{"_id":"5a981f7a4f1c1be13b8b5a9a","slug":"111519918970-chandauli-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"गांवों को कुपोषणमुक्त बनाने हेतु चलाए जाएंगे 12 कार्यक्रम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गांवों को कुपोषणमुक्त बनाने हेतु चलाए जाएंगे 12 कार्यक्रम
Updated Thu, 01 Mar 2018 09:52 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
चंदौली। कुपोषण को जड़ से समाप्त करने के लिए शासन स्तर से चलाए जा रहे अभियान के तहत अप्रैल तक जनपद के 93 गांवों को कुपोषणमुक्त गांव घोषित किया जाना है। इन गांवों में पांच विभाग मिलकर 12 कार्यक्रम चलाएंगे। सभी मानकों के पूरा होने के बाद ही गांव को कुपोषणमुक्त गांव घोषित किया जाएगा।
जिले में चिन्हित किए गए 93 गांवों में सकलडीहा विकास खंड के सात, बरहनी के छह, नियामताबाद सात, सदर के चौदह, चकिया सात, चहनिया और धानापुर ब्लाक के अट्ठारह-अट्ठारह और शहाबगंज विकास खंड के बारह गांव शामिल हैं। स्वास्थ्य विभाग, आईसीडीएस, शिक्षा, पंचायती राज, ग्राम्य विकास और खाद्य विभाग एक साथ मिलकर इन गांवों को कुुपोषणमुक्त बनाने की दिशा में कार्य करेंगे। स्वास्थ्य विभाग द्वारा गांव की कम से कम 90 प्रतिशत गर्भवती महिलाओं का एमसीटीएस, पेट की जांच, पेशाब की जांच कराई जाएगी। साथ ही एक घंटे के भीतर नवजात शिशुओं का स्तनपान सुनिश्चित कराने हेतु जागरूक किया जाएगा। आईसीडीएस आंगनबाड़ी केंद्रों पर पोषाहार का वितरण, कुपोषित बच्चों के परिवारों का आंगनबाड़ी कार्यकर्ता द्वारा माह में एक दफा गृह भ्रमण सुनिश्चित कराएगा। शिक्षा विभाग कासे आयरन की गोलियों का वितरण और मासिक स्वास्थ्य एवं पोषण शिक्षा की जानकारी उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी दी गई है। पंचायती राज विभाग चिन्हित गांव को खुले में शौच मुक्त बनाने के साथ ही परिषदीय विद्यालयों में शुद्घ पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करेगा। ग्राम्य विकास द्वारा विभाग गांव की कम से कम 80 प्रतिशत योग्य महिलाओं को मनरेगा योजना का लाभ दिलाया जाएगा और खाद्य विभाग की जिम्मेदारी पीडीएस योजना के तहत 80 प्रतिशत गर्भवती महिलाओं और कुपोषित बच्चों को खाद्यान्न योजना का लाभ दिलाने की होगी।
जिले में चिन्हित किए गए 93 गांवों में सकलडीहा विकास खंड के सात, बरहनी के छह, नियामताबाद सात, सदर के चौदह, चकिया सात, चहनिया और धानापुर ब्लाक के अट्ठारह-अट्ठारह और शहाबगंज विकास खंड के बारह गांव शामिल हैं। स्वास्थ्य विभाग, आईसीडीएस, शिक्षा, पंचायती राज, ग्राम्य विकास और खाद्य विभाग एक साथ मिलकर इन गांवों को कुुपोषणमुक्त बनाने की दिशा में कार्य करेंगे। स्वास्थ्य विभाग द्वारा गांव की कम से कम 90 प्रतिशत गर्भवती महिलाओं का एमसीटीएस, पेट की जांच, पेशाब की जांच कराई जाएगी। साथ ही एक घंटे के भीतर नवजात शिशुओं का स्तनपान सुनिश्चित कराने हेतु जागरूक किया जाएगा। आईसीडीएस आंगनबाड़ी केंद्रों पर पोषाहार का वितरण, कुपोषित बच्चों के परिवारों का आंगनबाड़ी कार्यकर्ता द्वारा माह में एक दफा गृह भ्रमण सुनिश्चित कराएगा। शिक्षा विभाग कासे आयरन की गोलियों का वितरण और मासिक स्वास्थ्य एवं पोषण शिक्षा की जानकारी उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी दी गई है। पंचायती राज विभाग चिन्हित गांव को खुले में शौच मुक्त बनाने के साथ ही परिषदीय विद्यालयों में शुद्घ पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करेगा। ग्राम्य विकास द्वारा विभाग गांव की कम से कम 80 प्रतिशत योग्य महिलाओं को मनरेगा योजना का लाभ दिलाया जाएगा और खाद्य विभाग की जिम्मेदारी पीडीएस योजना के तहत 80 प्रतिशत गर्भवती महिलाओं और कुपोषित बच्चों को खाद्यान्न योजना का लाभ दिलाने की होगी।
विज्ञापन