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नहीं लगने देंगे सिंभावली-ब्रजनाथपुर के गन्ना क्रय केंद्र
ब्यूरो/अमर उजाला, बुलंदशहर
Updated Tue, 20 Sep 2016 11:27 PM IST
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शुगर मिल
- फोटो : अमर उजाला
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भारतीय किसान यूनियन ने मंगलवार गांव सलेमपुर में बैठक कर किसानों की समस्याओं पर मंथन किया। इस दौरान निर्णय लिया गया कि शिम्भावली और ब्रजनाथपुर शुगर मिल के क्रय केंद्र तब तक नहीं लगने दिए जाएंगे। जब तक दोनों मिल किसानों के गन्ने का बकाया भुगतान नहीं कर देती।
बैठक की अध्यक्षता जगत सिंह तेवतिया ने और संचालन ओमप्रकाश तेवतिया ने किया। जिलाध्यक्ष कैप्टन विशन सिंह सिरोही ने बताया कि बैठक में संगठन की मजबूती के साथ आतंकी हमले में शहीद हुए सैनिकों की आत्मिक शांति के लिए प्रार्थना की गई।
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जिले में बुखार आदि बीमारी पर चिंता जताई गई। इसके साथ निर्णय लिया गया कि इस बार सिंभावली और ब्रजनाथपुर शुगर मिल के क्रय केंद्र तभी खुलने दिए जाएंगे जब वह किसानों की एक-एक पाई का हिसाब नहीं कर देंगी। इस दौरान जिले में हड़ताल पर चल रहे सरकारी और संविदा कर्मचारियों से आह्वान किया है कि वह ड्यूटी पर लौट आए।
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उनकी हड़ताल के चलते आमजन को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बैठक में सूबेदार बिजेंद्र सिंह, महेंद्र सिंह, रामकिशन, रोहताश सिंह, पहलाद सिंह, योगेंद्र सिह, तेजवीर सिंह, हरवीर सिंह, कलुआ भाटी, जवाहर सिंह, हरिनारायण शर्मा, योगेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
पांच नवंबर तक चालू होगा गन्ना पेराई सत्र
बुलंदशहर (ब्यूरो)। पांच नवंबर तक जनपद की तीनों शुगर मिलों में गन्ना पेराई सत्र का आगाज हो जाएगा। शुगर मिलों ने गन्ना विभाग के अफसरों को पेराई सत्र के क्रम में पत्र जारी कर दिया है।
मौजूदा पेराई सत्र में यहां करीब 44 हजार हेक्टेयर गन्ना बोया गया है। अबकी बार तीन से चार प्रतिशत गन्ना रकबा बढ़ा है।
खास बात यह है कि 75 फीसदी रकबा गन्ने की अगैती प्रजातियों का है। गन्ना विभाग के अफसरों का मानना है कि जो शुगर मिल पहले गन्ना खरीदना आंरभ कर देगा वह मिल मुनाफे में रहेंगे। दरअसल, अगैती प्रजातियों में रिकवरी सामान्य से कहीं अधिक मिलती है। रिकवरी अधिक होने पर चीनी का उत्पादन भी अधिक होगा।
इस गणित को चीनी मिल समझ गए हैं। इसलिए गन्ना मिलों ने नवंबर के प्रथम सप्ताह में चीनी मिल चलाने की घोषणा की है। बाकायदा इस संबंध में गन्ना विभाग को लिखकर दे दिया गया है। कुल मिलाकर पांच नवंबर तक पेराई शुरू हो जाएगी