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आशा बहुओं ने सरकार खिलाफ बुलंद किया आवाज
Updated Tue, 05 Dec 2017 12:25 AM IST
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मुगलसराय। मानदेय वृद्धि, आशा केंद्रों की स्थापना के साथ ही सामाजिक सुरक्षा जैसे अहम मांग को लेकर आशा बहुएं सोमवार को चंदौली जिला मुख्यालय के बिछियां धरना स्थल पर आंदोलित रहीं। सरकार के खिलाफ धरना-प्रदर्शन कर नारेबाजी की और महंगाई को देखते हुए मानदेय वृद्धि करने की मांग की।
इस मौके पर आशा बहुओं ने कहा कि हम सभी सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं को गांव तक पहुंचाने में पूर्ण सहयोगी देती हैं। सरकार द्वारा संचालित टीकाकरण, पल्स पोलियो जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर हिस्सेदारी करती हैं। बावजूद इसके सरकार हमारे हितों की लगातार अनदेखी कर रही है। सरकार में बैठे लोग आशा बहुओं की मांगों को नजर अंदाज कर रहे हैं, जो पूरी तरह अनुचित है। कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में आशा केंद्रों की स्थापना कर वहां सुविधाएं मुहैया कराया जाना अत्यंत आवश्यक है, ताकि ग्रामीण आबादी को इन केंद्रों के जरिए त्वरित लाभ पहुंचाया जा सके। इसके अतिरिक्त कार्यरत आशाओं का मानदेय सम्मानजनक किया जाए, ताकि आजीविका के संचालन में आर्थिक समस्याएं न खड़ी हों। आशाओं की सामाजिक सुरक्षा की व्यवस्था सरकार को करनी चाहिए। कहा कि हम सभी अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाने की लगातार कोशिश कर रही हैं, बावजूद जिला प्रशासन द्वारा इसके लिए कोई पहल नहीं की गयी। इस दौरान सैकड़ो आशा बहुएं मौजूद रहीं।
इस मौके पर आशा बहुओं ने कहा कि हम सभी सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं को गांव तक पहुंचाने में पूर्ण सहयोगी देती हैं। सरकार द्वारा संचालित टीकाकरण, पल्स पोलियो जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर हिस्सेदारी करती हैं। बावजूद इसके सरकार हमारे हितों की लगातार अनदेखी कर रही है। सरकार में बैठे लोग आशा बहुओं की मांगों को नजर अंदाज कर रहे हैं, जो पूरी तरह अनुचित है। कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में आशा केंद्रों की स्थापना कर वहां सुविधाएं मुहैया कराया जाना अत्यंत आवश्यक है, ताकि ग्रामीण आबादी को इन केंद्रों के जरिए त्वरित लाभ पहुंचाया जा सके। इसके अतिरिक्त कार्यरत आशाओं का मानदेय सम्मानजनक किया जाए, ताकि आजीविका के संचालन में आर्थिक समस्याएं न खड़ी हों। आशाओं की सामाजिक सुरक्षा की व्यवस्था सरकार को करनी चाहिए। कहा कि हम सभी अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाने की लगातार कोशिश कर रही हैं, बावजूद जिला प्रशासन द्वारा इसके लिए कोई पहल नहीं की गयी। इस दौरान सैकड़ो आशा बहुएं मौजूद रहीं।
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