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निजीकरण के विरोध में आज पूर्ण कार्य बहिष्कार पर रहेंगे विद्युतकर्मी
Updated Tue, 27 Mar 2018 01:07 AM IST
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मुगलसराय। बिजली व्यवस्था के निजीकरण के विरोध में सांकेतिक कार्य बहिष्कार कर रहे बिजली कर्मचारी मंगलवार को पूरी तरह से कामकाज ठप रखेंगे। सोमवार को बैठक कर बिजली कर्मियों ने निर्णय लिया कि मांगों के समर्थन में कार्य बहिष्कार किया जाएगा। इससे पहले मंडल कार्यालय गोधना में बैठक के दौरान बिजलीकर्मियों ने प्रदेश सरकार के निर्णय के खिलाफ नारेबाजी की और मांगे पूरी न होने पर गुस्सा जताया ।
प्रदेश के पांच महानगर व सात उपनगरों की बिजली व्यवस्था को निजी हाथों में दिए जाने प्रस्ताव के खिलाफ विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले 19 मार्च से जिले के बिजली विभाग के अधिकारी और कर्मचारी सांकेतिक कार्य बहिष्कार पर हैं। सोमवार को मंडल कार्यालय पर आयोजित बैठक में वक्ताओं ने कहा कि सरकार लखनऊ के घटनाक्रम को संज्ञान में लें अन्यथा बड़े बकाएदारों के घरों में अंधेरा होगा चाहे वह किसी भी दल का क्यों न हो। वक्ताओं ने कहा कि 77 हजार करोड़ रुपये बकाए के जिम्मेदार कर्मचारी नहीं बल्कि जनप्रतिनिधि स्वयं है। कहा कि बड़े बकाएदारों में मंत्री और नेता भी शामिल हैं। बैठक में आशीष सिंह, सर्वेश पांडेय, प्रवीन कुमार, घनश्याम सिंह, दीपक अग्रवाल, दिनेश सिंह, सुधीर श्रीवास्तव, आरबी यादव, विकास गुप्ता मौजूद रहे। अध्यक्षता अधिशासी अभियंता रामपाल तथा संचालन एके पांडेय ने किया।
प्रदेश के पांच महानगर व सात उपनगरों की बिजली व्यवस्था को निजी हाथों में दिए जाने प्रस्ताव के खिलाफ विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले 19 मार्च से जिले के बिजली विभाग के अधिकारी और कर्मचारी सांकेतिक कार्य बहिष्कार पर हैं। सोमवार को मंडल कार्यालय पर आयोजित बैठक में वक्ताओं ने कहा कि सरकार लखनऊ के घटनाक्रम को संज्ञान में लें अन्यथा बड़े बकाएदारों के घरों में अंधेरा होगा चाहे वह किसी भी दल का क्यों न हो। वक्ताओं ने कहा कि 77 हजार करोड़ रुपये बकाए के जिम्मेदार कर्मचारी नहीं बल्कि जनप्रतिनिधि स्वयं है। कहा कि बड़े बकाएदारों में मंत्री और नेता भी शामिल हैं। बैठक में आशीष सिंह, सर्वेश पांडेय, प्रवीन कुमार, घनश्याम सिंह, दीपक अग्रवाल, दिनेश सिंह, सुधीर श्रीवास्तव, आरबी यादव, विकास गुप्ता मौजूद रहे। अध्यक्षता अधिशासी अभियंता रामपाल तथा संचालन एके पांडेय ने किया।
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