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कुपोषण की रोकथाम के बारे में दी जानकारी
Updated Thu, 21 Dec 2017 01:21 AM IST
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चंदौली। शबरी संकल्प अभियान के तहत मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। इसमें पांच विभागों के प्रतिनिधियों को अभियान के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। बताया गया कि शबरी संकल्प अभियान का उद्देश्य बच्चों के कुपोषण दर में कमी लाना है। मुख्य विकास अधिकारी एके सिंह चंद्रौल ने अभियान के क्रियान्वयन हेतु अधिकारियों को निर्देशित किया। सीडीओ ने कहा कि सरकार ने जो आंकड़े जारी किए हैं उसके अनुसार विश्व का प्रत्येक तीसरा कुपोषित बच्चा भारत से हैं और भारत का हर पांचवां कुपोषित बच्चा उत्तर प्रदेश से है।
प्रदेश में कुपोषण की रोकथाम के लिए शासन स्तर से शबरी संकल्प अभियान संचालित करने का निर्णय लिया गया है। इस अभियान में एक तरफ जहां लाभार्थियों को मिलने वाली सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी वहीं दूसरी तरफ विभाग के आधारभूत ढांचे और अनुश्रवण व्यवस्था को भी प्रभावी बनाया जाएगा। अभियान का उद्देश्य जनपद में तीन वर्ष की आयु वाले बच्चों में कुपोषण की दर में दिसंबर 2018 तक दो प्रतिशत की कमी लाना है। जिला कार्यक्रम अधिकारी शैलेंद्र राय ने कुपोषण के कारण, रोकथाम और अभियान में शामिल विभागों की भूमिका के बारे में जानकारी दी। प्रशिक्षण में स्वास्थ्य विभाग, आईसीडीएस, पंचायती राज विभाग, ग्राम्य विकास और खाद्य विभाग के प्रतिनिधियों ने प्रतिभाग किया।
प्रदेश में कुपोषण की रोकथाम के लिए शासन स्तर से शबरी संकल्प अभियान संचालित करने का निर्णय लिया गया है। इस अभियान में एक तरफ जहां लाभार्थियों को मिलने वाली सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी वहीं दूसरी तरफ विभाग के आधारभूत ढांचे और अनुश्रवण व्यवस्था को भी प्रभावी बनाया जाएगा। अभियान का उद्देश्य जनपद में तीन वर्ष की आयु वाले बच्चों में कुपोषण की दर में दिसंबर 2018 तक दो प्रतिशत की कमी लाना है। जिला कार्यक्रम अधिकारी शैलेंद्र राय ने कुपोषण के कारण, रोकथाम और अभियान में शामिल विभागों की भूमिका के बारे में जानकारी दी। प्रशिक्षण में स्वास्थ्य विभाग, आईसीडीएस, पंचायती राज विभाग, ग्राम्य विकास और खाद्य विभाग के प्रतिनिधियों ने प्रतिभाग किया।
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