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यूपी बोर्ड : प्रमोट हुए 5,770 छात्रों के सामने अब प्रवेश का संकट
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यूपी बोर्ड : प्रमोट हुए 5,770 छात्रों के सामने अब प्रवेश का संकट
बुलंदशहर। यूपी बोर्ड ने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट का परीक्षा परिणाम घोषित कर दिया है। लेकिन इसमें 5770 छात्र ऐसे हैं, जिनके सामने अब आगामी कक्षाओं में प्रवेश लेने का संकट खड़ा हो गया है। इन छात्रों की मार्कशीट में अंक की जगह केवल प्रमोट लिखा है। स्नातक आदि कक्षाओं में यह छात्र प्रवेश कैसे लेंगे, यह बड़ी समस्या है।
कोरोना काल में यूपी बोर्ड ने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाओं को रद्द कर दिया था। बोर्ड ने कक्षा नौ, दसवीं और ग्यारहवीं के साथ इंटर की प्री-बोर्ड के अंकों के आधार पर छात्रों को अंक देकर उन्हें पास किया है। काफी छात्र ऐसे थे, जिनके अंक अपलोड नहीं हुए और उनके फार्मों में त्रुटियां थीं। बोर्ड ने ऐसे छात्रों को अंक न देकर उन्हें सीधा प्रमोट किया है। जिले में भी हाईस्कूल के ऐसे 2991 विद्यार्थी हैं। इनमें 1843 छात्र और 1148 छात्राएं हैं। जबकि इंटरमीडिएट में प्रमोट होने वाले विद्यार्थी 2879 हैं। इनमें 2,189 छात्र और 690 छात्राएं शामिल हैं। वेबसाइट से इन छात्रों की जो मार्कशीट निकली है, उसमें केवल प्रमोट लिखा है। ऐसे में अब इन छात्रों के सामने आगामी कक्षाओं में प्रवेश लेने का संकट है। सबसे ज्यादा परेशानी इंटर के छात्रों को है, क्योंकि उन्हें स्नातक में प्रवेश लेना है और विवि की मेरिट इंटर के अंकों के आधार पर ही बनती है। यह छात्र अब यूजी में अपना रजिस्ट्रेशन भी नहीं करवा सकेंगे।
क्षेत्रीय कार्यालय में कर सकते हैं शिकायत
डीआईओएस शिवकुमार ओझा ने बताया कि यूपी बोर्ड ने ऐसे छात्र-छात्राओं के लिए क्षेत्रीय कार्यालय में शिकायत प्रकोष्ठ बनाया है। वह सीधे मेरठ यूपी बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय में अपनी शिकायत दर्ज करवा सकते हैं। इसके लिए उन्हें अपने रिजल्ट की फोटो कॉपी और शिकायती पत्र साथ लेकर जाना होगा। बोर्ड रिजल्ट की सूची विभाग को प्राप्त होगी और इसके बाद ही मिलान किया जाएगा।
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बुलंदशहर। यूपी बोर्ड ने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट का परीक्षा परिणाम घोषित कर दिया है। लेकिन इसमें 5770 छात्र ऐसे हैं, जिनके सामने अब आगामी कक्षाओं में प्रवेश लेने का संकट खड़ा हो गया है। इन छात्रों की मार्कशीट में अंक की जगह केवल प्रमोट लिखा है। स्नातक आदि कक्षाओं में यह छात्र प्रवेश कैसे लेंगे, यह बड़ी समस्या है।
कोरोना काल में यूपी बोर्ड ने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाओं को रद्द कर दिया था। बोर्ड ने कक्षा नौ, दसवीं और ग्यारहवीं के साथ इंटर की प्री-बोर्ड के अंकों के आधार पर छात्रों को अंक देकर उन्हें पास किया है। काफी छात्र ऐसे थे, जिनके अंक अपलोड नहीं हुए और उनके फार्मों में त्रुटियां थीं। बोर्ड ने ऐसे छात्रों को अंक न देकर उन्हें सीधा प्रमोट किया है। जिले में भी हाईस्कूल के ऐसे 2991 विद्यार्थी हैं। इनमें 1843 छात्र और 1148 छात्राएं हैं। जबकि इंटरमीडिएट में प्रमोट होने वाले विद्यार्थी 2879 हैं। इनमें 2,189 छात्र और 690 छात्राएं शामिल हैं। वेबसाइट से इन छात्रों की जो मार्कशीट निकली है, उसमें केवल प्रमोट लिखा है। ऐसे में अब इन छात्रों के सामने आगामी कक्षाओं में प्रवेश लेने का संकट है। सबसे ज्यादा परेशानी इंटर के छात्रों को है, क्योंकि उन्हें स्नातक में प्रवेश लेना है और विवि की मेरिट इंटर के अंकों के आधार पर ही बनती है। यह छात्र अब यूजी में अपना रजिस्ट्रेशन भी नहीं करवा सकेंगे।
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क्षेत्रीय कार्यालय में कर सकते हैं शिकायत
डीआईओएस शिवकुमार ओझा ने बताया कि यूपी बोर्ड ने ऐसे छात्र-छात्राओं के लिए क्षेत्रीय कार्यालय में शिकायत प्रकोष्ठ बनाया है। वह सीधे मेरठ यूपी बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय में अपनी शिकायत दर्ज करवा सकते हैं। इसके लिए उन्हें अपने रिजल्ट की फोटो कॉपी और शिकायती पत्र साथ लेकर जाना होगा। बोर्ड रिजल्ट की सूची विभाग को प्राप्त होगी और इसके बाद ही मिलान किया जाएगा।
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