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आत्मा का परमात्मा से मिलन ही योग है: आचार्य रुद्र
Updated Sat, 12 Aug 2017 01:08 AM IST
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नई बाजार। स्थानीय कस्बा में स्थित योग सभागार में शुक्रवार को योग के महत्व पर एक गोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें योग के बारे में जानाकरी दी गई और बताया गया कि आत्मा का परमात्मा से मिलन ही योग है। कार्यक्रम के शुभारंभ में लोगों ने योग पर आधारित भजन और वंदना भी प्रस्तुत किया।
मुख्य वक्ता आनंदमार्गी आचार्य रुद्र शिवानंद अवधूत ने कहा कि योग निरोगित रहने तथा शरीर को सुदृढ़ रखने तक ही सीमित नहीं है। बल्कि आध्यात्मिकता से भी संबंध रखता है। कहा कि आध्यात्मिक एंव धार्मिक संस्था आनंद मार्ग प्रचारक संघ के अनुसार योग की परिभाषा संयोगों, योगों, जीव आत्मा तथा परमात्मा से है। अर्थात अणु चेतन का सूक्ष्म चैतन्य, जीव का शिव तथा आत्मा का परमात्मा में मिलन ही योग है। कहा कि आसन योग का सबसे सूक्ष्म भाग है। बताया कि आसन आध्यात्मिक साधना में मदद करता है। इस दौरान डा. रंजय पांडेय, हीरा पाठक, राजेश मास्टर, प्रधान राजकुमारी देवी, जयवाणी देवी, अजय पांडेय आदि ने विचार व्यक्त किया। कार्यक्रम की शुरुआत योग पर आधारित भजन से किया गया।
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