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Bulandshahar News: बारिश से भीगा मंडी में रखा धान आंधी से बिजली गुल, बढ़ी चिंता
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स्याना अनाज मंडी में बारिश से भीगी धान की बोरियां। संवाद
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बुलंदशहर/स्याना/बुगरासी/नरौरा। अचानक बदले मौसम ने जिले में किसानों से लेकर आम लोगों तक की परेशानी बढ़ा दी है। शुक्रवार को कहीं तेज बारिश हुई तो कहीं बूंदाबांदी से मौसम बदल गया। स्याना की नवीन मंडी में खुले में रखा धान बारिश में भीग गया। नरौरा में तेज आंधी और बारिश के कारण कई स्थानों पर पेड़ और बिजली के खंभे गिर गए।
विद्युत लाइनें क्षतिग्रस्त होने से नगर सहित आसपास के क्षेत्रों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। कृषि विज्ञान केंद्र के मौसम वैज्ञानिकों ने आगे भी बारिश की संभावना जताई है।
धान भीगने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। धान में नमी बढ़ने से उसकी गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। इससे खरीद के दौरान गुणवत्ता और उचित भाव मिलने में परेशानी आने की आशंका है।
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बारिश के दौरान किसानों को अपनी उपज सुरक्षित रखने के लिए मशक्कत करनी पड़ी। बुगरासी क्षेत्र में करीब आधे घंटे तक बारिश होने के बाद धूप निकल आई लेकिन दो घंटे बाद फिर बूंदाबांदी शुरू हो गई।
किसान धन सिंह, श्रीचंद और जगदीश राणा ने बताया कि खेतों में पानी भरने से सब्जियों के पौधों की जड़ों पर असर पड़ सकता है। इससे पौधों के गलने और फसलों में रोग लगने का खतरा बढ़ जाता है। दलहन की फसलों पर भी बारिश का प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका है।
किसान कुंवरपाल सिंह, प्रशांत सिंह और अनिल सिंह ने बताया कि इस समय धान की कटाई और उपज को मंडियों तक पहुंचाने का काम चल रहा है। ऐसे में बारिश होने से खेतों में तैयार धान और मंडियों में रखी उपज को नुकसान पहुंच सकता है। नरौरा क्षेत्र में अचानक मौसम बदलने के साथ तेज आंधी और बारिश ने जनजीवन प्रभावित कर दिया।
कुछ स्थानों पर हल्की ओलावृष्टि भी हुई। तेज हवाओं के कारण अलग-अलग मार्गों के किनारे खड़े यूकेलिप्टस के कई पेड़ गिर गए। कई स्थानों पर बिजली के खंभे क्षतिग्रस्त हो गए। विद्युत लाइनों पर पेड़ गिरने से तार भी टूट गए। इससे नरौरा नगर सहित आसपास के क्षेत्रों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई।
दोपहर करीब 12:30 बजे बाधित हुई बिजली आपूर्ति समाचार लिखे जाने तक बहाल नहीं हो सकी थी। ऊर्जा निगम के जेई योगेश कुमार ने बताया कि क्षेत्र में आधा दर्जन से अधिक स्थानों पर बिजली के पोल क्षतिग्रस्त हुए हैं और तार टूटे हैं। बारिश बंद होने के बाद विभागीय कर्मचारी मरम्मत कार्य में जुटे हैं।
क्षतिग्रस्त खंभों और विद्युत लाइनों को ठीक कराकर आपूर्ति सुचारु की जाएगी। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 33 और न्यूनतम 22 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। आर्द्रता 48 प्रतिशत और हवा की गति आठ किलोमीटर प्रति घंटा रही।
कृषि विज्ञान केंद्र की मौसम वैज्ञानिक डॉ. रेशु सिंह ने बताया कि मौसम में बदलाव के कारण अभी बारिश की संभावना बनी हुई है। शनिवार को अधिकतम तापमान 31 और न्यूनतम 23 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
विद्युत लाइनें क्षतिग्रस्त होने से नगर सहित आसपास के क्षेत्रों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। कृषि विज्ञान केंद्र के मौसम वैज्ञानिकों ने आगे भी बारिश की संभावना जताई है।
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धान भीगने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। धान में नमी बढ़ने से उसकी गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। इससे खरीद के दौरान गुणवत्ता और उचित भाव मिलने में परेशानी आने की आशंका है।
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बारिश के दौरान किसानों को अपनी उपज सुरक्षित रखने के लिए मशक्कत करनी पड़ी। बुगरासी क्षेत्र में करीब आधे घंटे तक बारिश होने के बाद धूप निकल आई लेकिन दो घंटे बाद फिर बूंदाबांदी शुरू हो गई।
किसान धन सिंह, श्रीचंद और जगदीश राणा ने बताया कि खेतों में पानी भरने से सब्जियों के पौधों की जड़ों पर असर पड़ सकता है। इससे पौधों के गलने और फसलों में रोग लगने का खतरा बढ़ जाता है। दलहन की फसलों पर भी बारिश का प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका है।
किसान कुंवरपाल सिंह, प्रशांत सिंह और अनिल सिंह ने बताया कि इस समय धान की कटाई और उपज को मंडियों तक पहुंचाने का काम चल रहा है। ऐसे में बारिश होने से खेतों में तैयार धान और मंडियों में रखी उपज को नुकसान पहुंच सकता है। नरौरा क्षेत्र में अचानक मौसम बदलने के साथ तेज आंधी और बारिश ने जनजीवन प्रभावित कर दिया।
कुछ स्थानों पर हल्की ओलावृष्टि भी हुई। तेज हवाओं के कारण अलग-अलग मार्गों के किनारे खड़े यूकेलिप्टस के कई पेड़ गिर गए। कई स्थानों पर बिजली के खंभे क्षतिग्रस्त हो गए। विद्युत लाइनों पर पेड़ गिरने से तार भी टूट गए। इससे नरौरा नगर सहित आसपास के क्षेत्रों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई।
दोपहर करीब 12:30 बजे बाधित हुई बिजली आपूर्ति समाचार लिखे जाने तक बहाल नहीं हो सकी थी। ऊर्जा निगम के जेई योगेश कुमार ने बताया कि क्षेत्र में आधा दर्जन से अधिक स्थानों पर बिजली के पोल क्षतिग्रस्त हुए हैं और तार टूटे हैं। बारिश बंद होने के बाद विभागीय कर्मचारी मरम्मत कार्य में जुटे हैं।
क्षतिग्रस्त खंभों और विद्युत लाइनों को ठीक कराकर आपूर्ति सुचारु की जाएगी। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 33 और न्यूनतम 22 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। आर्द्रता 48 प्रतिशत और हवा की गति आठ किलोमीटर प्रति घंटा रही।
कृषि विज्ञान केंद्र की मौसम वैज्ञानिक डॉ. रेशु सिंह ने बताया कि मौसम में बदलाव के कारण अभी बारिश की संभावना बनी हुई है। शनिवार को अधिकतम तापमान 31 और न्यूनतम 23 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।

स्याना अनाज मंडी में बारिश से भीगी धान की बोरियां। संवाद