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औद्योगिक क्षेत्र की सड़क बनाने में भी खेल

Sat, 30 Jun 2018 01:24 AM IST
Updated Sat, 30 Jun 2018 01:24 AM IST
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औद्योगिक क्षेत्र की सड़क बनाने में भी खेल

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मुगलसराय। रामनगर औद्योगिक क्षेत्र में जहां फैक्ट्रियां हैं और सड़कें सबसे अधिक खराब हैं वहां सड़क का निर्माण न कराकर वहां सड़क बनाई जा रही है जहां खाली प्लाट हैं। इससे उद्यमियों में हैरानी है। रामनगर औद्योगिक क्षेत्र समस्याओं से जूझ रहा है। यहां की सबसे बड़ी समस्या नाली की सफाई न होना और क्षतिग्रस्त सड़क है। सबसे खराब स्थिति फेज टू की है। लगातार जल भराव से सड़कों की हालत दयनीय हो गई है। गड्ढे इतने बड़े हो गए हैं कि सड़क से गुजरना खतरनाक हो गया है।
460 एकड़ में फैैले रामनगर औद्योगिक क्षेत्र फेज वन और दो में मिलाकर कुल 175 छोटी बड़ी इकाइयां हैं। इसमें सबसे खराब स्थिति फेज दो की है। यह इलाका दो नहरों से तीन ओर से घिरा हुआ है। यहां की सड़कों पर जल भराव रहता है। बारिश में तो ये सड़के झील की तरह दिखने लगती हैं। स्थिति नारकीय हो जाती है। प्रदेश सरकार औद्योगिक क्षेत्र को माडल क्षेत्र बनाने की घोषणा कर चुकी है। साढे़ आठ करोड़ की लागत से सड़कों की मरम्मत की घोषणा की गई। इसके तहत 11 मार्च को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और चंदौली सांसद डॉ. महेंद्र नाथ ऊपांडेय ने औद्योगिक क्षेत्र में सड़कों के निर्माण का शिलान्यास किया। सड़कों की मरम्मत का काम आरईएस (ग्रामीण अभियंत्रण सेवा) को दिया गया है। सड़क के निर्माण का कार्य शुरू हो गया है। सड़कों के मरम्मत की शुरूआत फेज वन से की गई। लेकिन फेज टू में उस इलाके से काम शुरू किया गया है जहां कोई फैक्टरी ही नहीं है और प्लाट खाली हैं। दूसरी तरफ फेज दो की लेन दो की सड़कें झील में तब्दील हैं। यहां फैक्ट्रियों तक जाने का रास्ता नहीं है और बारिश में यहां ताला जड़ने की स्थिति है। इस संबध में आरईएस के एक्सईएन केसी श्रीवास्तव ने बताया कि काम तेज गति से चल रहा है। जहां पानी भरा है, वहां भी पानी निकाल कर सड़क मरम्मत कराई जाएगी।
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लंबे समय से सड़क मरम्मत की मांग की जा रही है और जब काम शुरू हुआ तो दूसरी तरफ से किया गया है। ऐसा क्यों किया गया समझ के परे है। कुल मिलाकर पूरा औद्योगिक क्षेत्र ही समस्याग्रस्त है। कार्य इमानदारी से नहीं होगा तो परेशानी हो सकती है।
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उद्यमी, दिनेश राय
पूरा औद्योगिक क्षेत्र ही समस्याओं से ग्रस्त है। जल भराव की समस्या तो लंबे समय से बनी है। यदि समय से नालियों की सफाई करा दी जाती तो जल भराव की स्थिति नहीं होती। विभाग अपनी कमियों को छिपाने के लिए मरम्मत दूसरी तरफ से करा रहा है।
उद्यमी, संदीप सिंह







