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डेंगू रोग पर प्रभावी नियंत्रण व उपचार पर किया मंथन
Updated Sun, 23 Jul 2017 12:50 AM IST
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चंदौली। आईडीएसपी यूनिट की ओर से जनपद के नर्सिंग होम, क्लिनिक व पैथालॉजी संचालकों की बैठक शनिवार को मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय सभागार में हुई। इसमें वैक्टर जनित बीमारी डेंगू पर प्रभावी नियंत्रण, उपचार एवं जांच के बारे में विस्तारपूर्वक चर्चा की गई। ऐसे रोगों से लड़ने के लिए चिकित्सकों व संचालकों का सीएमओ डा. पीके मिश्रा ने आह्वान किया। कहा कि इस अभियान को सफल बनाना हम सभी की जिम्मेदारी है।
इस अवसर पर सीएमओ डा. पीके मिश्रा ने कहा कि डेंगू का उपचार नेशनल गाइडलाइन फार डेंगू ट्रिटमेंट के आधार पर करना है। क्योंकि डेंगू, मलेरिया, काला जार, चिकनगुनिया आदि बीमारियों को नौ नवंबर 2016 को प्रदेश सरकार द्वारा नोटिफाइबुल बीमारी घोषित किया जा चुका है। इन रोगों से बचाव के लिए लोगों को जागरूक करना होगा। इतना ही नहीं इन रोगों से पीड़ित मरीजों को समय से चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध करानी होगी। नर्सिंग होम एवं पैथालॉजी संचालक बीमारियों के जांच की सूचना तत्काल कार्यालय को उपलब्ध कराएं। सूचना देने में लापरवाही करने वाले पैथालॉजी संचालकों व चिकित्सकों पर कड़ी कार्यवाही के भी प्राविधान हैं। एडीशनल सीएमओ डा. नीलम ओझा ने कहा कि क्लिनिकों व आवासों में डेंगू रोगों के जनक मच्छर उत्पन्न न होने दें। कूलर की साफ-सफाई के साथ-साथ आसपास टायर, टूटे बर्तनों आदि कंटेनरों को तत्काल नष्ट कर दें। जिला मलेरिया अधिकारी ने कहा कि डेंगू रोग का मच्छर साफ पानी में पनपता है। इसलिए आसपास जलजमाव न होने दें। इस दौरान मनोज कुमार, अजय मिश्रा, अनिल कुमार दुबे, निरंजन पांडेय, मृत्युंजय मिश्रा आदि उपस्थित रहे। संचालन एसके मिश्रा ने किया।
इस अवसर पर सीएमओ डा. पीके मिश्रा ने कहा कि डेंगू का उपचार नेशनल गाइडलाइन फार डेंगू ट्रिटमेंट के आधार पर करना है। क्योंकि डेंगू, मलेरिया, काला जार, चिकनगुनिया आदि बीमारियों को नौ नवंबर 2016 को प्रदेश सरकार द्वारा नोटिफाइबुल बीमारी घोषित किया जा चुका है। इन रोगों से बचाव के लिए लोगों को जागरूक करना होगा। इतना ही नहीं इन रोगों से पीड़ित मरीजों को समय से चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध करानी होगी। नर्सिंग होम एवं पैथालॉजी संचालक बीमारियों के जांच की सूचना तत्काल कार्यालय को उपलब्ध कराएं। सूचना देने में लापरवाही करने वाले पैथालॉजी संचालकों व चिकित्सकों पर कड़ी कार्यवाही के भी प्राविधान हैं। एडीशनल सीएमओ डा. नीलम ओझा ने कहा कि क्लिनिकों व आवासों में डेंगू रोगों के जनक मच्छर उत्पन्न न होने दें। कूलर की साफ-सफाई के साथ-साथ आसपास टायर, टूटे बर्तनों आदि कंटेनरों को तत्काल नष्ट कर दें। जिला मलेरिया अधिकारी ने कहा कि डेंगू रोग का मच्छर साफ पानी में पनपता है। इसलिए आसपास जलजमाव न होने दें। इस दौरान मनोज कुमार, अजय मिश्रा, अनिल कुमार दुबे, निरंजन पांडेय, मृत्युंजय मिश्रा आदि उपस्थित रहे। संचालन एसके मिश्रा ने किया।
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