{"_id":"5bb1227f867a557f24049599","slug":"111538335359-chandauli-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"ओडीएफ समीक्षा बैठक से गायब सात का वेतन रोका","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ओडीएफ समीक्षा बैठक से गायब सात का वेतन रोका
Updated Mon, 01 Oct 2018 12:52 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
चंदौली। स्वच्छ भारत मिशन के तहत जनपद में बने रहे शौचालयों की प्रगति जानने के लिए रविवार को विकास भवन सभागार में नोडल अधिकारियों की बैठक हुई। इसमें खराब प्रगति वाले कई अधिकारियों को सीडीओ डा. एके श्रीवास्तव ने कड़ी फटकार लगाई। वहीं बैठक से गायब रहे वाले सात अधिकारियों का एक दिन का वेतन काटने का निर्देश दिया। अधिकारियों ने डीपीआरओ द्वारा लाभार्थियों के खाते में शौचालय निर्माण की पहली किश्त अभी तक न भेजे जाने की शिकायत की तो सीडीओ बिफर पड़े और जल्द से जल्द धन भेजने का निर्देश दिया।
समीक्षा बैठक में सात नोडल अधिकारी अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत कमलेश सिंह, जेई विद्युत घनश्याम, एआर कोआपरेटिव सोमी सिंह, रेंजर कुंजमोहन वर्मा, डिप्टी आरएमओ अनूप श्रीवास्तव, एक्सईएन लघुडाल राजेंद्र कुमार, जिला सूचना अधिकारी विपिन कुमार अनुपस्थित थे। सीडीओ ने सभी अधिकारियों का एक दिन का वेतन काटने का निर्देश दिया। ग्रामवार शौचालय निर्माण की समीक्षा के दौरान धानापुर, सकलडीहा, बरहनी व नियामताबाद ब्लाकों में खराब प्रगति मिली। अधिकारियों ने बताया कि मांग के बावजूद अभी तक कई गांवों में लाभार्थियों के खाते में शौचालय निर्माण की पहली किश्त नहीं भेजी गई। वहीं कई गांवों में ग्राम प्रधानों व सचिवों द्वारा शौचालय निर्माण में रुचि नहीं लेने से कार्य की प्रगति काफी कम है। सीडीओ ने गहरी नाराजगी जताते हुए डीपीआरओ उमाशंकर मिश्रा को शीघ्र समस्या के समाधान को कहा। डीपीआरओ ने बताया कि लाभार्थियों की प्रथम किस्त भेजने की प्रक्रिया आरंभ कर दी गई है। सीडीओ ने बैंकों से समन्वय स्थापित करके शीघ्र धनराशि के भुगतान का निर्देश दिया। कहा लापरवाही बरतने वाले ग्राम प्रधानों व सचिवों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई होगी। इस दौरान डीडीओ पद्मकांत शुक्ल, डीसी मनरेगा धर्मजीत, समन्वयक मनोज श्रीवास्तव, अपेक्षा त्रिपाठी, बीडीओ राजन राय, जगदीश सोनकर, बीएसए भोलेंद्र प्रताप, पीसीएफ प्रबंधक शशिकांत भारती सहित अन्य मौजूद रहे।
चंदौली (ब्यूरो)। समीक्षा बैठक के दौरान पंचायती राज विभाग की कार्यशैली पर नोडल अधिकारियों ने सवाल खड़ा कर दिया। बताया कि जनपद के विभिन्न गांवों के 1266 लाभार्थियों के खाते में शौचालय निर्माण की पहली किस्त का भुगतान नहीं किया गया है। इसमें धानापुर के ढोढियां, अशोक नगर, प्रेमाश्रयपुर, सकलडीहा के चिकनी, ताजपुर, केशवपुर, मांटीगांव, रेवसां, सेवखर खुर्द, राउततपुर, बरडीहा, इब्राहिमपुर, नौगढ़ के बेलावर, चकिया के सैदूपुर गांव के लाभार्थी शामिल हैं।
विज्ञापन
चंदौली। शौचालय निर्माण में मनमानी और निर्माण कार्य में लापरवाही करने वाले प्रधानों को चिन्हित करने का निर्देश जारी हो गया है। समीक्षा बैठक के दौरान सीडीओ ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि लापरवाह ग्राम प्रधानों के खिलाफ 95 जी के तहत नोटिस करें। उन्होंने लापरवाह प्रधानों की सूची दस दिन के अंदर कार्यालय में प्रस्तुत करने के लिए नोडल अधिकारियों को निर्देशित किया। कहा कि दस दिनों के अंदर शौचालय निर्माण में अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने पर नोटिस जारी करने के साथ ही प्रधानों के वित्तीय अधिकार सीज कर दिए जाएंगे। उन्होंने सदर एडीओ पंचायत को दो दिन के अंदर सदर ब्लाक के भटपुरवां गांव के ग्राम प्रधान का वित्तीय अधिकार सीज करने को प्रस्ताव देने का निर्देशा दिया।
