{"_id":"5977991f4f1c1bac038b4666","slug":"121501010207-chandauli-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जांच कमेटी गठित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जांच कमेटी गठित
Updated Wed, 26 Jul 2017 12:46 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
मुगलसराय। विद्युत वितरण खंड द्वितीय कार्यालय मुगलसराय में पौने दो करोड़ रुपये से अधिक के सरकारी धन के गबन में आरोपित कैशियर रामजतन पटेल के खुलासे के बाद से एमडी पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। एमडी अतुल निगम ने मंगलवार को तीन सदस्यीय उच्च स्तरीय जांच कमेटी का गठन कर तीन सप्ताह के भीतर इस मामले में जांच रिपोर्ट जमा करने का निर्देश दिया है। उन्होंने बताया कि यदि जांच कमेटी को यह लगता हैं कि इस मामले में और अधिक बड़ी जांच कराए जाने की आवश्यकता है तो उनकी संस्तुति पर उसे भी कराया जाएगा।
विद्युत वितरण खंड द्वितीय कार्यालय मुगलसराय में पिछले दिनों एक करोड़ 88 लाख 50 हजार रुपये के सरकारी धन के गबन का मामला प्रकाश में आया था। इस मामले में अधिशासी अभियंता शुभेन्दु शाह ने कैशियर रामजतन पटेल के खिलाफ मुगलसराय कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया। इसके बाद रामजतन ने अमर उजाला के सामने जो राज खोले वह काफी चौकाने वाले रहे। रामजतन ने पूरे गबन के पीछे पूर्व एक्सईएन, दफादार सहित दो अन्य कर्मचारियों पर आरोप लगाते हुए जिम्मेदार ठहराया। लगभग एक वर्ष पूर्व इसी कार्यालय में कैशियर रहे राजनाथ मौर्या की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। उस पर भी रुपयों के गबन का आरोप लगा था। उस दौरान हेड कैशियर विकास श्रीवास्तव के खिलाफ विभाग की ओर से लगभग 70 लाख रुपयों के गबन का आरोप में मुकदमा दर्ज कराया गया था। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए एमडी पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड अतुल निगम ने अधीक्षण अभिंयता आरसी शर्मा, उप महाप्रबंधक लेखा शम्भूनाथ वशिष्ठ, अधिशासी अभियंता विद्युत परीक्षण दीपक कुमार की कमेटी गठित की तीन सप्ताह के भीतर रिपोर्ट देने के लिए निर्देशित किया है।
विद्युत वितरण खंड द्वितीय कार्यालय मुगलसराय में पिछले दिनों एक करोड़ 88 लाख 50 हजार रुपये के सरकारी धन के गबन का मामला प्रकाश में आया था। इस मामले में अधिशासी अभियंता शुभेन्दु शाह ने कैशियर रामजतन पटेल के खिलाफ मुगलसराय कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया। इसके बाद रामजतन ने अमर उजाला के सामने जो राज खोले वह काफी चौकाने वाले रहे। रामजतन ने पूरे गबन के पीछे पूर्व एक्सईएन, दफादार सहित दो अन्य कर्मचारियों पर आरोप लगाते हुए जिम्मेदार ठहराया। लगभग एक वर्ष पूर्व इसी कार्यालय में कैशियर रहे राजनाथ मौर्या की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। उस पर भी रुपयों के गबन का आरोप लगा था। उस दौरान हेड कैशियर विकास श्रीवास्तव के खिलाफ विभाग की ओर से लगभग 70 लाख रुपयों के गबन का आरोप में मुकदमा दर्ज कराया गया था। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए एमडी पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड अतुल निगम ने अधीक्षण अभिंयता आरसी शर्मा, उप महाप्रबंधक लेखा शम्भूनाथ वशिष्ठ, अधिशासी अभियंता विद्युत परीक्षण दीपक कुमार की कमेटी गठित की तीन सप्ताह के भीतर रिपोर्ट देने के लिए निर्देशित किया है।
विज्ञापन