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मंत्रोचार के बीच लोगों ने दी अग्निकुडं में आहूति
Updated Tue, 06 Nov 2018 12:37 AM IST
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चंदौली। क्षेत्र सदलपुरा स्थित कृपाशंकर तिवारी के आवास पर विहंगम योग परिवार की ओर से सोमवार को हवन यज्ञ तथा स्वर्वेद पाठ का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में सैकड़ों ने मंत्रोंच्चार के साथ अग्निकुंड में आहुति दी तथा सर्व मंगल की कामना की। इस दौरान मुख्य वक्ता संतोष अग्रवाल ने सद्गुरु सदाफलदेव के विचारों को मंच के माध्यम से लोगों के सामने रखा।
लोगों को संबोधित करने के दौरान संतोष अग्रवाल ने कहा कि विहंगम योग परमात्मा प्राप्ति का विज्ञान है। आत्मा के कल्याण का साधन है। यह लोक से लेकर परलोक के कल्याण का मार्ग है। अध्यात्म प्रदर्शन की वस्तु नहीं है। यह सेवा, साधना और सत्संग से प्राप्त होता है। यह अंत: शुद्धि का मार्ग है। यदि भीतर से आध्यात्मिक बल नहीं है तो बाहर की छोटी सी गड़बड़ी भी हमें विचलित कर देती है। अध्यात्म हमें अंदर से स्थिर कर देता है। आनंद प्रदान करता है। हम बाहर की कठिन परिस्थितियों में भी विचलित नहीं होते। विहंगम योग में गृहस्थ संत भी घर-परिवार में रहते हुए भी मन-वचन-कर्म से तपस्वी हो सकता है। सद्गुरु की प्रसन्नता में हमारा कल्याण है। कहा कि स्वर्वेद के प्रचार में ही सदगुरु की प्रसन्नता है और इसका एक-एक दोहा हमारे जीवन का मंत्र बन जाता है। इस दौरान जनार्दन सिंह, अखिल कुमार सिंह, प्रद्युम्न अग्रहरि, शैलेंद्र शर्मा, सीयाराम शर्मा, निशांत सिंह उपस्थित रहे।
लोगों को संबोधित करने के दौरान संतोष अग्रवाल ने कहा कि विहंगम योग परमात्मा प्राप्ति का विज्ञान है। आत्मा के कल्याण का साधन है। यह लोक से लेकर परलोक के कल्याण का मार्ग है। अध्यात्म प्रदर्शन की वस्तु नहीं है। यह सेवा, साधना और सत्संग से प्राप्त होता है। यह अंत: शुद्धि का मार्ग है। यदि भीतर से आध्यात्मिक बल नहीं है तो बाहर की छोटी सी गड़बड़ी भी हमें विचलित कर देती है। अध्यात्म हमें अंदर से स्थिर कर देता है। आनंद प्रदान करता है। हम बाहर की कठिन परिस्थितियों में भी विचलित नहीं होते। विहंगम योग में गृहस्थ संत भी घर-परिवार में रहते हुए भी मन-वचन-कर्म से तपस्वी हो सकता है। सद्गुरु की प्रसन्नता में हमारा कल्याण है। कहा कि स्वर्वेद के प्रचार में ही सदगुरु की प्रसन्नता है और इसका एक-एक दोहा हमारे जीवन का मंत्र बन जाता है। इस दौरान जनार्दन सिंह, अखिल कुमार सिंह, प्रद्युम्न अग्रहरि, शैलेंद्र शर्मा, सीयाराम शर्मा, निशांत सिंह उपस्थित रहे।
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