चंदौली। शौचालय निर्माण और फोटो अपलोडिंग में जनपद प्रदेश दस खराब जनपदों में शामिल है। समीक्षा बैठक के दौरान जानकारी देते हुए डीपीआरओ उमाशंकर मिश्र ने बताया कि जनपद में शौचालयों के पूर्ण होने के बाद फोटो अपलोडिंग काफी खराब है। इसके चलते प्रदेश की रैकिंग में चंदौली को दस खराब जनपदों में रखा गया है।
बेस लाइन सर्वे के अनुसार करीब एक लाख 57 हजार शौचालय निर्माण का लक्ष्य रखा गया है। लेकिन विभागीय अधिकारियों की लापरवाही के चलते शासन की मंशा पूरी होती नहीं दिख रही। जिले में अभी तक करीब 20 फीसदी लाभार्थियों के शौचालय निर्माण की प्रक्रिया ही नहीं शुरू हो सकी है। वहीं फोटो अपलोडिंग के मामले में भी चंदौली प्रदेश के दस सबसे फिसड्डी जिलों में शामिल है। डीपीआरओ उमाशंकर मिश्र ने बताया कि बरहनी विकास खंड में महज 53.9 प्रतिशत फोटो अपलोडिंग हुई है। वहीं चहनियां में 64.49, चकिया में 50, सदर में 57, धानापुर में 87.45 प्रतिशत फोटो अपलोडिंग हुई है। बताया कि जनपद के शहाबगंज ब्लाक में निर्माण कार्य शत प्रतिशत है और शेष ब्लाकों में निर्माण कार्य और फोटो अपलोडिंग काफी खराब है। उन्होंने कहा कि एक सप्ताह के अंदर शत-प्रतिशत फोटो अपलोड का काम पूरा किया जाना चाहिए।
पीडीडीयू नगर। स्वच्छ भारत मिशन के तहत जिले को दो अक्तूबर तक खुले में शौचमुक्त किया जाना है। मगर यह मियाद भी सोमवार को बीत जाएगी। हाल यह है कि अभी जिले में 70 हजार से अधिक शौचालय निर्माण बाकी है। जबकि दो अक्तूबर तक जिले को शौचमुक्त करने की घोषणा की जानी है।
जिले में बेस लाइन सर्वे में 3.31 लाख शौचालय की जरूरत सामने आई थी। इसमें करीब दो लाख शौचालय शासन और प्रशासन की ओर से बनाने का लक्ष्य रखा गया था। इसके लिए जिलेभर में अधिकारियों की टीम लगाई गई। नोडल अधिकारियों को इसकी जिम्मेदारी दी गई इसके बाद भी काम पूरा नहीं हो सका। जिले के प्रभारी मंत्री जय प्रकाश निषाद से लेकर प्रभारी अधिकारी एवं प्रमुख सचिव अनुराग श्रीवास्तव तक कई बार बैठक कर काम में तेजी लाने का निर्देश दे चुके हैँ। मगर अफसरों की लापरवाही का नतीजा है कि इसके बाद भी लक्ष्य पूरा नहीं हो सका है। अब प्रशासन दोबारा फिर से बेस लाइन सर्वे कराने जा रहा है।
समीक्षा बैठक में सात नोडल अधिकारी अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत कमलेश सिंह, जेई विद्युत घनश्याम, एआर कोआपरेटिव सोमी सिंह, रेंजर कुंजमोहन वर्मा, डिप्टी आरएमओ अनूप श्रीवास्तव, एक्सईएन लघुडाल राजेंद्र कुमार, जिला सूचना अधिकारी विपिन कुमार अनुपस्थित थे। सीडीओ ने सभी अधिकारियों का एक दिन का वेतन काटने का निर्देश दिया। ग्रामवार शौचालय निर्माण की समीक्षा के दौरान धानापुर, सकलडीहा, बरहनी व नियामताबाद ब्लाकों में खराब प्रगति मिली। अधिकारियों ने बताया कि मांग के बावजूद अभी तक कई गांवों में लाभार्थियों के खाते में शौचालय निर्माण की पहली किश्त नहीं भेजी गई। वहीं कई गांवों में ग्राम प्रधानों व सचिवों द्वारा शौचालय निर्माण में रुचि नहीं लेने से कार्य की प्रगति काफी कम है। सीडीओ ने गहरी नाराजगी जताते हुए डीपीआरओ उमाशंकर मिश्रा को शीघ्र समस्या के समाधान को कहा। डीपीआरओ ने बताया कि लाभार्थियों की प्रथम किस्त भेजने की प्रक्रिया आरंभ कर दी गई है। सीडीओ ने बैंकों से समन्वय स्थापित करके शीघ्र धनराशि के भुगतान का निर्देश दिया। कहा लापरवाही बरतने वाले ग्राम प्रधानों व सचिवों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई होगी। इस दौरान डीडीओ पद्मकांत शुक्ल, डीसी मनरेगा धर्मजीत, समन्वयक मनोज श्रीवास्तव, अपेक्षा त्रिपाठी, बीडीओ राजन राय, जगदीश सोनकर, बीएसए भोलेंद्र प्रताप, पीसीएफ प्रबंधक शशिकांत भारती सहित अन्य मौजूद रहे।
