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शहर में 10 और गांव में 5 घंटे मिल रही बिजली

Sat, 21 May 2022 11:09 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 21 May 2022 11:09 PM IST
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10 hours in the city and 5 hours in the village electricity
पीडीडीयू नगर के कैलाशपुरी में लगाया जा रहा ट्रांसफार्मर। संवाद - फोटो : CHANDAULI
पीडीडीयू नगर। जिले में बिजली व्यवस्था बेपटरी हो गई है। 24 घंटे बिजली आपूर्ति के दावे की हकीकत यह है कि नगर में 10-12 और ग्रामीण क्षेत्रों में मात्र 4-5 घंटे ही बिजली रह रही है। नगर में बिजली की अनियमित और बार-बार कटौटी से लोग परेशान हैं। नगर में 24 घंटे में 50 से ज्यादा बार बिजली कट रही है। यानी आधे घंटे से ज्यादा कभी बिजली नहीं रह रही है। शनिवार को नगर में बिजली कटौती से इंटवर्टर भी जवाब दे गए। लोग भीषण गर्मी में काफी परेशान रहे। बिजली न होने से पानी की समस्या विकराल हो गई है। वहीं विभागीय अधिकारी तारों के टूटने व ट्रांसफार्मरों के जलने का कारण बढ़े लोड व हीटिंग पर डालकर पल्ला झाड़ ले रहे हैं।
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नगर में शुक्रवार को कैलाशपुरी मोहल्ले व दामोदरदास पोखरा के समीप लगा ट्रांसफार्मर जल जाने से पूरी रात बिजली गायब रही। नगर के पॉश कॉलोनी में शुमार कैलाशपुरी में लगा 600 केवीए का ट्रांसफार्मर शुक्रवार की रात साढ़े नौ बजे के करीब तेज धमाके के साथ जल गया। इससे करीब पांच सौ घरों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। मोहल्ले के लोगों की शिकायत के बाद भी विभाग मोबाइल ट्रांसफार्मर की व्यवस्था नहीं कर पाया, जिससे पूरी रात और शनिवार की सुबह बिजली गायब रही। बिजली जाने के करीब 14 घंटे बाद शनिवार की पूर्वाह्न 11 बजे मोबाइल ट्रांसफार्मर लगाए जाने के बाद बिजली आई। इससे सुबह लोगों को पानी के लिए भी खासा परेशान होना पड़ा। वहीं, दामोदरदास पोखरे के समीप लगा 100 केवीए का ट्रांसफार्मर भी शुक्रवार की रात जल गया। शनिवार की दोपहर विभागीय कर्मचारियों ने तीन बजे के करीब नया ट्रांसफार्मर लगाना शुरू किया, जिसमें उन्हें करीब दो घंटे लग गए। इससे इसी फेज से जुड़े कैलाशपुरी मोहल्ले की आपूर्ति भी बाधित रही। लगातार कई घंटे तक बिजली न रहने से लोगों के घरों में लगे इन्वर्टर की बैट्रियां भी जवाब दे गईं और उमसभरी गर्मी में लोगों का हाल बेहाल रहा। इसके पूर्व बृहस्पतिवार को चंदासी उपखंड से जुड़े फेस संख्या तीन में हाईटेंशन तार सहित उलटी तारों के कई बार टूटने से आपूर्ति बाधित होती रही। फेस से जुड़े ओड़वार में 11 हजार वोल्ट का तार टूटने से आपूर्ति बाधित हो गई। विभागीय कर्मियों ने दो घंटे में टूटे तारों की मरम्मत कर आपूर्ति चालू तो की पर इसके बाद कई स्थानों पर एलटी तारों के टूटने से दर्जनों बार बिजली आती व जाती रही। वहीं इसी दिन रविनगर में ट्रांसफार्मर से जुड़े केबिल जल जाने से आपूर्ति तीन घंटे तक बाधित रही। इसके बाद भी कभी एलटी तारों के टूटने तो कभी डीओ उड़ने के कारण बिजली आती व जाती रही। बिजली की अंधाधुंध कटौती से लोग परेशान रहे।
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लोड बढ़ने व हीटिंग के कारण तार टूट रहे हैं। वहीं ट्रांसफार्मर भी जल जा रहे हैं। जर्जर तारों को बदलने व उच्च क्षमता के ट्रांसफार्मर लगाने के लिए शासन से धन मिल चुका है। गर्मी का प्रकोप कम होने के बाद एबीसी तारों को लगाने व ट्रांसफार्मरों को बदलने का कार्य आरंभ कर दिया जाएगा। - प्रवीन कुमार सिंह, एक्सईएन, विद्युत वितरण उपखंड-2, मुगलसराय।
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बिजली की आवाजाही से लोग सो नहीं पा रहे
कंदवा। क्षेत्र में अमड़ा उपकेंद्र से जुड़े गांवों के उपभोक्ता बिजली न मिलने से भीषण उमसभरी गर्मी में परेशान हैं। उपकेंद्र से असना, ककरैत, ररूआ, जेवरियाबाद, धीना और विश्व बैंक फीडर से जुड़े गांवों के उपभोकताओं को पर्याप्त बिजली नहीं मिल पा रही है। दिन हो या रात, बिजली की आवाजाही से लोग परेशान हैं।
तार टूटने पर घंटों बाधित रह रही आपूर्ति
ताराजीवनपुर। उमस भरी गर्मी में हो रही बिजली की कटौती आम लोगों के लिए मुसीबत बन गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में मात्र पांच से छह घंटे ही बिजली मिल रही है। वहीं जर्जर तार और खंभे दुर्घटना को दावत दे रहे हैं। तारों के बार-बार टूटने से घंटों विद्युत आपूर्ति बाधित रह रही है। तपती गर्मी व उमस में बिजली कटौती के का बाद पेड़ के छांव या तो हाथ के पंखे का सहारा ले रहे हैं।
उमसभरी गर्मी में बिजली कटौती लोगों को परेशान कर दे रही है। ऊपर से जर्जर तारों के टूटने कारण अक्सर दुर्घटना होने का भय ग्रामीणों को सता रहा है। - गुड्डू यादव, नसीरपुर पट्टन।
तपती धूप में घर वापस आने के बाद बिजली गुल होने पर गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच जाता है लेकिन विवशता में कोई कुछ नहीं कर पाता। - सलमान, अलीनगर।
ग्रामीण क्षेत्र में पहले गेहूं में आग लगने का बहाना बनाकर बेतहाशा बिजली कटौती की जाती थी लेकिन कटौती बंद होने के बाद भी चंद घंटे ही बिजली मिल रही है। - मुस्तफापुर।

जर्जर तार व खंभों के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में लो वोल्टेज की वजह से विद्युत से चलने वाले सभी उपकरण ठप हो जा रहे हैं। इनको बदलने की जहमत विभागीय अधिकारी नहीं उठाते। - राकेश तिवारी, कोरी।
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