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औद्योगिक क्षेत्र की सड़क बनाने में भी खेल
इकाइयों के पास जर्जर सड़क पर हुआ है जल भराव
खाली प्लाट के पास बनाई जा रही है सड़क
अमर उजाला ब्यूरो
सचित्र-08, 09, 10 और 11
मुगलसराय। रामनगर औद्योगिक क्षेत्र में सड़क निर्माण में भी विभागीय खेल चल रहा है। स्थिति यह है कि जहां सर्वाधिक आवश्यकता है और फैक्टरियां संचालित हैं वहां सड़क पर जल भराव की स्थिति है और सड़क नहीं बनी है। दूसरी तरफ ग्रामीण अभियंत्रण विभाग खाली प्लाट में सड़क बना रहा है। विभाग के इस खेल को लेकर उद्यमी भी हैरान हैं। रामनगर औद्योगिक क्षेत्र समस्याओं से जूझ रहा है। यहां की सबसे बड़ी समस्या नाली सफाई न होना और क्षतिग्रस्त सड़क है। सबसे खराब स्थिति फेज टू के इलाके की है। नालियों के क्षतिग्रस्त होने और उसकी साफ सफाई न होने से पानी की निकासी नहीं हो पा रही है। इसका नतीजा यह है कि फैक्टरियों से निकलने वाला पानी सड़कों पर जमा हो रहा है। लगातार जल भराव से सड़कों की हालत दयनीय हो गई है। गड्ढे इतने बड़े हो गए हैं कि सड़क से गुजरना खतरे से खाली नहीं है। 460 एकड़ में फैैले रामनगर औद्योगिक क्षेत्र फेज वन और दो में मिलाकर कुल 175 छोटी बड़ी इकाइयां हैं। इसमें सबसे खराब स्थिति फेज दो की है। यह इलाका दो नहरों से तीन ओर से घिरा हुआ है। बारिश के पहले से ही यहां की सड़कें झील में तब्दील है। अब तो बारिश शुरू हो गई है। ऐसे में स्थिति और नारकीय होती जा रही है। प्रदेश सरकार औद्योगिक क्षेत्र को माडल क्षेत्र बनाने की घोषणा कर चुकी है। साढे आठ करोड़ की लागत से सड़कों की मरम्मत की घोषणा की गई। इसके तहत 11 मार्च को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और चंदौली सांसद डॉ. महेंद्र नाथ ऊपांडेय ने औद्योगिक क्षेत्र में सड़कों के निर्माण का शिलान्यास किया। सड़कों की मरम्मत का काम आरईएस (ग्रामीण अभियंत्रण सेवा) को दी। सड़कों के निर्माण की शुरूआत हुई लेकिन इसमें विभाग ने खेल कर दिया। उपर के दबाव में सड़कों वे मरम्मत की शुरूआत फेज वन से की गई। यहां तक तो स्थिति ठीक थी लेकिन फेज टू में उस इलाके से काम शुरू किया गया है जहां कोई फैक्टरी ही नहीं है और प्लाट खाली पड़े हैं। दूसरी तरफ फेज दो की लेन दो की सड़कें झील में तब्दील हैं। यहां फैक्टरियों तक जाने का रास्ता नहीं है और बारिश में यहां ताला जड़ने की स्थिति है। इस संबध में आरईएस के एक्सईएन केसी श्रीवास्तव ने बताया कि काम तेज गति से चल रहा है। जहां पानी भरा है, वहां भी पानी निकाल कर सड़क मरम्मत कराई जाएगी।
इनसेट-
01. लंबे समय से सड़क मरम्मत की मांग की जा रही है और जब काम शुरू हुआ तो दूसरी तरफ से किया गया है। ऐसा क्यों किया गया समझ के परे है। कुल मिलाकर पूरा औद्योगिक क्षेत्र ही समस्याग्रस्त है। जब तक इमानदारी से प्रयास नहीं किया जाएगा तब तक कुछ नहीं हो सकता।

उद्यमी, दिनेश राय
02. पूरा औद्योगिक क्षेत्र ही समस्याओं से ग्रस्त है। जल भराव की समस्या तो लंबे समय से बनी है। यदि समय से नालियों की सफाई करा दी जाती तो जल भराव की स्थिति नहीं होती। विभाग अपनी कमियों को छिपाने के लिए मरम्मत दूसरी तरफ से करा रहा है।
उद्यमी, संदीप सिंह
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