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मधुबन गांव में शौचालय के लिए वनवासियों ने किया विरोध प्रदर्शन
Updated Thu, 28 Sep 2017 01:03 AM IST
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सकलडीहा। केंद्र व प्रदेश सरकार के लाख प्रयास के बाद भी अधिकारियों की लापरवाही के कारण स्वच्छता मिशन में कोई सुधार नहीं हो रहा है। आलम यह है कि विकास खंड के मधुबन गांव में डायरिया से छह लोगों की मौत होने के बाद वहां पर शौचालय बनाए जाने की घोषणा जिला प्रशासन द्वारा की गई थी। लेकिन आधा-अधूरा निमार्ण कार्य होने से नाराज वनवासी बस्ती की महिलाओं ने जिला प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
जुलाई माह में डायरिया के प्रकोप से आधा दर्जन ग्रामीणों की मौत हो गई थी। घटना के बाद जिला प्रशासन से लेकर प्रदेश सरकार के मंत्री और विधायक तक हरकत में आए। और शौचालय निर्माण की बात शुरू हुई लेकिन दो महीने बाद भी शौचालय नहीं बन सका। जिसको लेकर महिलाओं ने जिला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का कहना रहा कि जहां स्वच्छता अभियान जोरशोर से चल रहा है। वहीं मधुबन के लोगों को शौचालय निर्माण कार्य को पूरा कराने के लिए प्रदर्शन करना पड़ रहा है। इस संबंध में डीपीआरओ अनिल कुमार सिंह ने शौचालय के लिए धन आवंटित किए जाने की बात को स्वीकार किया। कहा कि शौचालय का निमार्ण कार्य कब पूरा होगा कुछ कह नहीं सकते।
जुलाई माह में डायरिया के प्रकोप से आधा दर्जन ग्रामीणों की मौत हो गई थी। घटना के बाद जिला प्रशासन से लेकर प्रदेश सरकार के मंत्री और विधायक तक हरकत में आए। और शौचालय निर्माण की बात शुरू हुई लेकिन दो महीने बाद भी शौचालय नहीं बन सका। जिसको लेकर महिलाओं ने जिला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का कहना रहा कि जहां स्वच्छता अभियान जोरशोर से चल रहा है। वहीं मधुबन के लोगों को शौचालय निर्माण कार्य को पूरा कराने के लिए प्रदर्शन करना पड़ रहा है। इस संबंध में डीपीआरओ अनिल कुमार सिंह ने शौचालय के लिए धन आवंटित किए जाने की बात को स्वीकार किया। कहा कि शौचालय का निमार्ण कार्य कब पूरा होगा कुछ कह नहीं सकते।
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