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गंगा का रौद्र रूप : सैकड़ों पेड़-पौधे और 100 बीघा भूमि व फसल पानी में समाई

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 24 Aug 2026 10:35 PM IST
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The Ganga's Furey: Hundreds of trees and plants, along with 100 bighas of land and crops, submerged in the waters.
अनूपशहर में गंगा में समाई गन्ने की फसल को दिखाते किसान। संवाद
नरसेना/आहार/अनूपशहर/नरौरा। पिछले कई दिन से गंगा रौद्र रूप दिखा रही है। बढ़े जलस्तर के बाद से क्षेत्र में लगातार कटान जारी है। इससे वन विभाग के सैकड़ों पेड़-पौधे और 100 बीघा भूमि व फसलें पानी में समा गईं।
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अनूपशहर तहसील के खादर इलाके में उफनती गंगा नदी भारी तबाही मचा रही है। आबादी से डेढ़ किलोमीटर दूर कृषि भूमि तेजी से कटान की चपेट में आ रही है। तोरई खादर और बच्चीखेड़ा खादर के 25 से अधिक गन्ना किसानों की 100 बीघा जमीन कट चुकी है। किसानों के अनुसार, एक बीघा फसल तैयार करने में औसतन पांच हजार रुपये की लागत आती है। इस कटान से प्रत्येक किसान को कम से कम एक-एक लाख रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ है।
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किसान नेत्रपाल ने बताया कि आठ बीघा और विजेंद्र की 12 बीघा गन्ने की फसल गंगा में बह गई। हुकुम सिंह, शीशपाल और देवेंद्र जैसे किसानों के सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट है। किसानों ने शासन-प्रशासन से नुकसान का निष्पक्ष सर्वेक्षण और उचित आर्थिक सहायता मांगी है। इस मामले में एसडीएम अनूपशहर अरुण कुमार वर्मा ने बताया कि राजस्व टीम द्वारा मौके का मुआयना कर नुकसान का आकलन किया जाएगा और नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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वन विभाग और चारे का संकट
जिले में स्याना से नरौरा बैराज तक का गंगा क्षेत्र रामसर साइट कहलाता है। यहां वन विभाग की सैकड़ों एकड़ भूमि और रोपे गए पेड़-पौधे गंगा में बह गए हैं। आहार क्षेत्र में विभाग की सबसे ज्यादा जमीन है। फसलों में पानी भरने से किसानों के सामने चारे का संकट गहरा गया है। सहायक प्रभागीय वन अधिकारी प्रियंका शर्मा ने बताया कि गंगा का पानी कम होने पर ही नुकसान का पता चलेगा।
प्रभावित गांवों की स्थिति
बच्चीखेड़ा बांगर समेत गंगा किनारे के कई गांवों के खेतों में पानी भरा है। किसान हरवीर सिंह और प्रीतम सिंह ने बताया कि चारा बर्बाद हो गया है। पशुओं को भूसा खिलाकर काम चलाया जा रहा है, जिससे किसान परेशान हैं।

कोट
गंगा किनारे बसे आठ गांवों के तटीय खेतों में बारिश के कारण आधा से एक फीट पानी भर गया है। गांव की आबादी ऊंचाई पर है और पूरी तरह सुरक्षित है। प्रभावित खेतों में गन्ना और चारे की फसल है, जिसे फिलहाल कोई बड़ा नुकसान नहीं है। कुछ जगहों पर कटान जारी है। सोमवार जलस्तर में थोड़ी कमी आई है। सिद्ध बाबा घाट पर पुलिस तैनात है और प्रशासन निगरानी कर रहा है। पानी घटने पर सर्वे कर कार्रवाई की जाएगी। - लालजी विश्वकर्मा, एसडीएम स्याना।

अनूपशहर में गंगा में समाई गन्ने की फसल को दिखाते किसान। संवाद

अनूपशहर में गंगा में समाई गन्ने की फसल को दिखाते किसान। संवाद

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