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बेदखली की कार्यवाही पर रोक लगाने की मांग
Updated Mon, 22 Jan 2018 12:57 AM IST
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शिकारगंज। वनाधिकार कानून के तहत वनवासियों को बेदखल करने पर रोक लगाने व कोर्ट के आदेश के तहत उनके दावों पर सुनवाई की मांग के तहत रविवार को मुसाखाड़ गांव में चौपाल का आयोजन हुआ। जिसमें वक्ताओं ने वन विभाग और जिला प्रशासन पर एकतरफा कार्रवाई करने का आरोप लगाया और वनवासियों को बेदखल करने की कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की गई।
स्वराज अभियान के नेता व मजदूर किसान मंच के जिला प्रभारी अजय राय ने कहा कि कोर्ट के आदेश के बाद भी वन विभाग ने मुसाखाड़ गांव के लोगों द्वारा दिए गए चार सौ दावों में मात्र 51 दावों पर ही सुनवाई की गई। जबकि वन विभाग ने बिना सुने 13 हजार नौ सौ 88 दावों को खारिज कर दिया। जिसकी सुनवाई हर हालात में होनी चाहिए। कहा कि वन विभाग द्वारा वनाधिकार कानून के तहत दावा करने वाले ग्रामीणों को उनकी पुश्तैनी जमीन से बेदखल किया जा रहा है और ऐसी जमीनों पर गड्ढे खुदवाएं जा रहे हैं। वन विभाग ने बड़े पैमाने पर ग्रामीणों पर मुकदमें कायम कर दिए हैं और लगातार उत्पीड़न किया जा रहा है। माकपा के तहसील सचिव शंभु नाथ यादव ने कहा कि जिला प्रशासन पुश्तैनी जमीन से बेदखल करने और उत्पीड़न करने की कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाई जाए तथा ग्रामीणों पर वन विभाग द्वारा लगाए मुकदमें समाप्त करें। चौपाल में रामश्रय यादव, गगुलु राम, डा. मुंशी, रामबरन, रामनरेश कोल, देवीशरण, विश्वनाथ, भोला, विजयी, दशमी, सियाराम, तसउअर अली, विशुन नरायण आदि मौजूद रहे।
स्वराज अभियान के नेता व मजदूर किसान मंच के जिला प्रभारी अजय राय ने कहा कि कोर्ट के आदेश के बाद भी वन विभाग ने मुसाखाड़ गांव के लोगों द्वारा दिए गए चार सौ दावों में मात्र 51 दावों पर ही सुनवाई की गई। जबकि वन विभाग ने बिना सुने 13 हजार नौ सौ 88 दावों को खारिज कर दिया। जिसकी सुनवाई हर हालात में होनी चाहिए। कहा कि वन विभाग द्वारा वनाधिकार कानून के तहत दावा करने वाले ग्रामीणों को उनकी पुश्तैनी जमीन से बेदखल किया जा रहा है और ऐसी जमीनों पर गड्ढे खुदवाएं जा रहे हैं। वन विभाग ने बड़े पैमाने पर ग्रामीणों पर मुकदमें कायम कर दिए हैं और लगातार उत्पीड़न किया जा रहा है। माकपा के तहसील सचिव शंभु नाथ यादव ने कहा कि जिला प्रशासन पुश्तैनी जमीन से बेदखल करने और उत्पीड़न करने की कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाई जाए तथा ग्रामीणों पर वन विभाग द्वारा लगाए मुकदमें समाप्त करें। चौपाल में रामश्रय यादव, गगुलु राम, डा. मुंशी, रामबरन, रामनरेश कोल, देवीशरण, विश्वनाथ, भोला, विजयी, दशमी, सियाराम, तसउअर अली, विशुन नरायण आदि मौजूद रहे।
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