{"_id":"5c76df66bdec224a611c2344","slug":"101551294310-chandauli-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कुपोषित बच्ची को एनआरसी में कराया भर्ती","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कुपोषित बच्ची को एनआरसी में कराया भर्ती
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
कुपोषित बच्ची को एनआरसी में कराया भर्ती
अमर उजाला ब्यूरो
शिकारगंज। क्षेत्र के पुरवा डिबरी गांव में वर्ष 2018 में पाई गई अति कुपोषित बच्ची फिजा परवीन के परिजनों को प्रेरित कर रोजा संस्थान के सदस्यों ने बुधवार को चकिया संयुक्त चिकित्सालय में बने पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) में भर्ती कराया। इस एनआरसी में भर्ती सात अन्य अतिकुपोषित बच्चों की देखभाल की जा रही है।
संस्थान की पूजा ने बताया कि बुधवार को भर्ती कराई गई बच्ची को अभी तक कोई टीका नहीं लगा है। साथ ही वह पोषाहार से भी अभी तक वंचित है। भारत में बाल अधिकार पर कार्य कर रही क्राई के सहयोग से सामाजिक संगठन रोजा संस्थान ने 18 दिसंबर 2017 को जन्मी फिजा के परिजनों को परामर्श देकर व प्रेरित कर उसे एनआरसी में भर्ती कराया। यहां जांच में 14 माह की बच्ची का वजन वजन पांच किलो 600 ग्राम पाया गया जबकि उम्र के हिसाब से उसका वजन सात किलो 400 ग्राम होना चाहिए था। एनआरसी में समन्वयक शिवनारायन शर्मा, काउंसलर संध्या और डा. विनोद कुमार बिंद ने बच्ची की उचित देखभाल पर चर्चा की।
अमर उजाला ब्यूरो
शिकारगंज। क्षेत्र के पुरवा डिबरी गांव में वर्ष 2018 में पाई गई अति कुपोषित बच्ची फिजा परवीन के परिजनों को प्रेरित कर रोजा संस्थान के सदस्यों ने बुधवार को चकिया संयुक्त चिकित्सालय में बने पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) में भर्ती कराया। इस एनआरसी में भर्ती सात अन्य अतिकुपोषित बच्चों की देखभाल की जा रही है।
संस्थान की पूजा ने बताया कि बुधवार को भर्ती कराई गई बच्ची को अभी तक कोई टीका नहीं लगा है। साथ ही वह पोषाहार से भी अभी तक वंचित है। भारत में बाल अधिकार पर कार्य कर रही क्राई के सहयोग से सामाजिक संगठन रोजा संस्थान ने 18 दिसंबर 2017 को जन्मी फिजा के परिजनों को परामर्श देकर व प्रेरित कर उसे एनआरसी में भर्ती कराया। यहां जांच में 14 माह की बच्ची का वजन वजन पांच किलो 600 ग्राम पाया गया जबकि उम्र के हिसाब से उसका वजन सात किलो 400 ग्राम होना चाहिए था। एनआरसी में समन्वयक शिवनारायन शर्मा, काउंसलर संध्या और डा. विनोद कुमार बिंद ने बच्ची की उचित देखभाल पर चर्चा की।
विज्ञापन