विज्ञापन
चंदौली (ब्यूरो)। समीक्षा बैठक के दौरान पंचायती राज विभाग की कार्यशैली पर नोडल अधिकारियों ने सवाल खड़ा कर दिया। बताया कि जनपद के विभिन्न गांवों के 1266 लाभार्थियों के खाते में शौचालय निर्माण की पहली किस्त का भुगतान नहीं किया गया है। इसमें धानापुर के ढोढियां, अशोक नगर, प्रेमाश्रयपुर, सकलडीहा के चिकनी, ताजपुर, केशवपुर, मांटीगांव, रेवसां, सेवखर खुर्द, राउततपुर, बरडीहा, इब्राहिमपुर, नौगढ़ के बेलावर, चकिया के सैदूपुर गांव के लाभार्थी शामिल हैं।
विज्ञापन
चंदौली। शौचालय निर्माण में मनमानी और निर्माण कार्य में लापरवाही करने वाले प्रधानों को चिन्हित करने का निर्देश जारी हो गया है। समीक्षा बैठक के दौरान सीडीओ ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि लापरवाह ग्राम प्रधानों के खिलाफ 95 जी के तहत नोटिस करें। उन्होंने लापरवाह प्रधानों की सूची दस दिन के अंदर कार्यालय में प्रस्तुत करने के लिए नोडल अधिकारियों को निर्देशित किया। कहा कि दस दिनों के अंदर शौचालय निर्माण में अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने पर नोटिस जारी करने के साथ ही प्रधानों के वित्तीय अधिकार सीज कर दिए जाएंगे। उन्होंने सदर एडीओ पंचायत को दो दिन के अंदर सदर ब्लाक के भटपुरवां गांव के ग्राम प्रधान का वित्तीय अधिकार सीज करने को प्रस्ताव देने का निर्देशा दिया।
चंदौली। शौचालय निर्माण और फोटो अपलोडिंग में जनपद प्रदेश दस खराब जनपदों में शामिल है। समीक्षा बैठक के दौरान जानकारी देते हुए डीपीआरओ उमाशंकर मिश्र ने बताया कि जनपद में शौचालयों के पूर्ण होने के बाद फोटो अपलोडिंग काफी खराब है। इसके चलते प्रदेश की रैकिंग में चंदौली को दस खराब जनपदों में रखा गया है।
बेस लाइन सर्वे के अनुसार करीब एक लाख 57 हजार शौचालय निर्माण का लक्ष्य रखा गया है। लेकिन विभागीय अधिकारियों की लापरवाही के चलते शासन की मंशा पूरी होती नहीं दिख रही। जिले में अभी तक करीब 20 फीसदी लाभार्थियों के शौचालय निर्माण की प्रक्रिया ही नहीं शुरू हो सकी है। वहीं फोटो अपलोडिंग के मामले में भी चंदौली प्रदेश के दस सबसे फिसड्डी जिलों में शामिल है। डीपीआरओ उमाशंकर मिश्र ने बताया कि बरहनी विकास खंड में महज 53.9 प्रतिशत फोटो अपलोडिंग हुई है। वहीं चहनियां में 64.49, चकिया में 50, सदर में 57, धानापुर में 87.45 प्रतिशत फोटो अपलोडिंग हुई है। बताया कि जनपद के शहाबगंज ब्लाक में निर्माण कार्य शत प्रतिशत है और शेष ब्लाकों में निर्माण कार्य और फोटो अपलोडिंग काफी खराब है। उन्होंने कहा कि एक सप्ताह के अंदर शत-प्रतिशत फोटो अपलोड का काम पूरा किया जाना चाहिए।
पीडीडीयू नगर। स्वच्छ भारत मिशन के तहत जिले को दो अक्तूबर तक खुले में शौचमुक्त किया जाना है। मगर यह मियाद भी सोमवार को बीत जाएगी। हाल यह है कि अभी जिले में 70 हजार से अधिक शौचालय निर्माण बाकी है। जबकि दो अक्तूबर तक जिले को शौचमुक्त करने की घोषणा की जानी है।
जिले में बेस लाइन सर्वे में 3.31 लाख शौचालय की जरूरत सामने आई थी। इसमें करीब दो लाख शौचालय शासन और प्रशासन की ओर से बनाने का लक्ष्य रखा गया था। इसके लिए जिलेभर में अधिकारियों की टीम लगाई गई। नोडल अधिकारियों को इसकी जिम्मेदारी दी गई इसके बाद भी काम पूरा नहीं हो सका। जिले के प्रभारी मंत्री जय प्रकाश निषाद से लेकर प्रभारी अधिकारी एवं प्रमुख सचिव अनुराग श्रीवास्तव तक कई बार बैठक कर काम में तेजी लाने का निर्देश दे चुके हैँ। मगर अफसरों की लापरवाही का नतीजा है कि इसके बाद भी लक्ष्य पूरा नहीं हो सका है। अब प्रशासन दोबारा फिर से बेस लाइन सर्वे कराने जा रहा है।