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गहराने लगा पानी का संकट
ब्यूरो/अमर उजाला, बुलंदशहर
Updated Thu, 02 Jun 2016 10:28 PM IST
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पेयजल संकट
- फोटो : अमर उजाला
बिजली कटौती ने जिलेभर में पानी के लिए हाहाकार मचा दिया है। नगर के आठ लाख लोगों को बिजली-पानी समस्या से जूझना पड़ रहा है। गांवों में तो स्थिति इतनी बदतर है कि महज दो से चार घंटे ही बिजली मिल पा रही है।
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इसी प्रकार तहसील और कस्बों में भी बिजली कटौती से बुरा हाल है। बुलंदशहर, सिकंदराबाद, शिकारपुर, खुर्जा, पहासू, छतारी, स्याना, औरंगाबाद आदि क्षेत्रों में जबरदस्त बिजली संकट है।
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जिले की बिजली की मांग और आपूर्ति में अंतर बढ़ता जा रहा है। बुधवार को ट्रांसमिशन पर बिजली की डिमांड 950 मेगावाट दर्ज की गई, जबकि इसके सापेक्ष महज 550 मेगावाट बिजली सप्लाई की जा सकी।
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मांग-आपूर्ति के बीच बढ़ रहा अंतर जिले में बिजली संकट गहरा रहा है।विभागीय अफसर इमरजेंसी रोस्टरिंग का तर्क दे रहे हैं वहीं ट्रांसमिशन अफसरों से लोकल फॉल्ट की बात कही जाती है।
कहां हैं पालिका के जेनरेटर
पालिका अफसर दावे करते हैं कि जेनरेटर से नगर क्षेत्र में पानी की सप्लाई की जाती है, लेकिन अधिकतर कॉलोनियों में सुबह और शाम पानी की आपूर्ति सुचारु रूप से नहीं की जा रही है।