहीं रुकने से वहां के व्यापार में गिरावट आई है। जिससे वहां के करोबारी दूसरी जगह जा धंधा करने को सोचने लगे हैं। । यही नहीं इसका असर सैयदराजा के व्यापारियों पर भी पड़ा है।
एक अप्रैल से देश में इवे बिल लागू किया गया। इसके तहत पचास हजार रुपये से अधिक माल की ढुलाई पर आन लाइन बिल भरा जा रहा है। ऐसे में चेकपोस्ट समाप्त हो गया है। यहां पर अब गाड़ियां रुकती नहीं हैं। ऐसे में यहां के व्यापारियों को नुकसान होने लगा। इससे वहां के व्यापारी दूसरी जगह जा व्यापार करने को सोचने लगे हैं। टायर, ढाबा, टेंट, ट्रांसपोर्टर, होटल आदि के करोबारियों के पास काम नहीं रह गया है या बहुत कम हो गया है।
नौबतपुर से लगभग 500 परिवारों को भरण पोषण होता था। अब इन परिवार वालों के सामने रोजी रोटी की समस्या उत्पन्न हो गई हैं। आज के समय केवल बालू की गाड़ी ही बिना इबे बिल की आ रही हैं। इसकी वजह कुछ गिने चुने लोगों के पास ही रोजगार बचा। अन्यथा नौबतपुर में अब रोजगार के नाम पर कुछ नहीं बचा हैं। टेंट संचालक इकबाल खान ने बताया कि ईवे बिल लागू होने के बाद व्यापार में काफी गिरावट आई है। जिससे काफी दिक्कत हो गई है। गंगा यादव ने बताया कि जीएसटी और इवे बिल लागू होने की वजह से अब यहां गाड़ियां कम रुकती हैं जिससे व्यापार प्रभावित हुआ है। सैयदराजा के सब्जी व्यवसायी कुर्बान राइन ने बताया कि नौबतपुर के होटलों और ढाबों में सब्जी की अच्छी बिक्री हो जाया करती थी लेकिन बहुत कम बिक्री हो रही है। इसी तरह सैयदराजा के व्यवसायी सरदार मंजित सिंह ने कहा कि नौबतपुर के व्यवसायी सैयदराजा से ही सामान ले जाते हैं। वहां का व्यवसाय मंदा होने से सैयदराजा के व्यापार में गिरावट आई है।
एक अप्रैल से देश में इवे बिल लागू किया गया। इसके तहत पचास हजार रुपये से अधिक माल की ढुलाई पर आन लाइन बिल भरा जा रहा है। ऐसे में चेकपोस्ट समाप्त हो गया है। यहां पर अब गाड़ियां रुकती नहीं हैं। ऐसे में यहां के व्यापारियों को नुकसान होने लगा। इससे वहां के व्यापारी दूसरी जगह जा व्यापार करने को सोचने लगे हैं। टायर, ढाबा, टेंट, ट्रांसपोर्टर, होटल आदि के करोबारियों के पास काम नहीं रह गया है या बहुत कम हो गया है।
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नौबतपुर से लगभग 500 परिवारों को भरण पोषण होता था। अब इन परिवार वालों के सामने रोजी रोटी की समस्या उत्पन्न हो गई हैं। आज के समय केवल बालू की गाड़ी ही बिना इबे बिल की आ रही हैं। इसकी वजह कुछ गिने चुने लोगों के पास ही रोजगार बचा। अन्यथा नौबतपुर में अब रोजगार के नाम पर कुछ नहीं बचा हैं। टेंट संचालक इकबाल खान ने बताया कि ईवे बिल लागू होने के बाद व्यापार में काफी गिरावट आई है। जिससे काफी दिक्कत हो गई है। गंगा यादव ने बताया कि जीएसटी और इवे बिल लागू होने की वजह से अब यहां गाड़ियां कम रुकती हैं जिससे व्यापार प्रभावित हुआ है। सैयदराजा के सब्जी व्यवसायी कुर्बान राइन ने बताया कि नौबतपुर के होटलों और ढाबों में सब्जी की अच्छी बिक्री हो जाया करती थी लेकिन बहुत कम बिक्री हो रही है। इसी तरह सैयदराजा के व्यवसायी सरदार मंजित सिंह ने कहा कि नौबतपुर के व्यवसायी सैयदराजा से ही सामान ले जाते हैं। वहां का व्यवसाय मंदा होने से सैयदराजा के व्यापार में गिरावट आई है।
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